मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1-एन1) एवं सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा की
प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1-एन1) की जाँच सभी जिला अस्पतालों, सी0एच0सी0, पी0एच0सी0, मेडिकल कॉलेजों सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराए जाने के निर्देश
अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा अस्पतालों में दवा, जाँच और आइसोलेशन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए : मुख्यमंत्री
गम्भीर मरीजों के लिए अलग आई0सी0यू0 वॉर्ड तैयार किए जाएं
एच1-एन1 की रोकथाम और उपचार के सम्बन्ध में विस्तृत गाइडलाइन जारी करने तथा टेलीकंसल्टेशन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश
संक्रमण की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाया जाए
बीमारी की समय पर पहचान, जरूरतमन्द मरीज को त्वरित उपचार, पर्याप्त चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता और लोगों तक सही जानकारी पहुँचाना संक्रमण से निपटने की प्रभावी रणनीति
मरीजों की समय से पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए, जहाँ भी मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है, वहाँ निगरानी बढ़ाने के साथ तत्काल आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएँ की जाएं
निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा जाँच के लिए पूर्व में निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क न लिया जाए
गम्भीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाए
बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से गम्भीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
ए0एन0एम0, आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से सघन जाँच अभियान चलाकर सम्भावित मरीजों की पहचान करने तथा जरूरत के अनुसार होम क्वारण्टीन, मास्क और संक्रमण से बचाव के अन्य उपायों की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध करायी जाए
अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउण्टर बनाने के निर्देश
लखनऊ 02 सितम्बर, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1-एन1) की जाँच सभी जिला अस्पतालों, सी0एच0सी0, पी0एच0सी0, मेडिकल कॉलेजों सहित सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अधिक मामलों वाले जिलों में निगरानी और उपचार व्यवस्था को और मजबूत किया जाए तथा अस्पतालों में दवा, जाँच और आइसोलेशन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। गम्भीर मरीजों के लिए अलग आई0सी0यू0 वॉर्ड तैयार किए जाएं। मुख्यमंत्री जी ने एच1-एन1 की रोकथाम और उपचार के सम्बन्ध में विस्तृत गाइडलाइन जारी करने तथा टेलीकंसल्टेशन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने आज यहाँ अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1-एन1) एवं सीजनल इन्फ्लुएंजा की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मरीजों की समय से पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाए। जहाँ भी मामलों में बढ़ोत्तरी हो रही है, वहाँ निगरानी बढ़ाने के साथ तत्काल आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएँ की जाएं। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि निजी चिकित्सा संस्थानों द्वारा जाँच के लिए पूर्व में निर्धारित शुल्क से अधिक शुल्क न लिया जाए।
मुख्यमंत्री जी को बैठक में विशेषज्ञों ने अवगत कराया कि इन्फ्लुएंजा-ए (एच1-एन1), इन्फ्लुएंजा-ए वायरस की एक प्रजाति है और यह सीजनल इन्फ्लुएंजा की श्रेणी में आता है। इसका संक्रमण मुख्य रूप से खाँसी और छींक से निकलने वाली सूक्ष्म बूँदों के माध्यम से फैलता है। बुखार, नाक बहना, खाँसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द, ठण्ड लगना और आँखों में लालिमा इसके प्रमुख लक्षण हैं। मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि 02 सितम्बर तक प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए (एच1-एन1) के 685 प्रयोगशाला-पुष्ट मामले सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सामान्य लक्षण वाले मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार घर पर आराम और सेल्फ आइसोलेशन की सलाह दी जाए, जबकि गम्भीर मरीजों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने बच्चों, गर्भवती महिलाओं, 65 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और पहले से गम्भीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। ए0एन0एम0, आशा एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सहयोग से सघन जाँच अभियान चलाकर सम्भावित मरीजों की पहचान करने तथा जरूरत के अनुसार होम क्वारण्टीन, मास्क और संक्रमण से बचाव के अन्य उपायों की जानकारी एवं सहायता उपलब्ध करायी जाए। उन्होंने अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण वाले मरीजों के लिए अलग काउण्टर बनाने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अस्पतालों पर अनावश्यक दबाव न बढ़े और गम्भीर मरीजों को समय से उपचार मिल सके, इसके लिए मरीजों की स्थिति के अनुसार रेफरल की व्यवस्था की जाए। गम्भीर लक्षण वाले मरीजों को ही अस्पताल भेजने के साथ ऐसे मरीजों के लिए समुचित उपचार और आई0सी0यू0 की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। विशेषज्ञों ने बताया कि सांस लेने में कठिनाई, सीने में दर्द, अत्यधिक सुस्ती, रक्तचाप कम होना, खून मिला बलगम अथवा नाखूनों का नीला पड़ना गम्भीर स्थिति के संकेत हो सकते हैं। बच्चों में लगातार तेज बुखार, भोजन लेने में असमर्थता, झटके आना, तेज सांस चलना या सांस लेने में कठिनाई तथा पहले से मौजूद बीमारी की स्थिति बिगड़ना भी गम्भीर संकेत हैं।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि प्रदेश में ओसेल्टामिविर कैप्सूल और सिरप तथा एच1-एन1 वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता है। जनपदीय चिकित्सालयों में हेल्प डेस्क, जाँच के लिए नमूना संग्रह और पृथक फ्लू ओ0पी0डी0 की व्यवस्था है। सभी चिकित्सा महाविद्यालयों में भी फ्लू हेल्प डेस्क, आवश्यक जाँच, दवाओं और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था उपलब्ध है।
एस0जी0पी0जी0आई0 के निदेशक डॉ0 आर0के0 धीमान, के0जी0एम0यू0 की कुलपति डॉ0 सोनिया नित्यानन्द और डॉ0 राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के निदेशक डॉ0 सी0एम0 सिंह ने मुख्यमंत्री जी को अपने-अपने संस्थानों में उपलब्ध उपचार, टेस्टिंग और दवाओं की उपलब्धता के सम्बन्धित में अवगत कराया। बैठक में बताया गया कि चिकित्सा महाविद्यालयों में फ्लू ओ0पी0डी0 और आइसोलेशन बेड की व्यवस्था है तथा जाँच के लिए पर्याप्त आर0टी0पी0सी0आर0 किट उपलब्ध हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाया जाए। क्या करना है और क्या नहीं करना है, इसकी सरल, सही और तथ्यपरक जानकारी लोगों तक पहुँचाई जाए, ताकि अनावश्यक पैनिक की स्थिति न बने। अस्पतालों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हाथों की स्वच्छता, खाँसी और छींक के दौरान सावधानी तथा संक्रमण से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने एच1-एन1 की स्थिति पर लगातार नजर रखने और किसी भी जिले में मामलों में बढ़ोत्तरी दिखायी देने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीमारी की समय पर पहचान, जरूरतमन्द मरीज को त्वरित उपचार, पर्याप्त चिकित्सा संसाधनों की उपलब्धता और लोगों तक सही जानकारी पहुँचाना संक्रमण से निपटने की प्रभावी रणनीति है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री मयंकेश्वर शरण सिंह तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
-------
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know