प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश व प्रदेश में हुए परिवर्तन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित :  मुख्यमंत्री

आगामी 07 अक्टूबर को प्रधानमंत्री जी के गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के
प्रधानमंत्री के रूप में संवैधानिक प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष की सेवा यात्रा पूर्ण हो रही

17 सितम्बर को प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा

अभियान केवल प्रधानमंत्री जी के कार्यों का प्रचार नहीं, बल्कि सेवा, सुशासन, अन्त्योदय, राष्ट्र प्रथम और जनभागीदारी की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का अवसर

योजनाओं का लाभ समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति
तक पहुंचाना प्रधानमंत्री जी की शासन शैली की प्रमुख विशेषता

भारत अब गरीब और कमजोर देश अथवा दुनिया का पिछलग्गू राष्ट्र नहीं,
बल्कि वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने वाली ताकत के रूप में स्थापित हो चुका,
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी

12 और 13 सितम्बर को भारत में नई दिल्ली में आयोजित
हो रहा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भी नये भारत का दर्शन कराता

‘वाइब्रेंट गुजरात’ की तरह उ0प्र0 में वर्ष 2017 के बाद ‘वाइब्रेंट उ0प्र0’
की भावना के साथ बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने का कार्य हुआ

वर्ष 2014 के बाद देश में शासन की कार्य संस्कृति में बड़ा परिवर्तन आया,
पहले निर्णय लेने की प्रक्रिया लम्बे समय तक फाइलों में उलझी रहती थी,
आज निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने की संस्कृति विकसित हुई

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश ने विकास के साथ अपनी
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सम्मान देने का कार्य किया

लम्बे समय तक भारत की विरासत को लेकर एक प्रकार की झिझक
और गुलामी की मानसिकता दिखाई देती रही, वर्ष 2014 के बाद
देश इस मानसिकता से बाहर निकलने की दिशा में आगे बढ़ा
कांग्रेस शासन के लम्बे कालखण्ड में एक एम्स का निर्माण हुआ,
पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल जी के समय इनकी संख्या 07 तक पहुंची
और प्रधानमंत्री जी के कार्यकाल में यह संख्या 23 तक पहुंच गयी

प्रत्येक घर में शौचालय निर्माण केवल स्वच्छता की दृष्टि से
महत्वपूर्ण कदम नहीं, बल्कि नारी गरिमा और सम्मान से भी जुड़ा हुआ

आज जन-धन खातों और प्रत्यक्ष लाभ अन्तरण की व्यवस्था के कारण सरकार
द्वारा भेजी गई धनराशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचती, गरीब को उसका अधिकार
सीधे प्राप्त हो रहा, शासन तथा नागरिक के बीच विश्वास का सम्बन्ध मजबूत हुआ

स्टार्टअप ईकोसिस्टम, डिजिटल इण्डिया और विभिन्न
स्वरोजगार योजनाओं ने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोले

17 सितम्बर को ‘सेवा दिवस’ के अवसर पर सम्पूर्ण प्रदेश की ग्राम पंचायतों,
नगर निकायों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में ‘आशीर्वाद का दिया’ जलाया जाएगा

17 सितंबर को बड़नगर से काशी तथा काशी से
बड़नगर के लिए 10-10 यात्राएं प्रारम्भ होंगी

‘नमो सेवा’ के अन्तर्गत प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सार्वजनिक
जीवन में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जिन लोगों के जीवन में
परिवर्तन आया, उनकी अनकही कहानियों को सामने लाया जाएगा

‘आंगन मिलन सेवा’ अभियान के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों,
सहायिकाओं और आशा बहनों के सम्मान के कार्यक्रम होंगे,
आंगनवाड़ी केन्द्रों में ‘स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता’ आयोजित की जाएगी

‘सेवा की कहानी’ के अन्तर्गत अटल आवासीय विद्यालयों, विश्वविद्यालयों,
केन्द्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में हुए
बदलावों को अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा

‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अन्तर्गत प्रत्येक जनपद के
प्रमुख चौराहे पर ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ आयोजित की जाएगी

‘सेवा मेरा योगदान’ के अन्तर्गत मलिन बस्तियों, घाटों, देवालयों और
अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सेवा कार्यक्रम होंगे, मंत्री, जनप्रतिनिधि,
पदाधिकारी और कार्यकर्ता स्वच्छता अभियान में भाग लेंगे

29-30 सितम्बर से 10 अक्टूबर के मध्य प्रत्येक विकासखण्ड और जिला
मुख्यालय के नगर निकायों में ‘सेवा सेतु अभियान’ चलाया जाएगा

प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर ‘सेवा के रंग,
राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी

25 सितम्बर को पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी की जयन्ती तथा 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयन्ती अभियान के दौरान विशेष कार्यक्रमों के साथ मनाई जाएगी


लखनऊ :ः 12 सितम्बर, 2026 :ः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आगामी 7 अक्टूबर, 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में संवैधानिक प्रमुख के तौर पर 25 वर्ष की सेवा यात्रा पूर्ण हो रही है। प्रधानमंत्री जी की 25 वर्ष की यशस्वी यात्रा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और उनके नेतृत्व में देश तथा प्रदेश में हुए व्यापक परिवर्तन को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी संगठन संयुक्त रूप से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित करेंगे।
मुख्यमंत्री जी आज यहां भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में सेवा संकल्प अभियान के सम्बन्ध में मीडिया प्रतिनिधियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक माह तक चलने वाले इस अभियान में सेवा, सुशासन, अन्त्योदय, राष्ट्र प्रथम और जनभागीदारी की भावना को केन्द्र में रखते हुए गांव से लेकर शहर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस को ‘सेवा दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए 17 सितम्बर को प्रदेश में ‘सेवा दिवस’ से अभियान की शुरुआत होगी। सम्पूर्ण प्रदेश की ग्राम पंचायतों, नगर निकायों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों में ‘आशीर्वाद का दिया’ जलाया जाएगा। प्रधानमंत्री जी के स्वस्थ, दीर्घायु और देश को लम्बे समय तक नेतृत्व प्रदान करने की कामना के साथ जनता अभियान में सहभागी बनेगी।
ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार, अटल आवासीय विद्यालय, नए विश्वविद्यालय, फॉरेन्सिक संस्थान, औद्योगिक इकाइयों, एम0एस0एम0ई0, ‘एक जनपद-एक उत्पाद’, प्रधानमंत्री आवास योजना और ग्राम सचिवालय सहित विभिन्न संस्थानों को अभियान से जोड़ा जाएगा। अस्पतालों में फल वितरण, रक्तदान शिविर और अन्य सेवा गतिविधियां आयोजित होंगी। युवा मोर्चा सहित भाजपा कार्यकर्ता इन कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
प्रधानमंत्री जी की 25 वर्ष की सार्वजनिक सेवा यात्रा का मूल्यांकन केवल उनके द्वारा बनाई गई योजनाओं की संख्या से नहीं किया जा सकता। उनकी विशेषता यह रही है कि जिस योजना की कल्पना की गई, उसके प्रभावी क्रियान्वयन, प्रत्येक स्तर पर उसकी निगरानी और उसके लाभ को अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर भी समान रूप से ध्यान दिया गया। योजना का लाभ समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, यही प्रधानमंत्री जी की शासन शैली की प्रमुख विशेषता रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की 25 वर्ष की यात्रा किसी वंश परम्परा या राजनीतिक विरासत का परिणाम नहीं है। यह तप, साधना, संघर्ष और देश के लिए कुछ कर गुजरने की इच्छा की यात्रा है। आज देश के प्रत्येक क्षेत्र में प्रधानमंत्री जी की इस साधना और सेवा का लाभ दिखाई दे रहा है। उनकी नेतृत्व क्षमता ने भारत को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर दिया है।
26 मई, 2014 को प्रधानमंत्री पद संभालने के उपरान्त प्रधानमंत्री जी की यात्रा नये भारत का दर्शन कराती है। उन्होंने देश को एक नया विजन दिया, जिसमें एक भारत-श्रेष्ठ भारत और विकसित भारत की परिकल्पना शामिल है। इसके लिए व्यापक कार्य योजना के साथ देश को विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर और ऐसी कल्याणकारी योजनाएं दी गयीं, जिनकी पूर्व में कल्पना करना भी मुश्किल था।
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत ने फ्रेजाइल-5 से दुनिया की टॉप 05 इकोनॉमी तक का सफर तय किया। भारत अब गरीब और कमजोर देश अथवा दुनिया का पिछलग्गू राष्ट्र नहीं, बल्कि वैश्विक नेतृत्व प्रदान करने वाली ताकत के रूप में स्थापित हो चुका है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ी है। 03 दर्जन से अधिक देशों ने उन्हें अपना सर्वाच्च सम्मान दिया है। जी-20 से जुड़े कार्यक्रमों में भाग लेने वाले विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने भी माना कि प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में भारत का जी-20 आयोजन दुनिया के सफल आयोजनों में रहा। 12 और 13 सितम्बर को भारत में नई दिल्ली में आयोजित हो रहा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन भी नये भारत का दर्शन कराता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2001 में जब प्रधानमंत्री जी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में दायित्व संभाला, तब गुजरात के सामने भीषण सूखा, पेयजल संकट, सिंचाई के साधनों की कमी, कमजोर कनेक्टिविटी सहित अनेक आधारभूत चुनौतियां थीं। मुख्यमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री जी ने इन चुनौतियों का सामना करते हुए गुजरात में विकास का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया। सरदार सरोवर जैसी लम्बित परियोजना को आगे बढ़ाकर अन्तिम गांव तक पेयजल पहुंचाने, बिजली, सिंचाई, सड़क और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में व्यापक कार्य करने तथा आधुनिक तकनीक को शासन से जोड़ने के कारण गुजरात देश और दुनिया के आकर्षण का केन्द्र बना।
गुजरात में जिस विकास मॉडल की शुरुआत हुई, बाद में उसने सम्पूर्ण देश की विकास नीति को प्रभावित किया। ‘दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ के माध्यम से गांव, टोले और घर तक बिजली पहुंचाने की परिकल्पना हो अथवा निवेश और जनभागीदारी के माध्यम से विकास को गति देने का प्रयास, इन प्रयोगों का व्यापक प्रभाव देखने को मिला।
गुजरात में ‘वाइब्रेंट गुजरात’ के माध्यम से निवेश को आकर्षित करने का प्रयोग जिस प्रकार प्रधानमंत्री जी ने मुख्यमंत्री रहते किया था, उसी प्रकार उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद ‘वाइब्रेंट उत्तर प्रदेश’ की भावना के साथ बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने का कार्य हुआ है। उत्तर प्रदेश आज देश के निवेश मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। उद्योग, आधारभूत संरचना, एक्सप्रेस-वे, रक्षा उत्पादन, एम0एस0एम0ई0 और ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ जैसे क्षेत्रों में हुए परिवर्तन प्रदेश की नई पहचान बन रहे हैं।
वर्ष 2014 के बाद देश में शासन की कार्य संस्कृति में बड़ा परिवर्तन आया। पहले निर्णय लेने की प्रक्रिया लम्बे समय तक फाइलों में उलझी रहती थी। आज निर्णयों को समयबद्ध तरीके से लागू करने की संस्कृति विकसित हुई है। भारत में चिप से लेकर शिप तक के निर्माण की दिशा में काम हो रहा है। यह परिवर्तन केवल औद्योगिक नीति का विषय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के व्यापक संकल्प का हिस्सा है।
विगत वर्षों में देश ने कई ऐतिहासिक निर्णय देखे हैं। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त करने, जी0एस0टी0 सुधार लागू करने, डिजिटल अर्थव्यवस्था को गति देने, तीन तलाक जैसी कुप्रथा के खिलाफ कानून बनाने तथा अनेक अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त करने जैसे निर्णयों ने शासन व्यवस्था को नई दिशा दी। इन निर्णयों ने देश में यह विश्वास पैदा किया कि सरकार कठिन विषयों पर भी निर्णय लेने और उन्हें लागू करने की क्षमता रखती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश ने विकास के साथ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सम्मान देने का कार्य किया है। उन्होंने सोमनाथ मन्दिर के पुनर्निर्माण से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद को सोमनाथ मन्दिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने से रोकने का प्रयास किया था। इसके बावजूद डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
लम्बे समय तक भारत की विरासत को लेकर एक प्रकार की झिझक और गुलामी की मानसिकता दिखाई देती रही। वर्ष 2014 के बाद देश इस मानसिकता से बाहर निकलने की दिशा में आगे बढ़ा। काशी विश्वनाथ धाम का भव्य विकास, अयोध्या में 500 वर्षों बाद प्रभु श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मन्दिर निर्माण तथा भव्य-दिव्य कुम्भ का आयोजन इस परिवर्तन के महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। यह केवल धार्मिक या सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि विरासत को विकास से जोड़ने की व्यापक सोच का हिस्सा हैं।
हाईवे, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, मेट्रो, एयरपोर्ट, जलमार्ग और बन्दरगाह सहित आधारभूत संरचना के क्षेत्र में विगत वर्षों में अभूतपूर्व कार्य हुआ है। उन्होंने अपने सांसद के रूप में अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले मीटर गेज को ब्रॉड गेज में बदलने अथवा रेलवे लाइन के विद्युतीकरण के लिए जनप्रतिनिधियों को मंत्रालयों और विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई ट्रेन चलाना भी आसान नहीं था, क्योंकि रेलवे के पास पर्याप्त संसाधन नहीं थे।
आज अमृत रेलवे स्टेशन, रेलवे विद्युतीकरण, डबल रेल लाइन, नमो भारत, अमृत भारत और वन्दे भारत जैसी आधुनिक रेल सुविधाएं देश की नई पहचान बनी हैं। अयोध्या जैसी महत्वपूर्ण नगरी डबल रेल लाइन से जुड़ रही है। नेपालगंज तक ब्रॉडगेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जा रही है। उत्तर प्रदेश को रैपिड रेल की सुविधा मिली है। जलमार्ग, विश्वस्तरीय एयरपोर्ट और पोर्ट सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। गांव की सड़क से लेकर शहर के हाईवे, एक्सप्रेस-वे, रेलवे, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन तक आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर भारत की गति और प्रगति की रीढ़ बन चुका है।
पहले एम्स जैसी विश्वस्तरीय स्वास्थ्य संस्थाएं कुछ ही स्थानों तक सीमित थीं। कांग्रेस शासन के लम्बे कालखण्ड में एक एम्स का निर्माण हुआ। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के समय इनकी संख्या सात तक पहुंची और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के कार्यकाल में यह संख्या 23 तक पहुंच गयी। इसी प्रकार आई0आई0टी0, आई0आई0एम0, ट्रिपल आई0टी0 और आई0आई0एस0ई0आर0 जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों का विस्तार देश के विभिन्न क्षेत्रों तक हुआ। इससे विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र के आसपास विश्वस्तरीय शिक्षा और शोध के अवसर उपलब्ध हुए।
मुख्यमंत्री जी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इन्सेफेलाइटिस के खिलाफ लम्बे संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि सांसद रहते हुए उन्होंने इस बीमारी के कारण मासूम बच्चों को अपनी आंखों के सामने मरते देखा है। वर्ष 1976-77 के आसपास पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह बीमारी बड़ी चुनौती बनी हुई थी। जापान ने 1905 में इन्सेफेलाइटिस की वैक्सीन विकसित कर ली थी, लेकिन भारत में उसे आने में लगभग 100 वर्ष लगे और 2005 में वैक्सीन उपलब्ध हो सकी।
कोविड महामारी के दौरान भारत ने अभूतपूर्व क्षमता का प्रदर्शन किया। लगभग 09 माह में कोविड वैक्सीन का देश में उत्पादन शुरू किया गया। नागरिकों को निःशुल्क टीकाकरण, उपचार तथा जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई। उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार के प्रयासों से इन्सेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया और इससे होने वाली बच्चों की मौतों को शून्य तक लाने में सफलता मिली।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक घर में शौचालय निर्माण केवल स्वच्छता की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम नहीं था, बल्कि यह नारी गरिमा और सम्मान से भी जुड़ा हुआ था। ‘हर घर नल से जल’ की सुविधा और स्वच्छ भारत मिशन ने ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता को बेहतर किया। स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और स्वच्छता पर जोर के परिणामस्वरूप गम्भीर बीमारियों के नियंत्रण में भी सफलता मिली।
गरीब कल्याण की चर्चा पहले भी होती थी, लेकिन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में गरीबों की मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हुआ। आवास, शौचालय, बिजली, गैस, राशन, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं को एक साथ जोड़कर गरीबों के जीवन स्तर में परिवर्तन लाने का प्रयास हुआ।
लगभग चार करोड़ लोगों को आवास, 12 करोड़ घरों में शौचालय, 11 करोड़ उज्ज्वला गैस कनेक्शन, 03 करोड़ से अधिक घरों में बिजली के मुफ्त कनेक्शन और वर्ष 2020 से लगभग 80 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। देश में लगभग 26 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं। उत्तर प्रदेश में छह करोड़ से अधिक गरीबों को इसका लाभ मिला है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में चल रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रदेश में लगभग 16 करोड़ लाभार्थी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस कथन का उल्लेख किया जिसमें कहा गया था कि सरकार द्वारा भेजे गए 100 रुपये में से केवल 15 रुपये ही नीचे तक पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि यह उस समय की व्यवस्था में मौजूद बिचौलिया तन्त्र की कमजोरी को दर्शाता था। आज जन-धन खातों और प्रत्यक्ष लाभ अन्तरण की व्यवस्था के कारण सरकार द्वारा भेजी गई धनराशि सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचती है। इससे गरीब को उसका अधिकार सीधे प्राप्त हो रहा है और शासन तथा नागरिक के बीच विश्वास का सम्बन्ध मजबूत हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्टार्टअप ईकोसिस्टम, डिजिटल इण्डिया और विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं ने युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोले हैं। युवा को केवल नौकरी तलाशने वाला बनाने के बजाय नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में भी काम हुआ है। उसके नवाचार, अनुसन्धान और नई सोच को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध हुए हैं। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से पहले लगभग 120 स्टार्टअप होने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप कार्य कर रहे हैं। अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को अन्तरिक्ष तकनीक, ड्रोन, रोबोटिक्स और अन्य आधुनिक तकनीकों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इन्क्यूबेशन केन्द्रों और तकनीकी संस्थानों के माध्यम से नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने बताया कि 17 सितंबर को बड़नगर से काशी तथा काशी से बड़नगर के लिए 10-10 यात्राएं प्रारम्भ होंगी। बड़नगर से वहां का जल और काशी से उत्तर प्रदेश की 10 विभिन्न नदियों का पवित्र जल लेकर ये यात्राएं अलग-अलग मार्गों से आगे बढ़ेंगी। ये यात्राएं 7 अक्टूबर को अपने गन्तव्य तक पहुंचेंगी। प्रत्येक यात्रा के दौरान प्रतिदिन चार स्थानों पर जनता से संवाद और चौपाल आयोजित की जाएंगी। इन यात्राओं का उद्देश्य प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और समाज के प्रत्येक वर्ग के लिए किए गए कार्यों को संवाद के माध्यम से जनता के मध्य रखना है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अभियान में स्कूली और उच्च शिक्षा के विद्यार्थियों को भी जोड़ा जाएगा। कक्षा 05 से कक्षा 08 तक चित्रकला प्रतियोगिता, कक्षा 9 से कक्षा 12 तक निबन्ध लेखन प्रतियोगिता तथा विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में भाषण प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। चित्रकला प्रतियोगिता ग्रामसभा, विकासखण्ड और जनपद स्तर तक आयोजित होगी। उत्कृष्ट विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इन प्रतियोगिताओं की मुख्य थीम ‘आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के लिए आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश’ होगी।
‘नमो सेवा’ के अन्तर्गत प्रधानमंत्री जी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन में विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जिन लोगों के जीवन में परिवर्तन आया है, उनकी अनकही कहानियों को सामने लाया जाएगा। गांव, शहर, इन्फ्रास्ट्रक्चर, मेट्रो, एयरपोर्ट, डिफेन्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर सहित विभिन्न क्षेत्रों में हुए बदलाव को लाभार्थियों के अनुभवों के माध्यम से जनता तक पहुंचाया जाएगा।
‘आंगन मिलन सेवा’ अभियान के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों, सहायिकाओं और आशा बहनों के सम्मान के कार्यक्रम होंगे। आंगनवाड़ी केन्द्रों में ‘स्वस्थ शिशु प्रतियोगिता’ आयोजित की जाएगी। मॉडल आंगनवाड़ी केन्द्रों, बाल वाटिकाओं, कुपोषित बच्चों को सुपोषित बनाने और गर्भवती एवं धात्री माताओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने में योगदान देने वाली कार्यकर्त्रियों को सम्मानित किया जाएगा।
‘सेवा की कहानी’ के अन्तर्गत अटल आवासीय विद्यालयों, विश्वविद्यालयों, केन्द्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में हुए बदलावों को अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा। निर्माण श्रमिकों और निराश्रित बच्चों को बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर तथा आधुनिक शिक्षा मिलने से उनके जीवन में आए परिवर्तन की कहानियों को संवाद के माध्यम से सामने लाया जाएगा।
‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के अन्तर्गत प्रत्येक जनपद के प्रमुख चौराहे पर ‘सेवा ज्योति कलश यात्रा’ आयोजित की जाएगी। विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े कार्यकर्ता पैदल, साइकिल और मोटरसाइकिल से वहां पहुंचेंगे। एल0ई0डी0 स्क्रीन के माध्यम से प्रधानमंत्री जी के महत्वपूर्ण उद्बोधन का प्रसारण होगा। आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लिए पंच प्रण के अनुरूप प्रत्येक नागरिक के दायित्व पर भी संवाद किया जाएगा।
‘सेवा मेरा योगदान’ के अन्तर्गत मलिन बस्तियों, घाटों, देवालयों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सेवा कार्यक्रम होंगे। मंत्री, जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता स्वच्छता अभियान में भाग लेंगे। इसके साथ ‘एक पेड़ माँ के नाम’, रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य शिविर, मतदाता जागरूकता, वोकल फॉर लोकल, एक जनपद-एक उत्पाद, एम0एस0एम0ई0, गौसेवा तथा युवाओं के लिए कैरियर काउन्सिलिंग जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 29-30 सितम्बर से 10 अक्टूबर के मध्य प्रत्येक विकासखण्ड और जिला मुख्यालय के नगर निकायों में ‘सेवा सेतु अभियान’ चलाया जाएगा। 06 से 07 दिन तक चलने वाले शिविरों में स्वास्थ्य सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए पंजीकरण किया जाएगा। पात्र लोगों का सत्यापन कर उन्हें पेंशन, आवास, शौचालय, राशन कार्ड और अन्य पात्र योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 826 विकासखण्ड और 762 नगर निकाय हैं। आवश्यकता के अनुसार अभियान को दो चरणों में आयोजित किया जा सकता है।
प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ थीम पर रंगोली प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इनमें भारत की उपलब्धियों, सेवा और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों को स्थान दिया जाएगा। आई0टी0आई0, पॉलिटेक्निक, तकनीकी संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप और अटल टिंकरिंग लैब से जुड़े विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ आयोजित किया जाएगा। अन्तरिक्ष तकनीक, ड्रोन, रोबोटिक्स, नवाचार और तकनीकी अनुसन्धान से जुड़े प्रयासों को प्रोत्साहित किया जाएगा। अभियान के अंत में पंचायतों और नगर निकायों के जनप्रतिनिधियों को जोड़ते हुए ‘सुशासन सेवा संवाद’ आयोजित किया जाएगा। प्रधानमंत्री जी के साथ संवाद का कार्यक्रम प्रस्तावित है, जिसका स्थान बाद में निर्धारित किया जाएगा।
25 सितम्बर को पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी की जयन्ती तथा 02 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयन्ती अभियान के दौरान विशेष कार्यक्रमों के साथ मनाई जाएगी। प्रधानमंत्री जी की 25 वर्ष की सेवा यात्रा में पं0 दीनदयाल उपाध्याय जी के अन्त्योदय का विचार और महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज की भावना दिखाई देती है। आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत की संकल्पना भी इसी भाव को आगे बढ़ाती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और भाजपा संगठन प्रधानमंत्री जी के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक इस सेवा संकल्प अभियान को प्रत्येक गांव, प्रत्येक बूथ, प्रत्येक शक्ति केन्द्र, प्रत्येक विकासखण्ड और प्रत्येक जनपद तक पहुंचाएंगे। यह अभियान केवल प्रधानमंत्री जी के कार्यों का प्रचार नहीं, बल्कि सेवा, सुशासन, अन्त्योदय, राष्ट्र प्रथम और जनभागीदारी की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का अवसर है। ‘जिसने जीवन संवारा, उसे आशीर्वाद हमारा’ के संकल्प के साथ आयोजित होने वाला यह अभियान सेवा और जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनेगा।

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