31 मार्च, 2026 तक स्वीकृत परियोजनाओं की टेण्डर प्रक्रिया 10 जुलाई तक पूरी कर कार्य प्रारम्भ करा दिया जाए

नवीन परियोजनाओं की समस्त प्रक्रिया समय से पूरा करके आगामी नवम्बर तक कार्य शुरू करायें-जयवीर सिंह

पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की समीक्षा सम्पन्न

लखनऊ: 02 जुलाई, 2026

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने समस्त कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि चुनावी साल को देखते हुए उन्हें आवंटित निर्माण कार्यों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करें। लेट लतीफी पाये जाने पर कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि 31 मार्च, 2026 तक जो परियोजनाएं उन्हें आवंटित हैं, उनकी टेण्डर की प्रक्रिया 10 जुलाई तक पूरा कराते हुए कार्य तत्काल शुरू करायें। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि नई परियोजनाओं की समस्त प्रक्रिया पूरी कराते हुए आगामी नवम्बर में कार्य शुरू हो जाना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये कि ठेकेदारों का लंबित भुगतान 15 दिन के अंदर कर दिया जाए।
पर्यटन मंत्री आज यहां पर्यटन भवन के सभागार में संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के क्रियाकलापों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी ऐसी रणनीति बनाये, जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक पर्यटकों का आगमन हो और रोजगार तथा स्थानीय लोगों को आमदनी के साधन सुलभ हो सके। उन्होंने ऐतिहासिक स्थलों के शिलालेख पर संबंधित स्थल का इतिहास, साइनेज तथा बारकोड लगाये जाए ताकि लोग उन स्थलों की महत्ता के बारे में जान सके। उन्होंने जनपदों में स्थापित जिला संस्कृति प्रोत्साहन परिषद को समस्त संसाधनों से लैस करते हुए 15 अगस्त तक क्रियाशील करने के निर्देश दिये।
पर्यटन मंत्री ने हर जनपद में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए टीसीआई को सक्रिय करने तथा पर्यटन स्थलों पर आवश्यक सामग्री सुलभ कराने की व्यवस्था करने के लिए भी निर्देशित किया। इसके साथ ही उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने साफ तौर से कहा कि सिर्फ कार्ययोजना बनाने से अब काम नहीं चलेगा। कार्य योजना को धरातल पर उतारने का हरसंभव प्रयास किया जाए। उन्होंने परम्परा परियोजना के तहत टूरिस्ट केन्द्रों को अत्याधुनिक तरीके से निर्मित करने और भारतीय शैली में बनाने का सुझाव दिया, जिसमें वैदिक परम्परा की झलक मिल सके। साथ ही लंबे पेड़ लगाने का भी सुझाव दिया।
श्री जयवीर सिंह ने राजधानी में संस्कृति भवन की स्थापना के लिए शहीद पथ के आसपास उपयुक्त स्थल पर निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी लखनऊ से सम्पर्क करने के निर्देश दिये। इसके अलावा काकराबाद लखनऊ में 06 एकड़ भूमि में प्रस्तावित भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के नवीन परिसर के लिए भूमि की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने पर्यटन विभाग की स्वीकृत योजनाओं मंे टेण्डर प्रक्रिया समय से पूरा न करने पर कार्यदायी संस्थाओं को कठोर चेतावनी दी। समीक्षा से पूर्व उन्होंने संस्कृति विभाग द्वारा तैयार की गयी एकीकृत परियोजना निगरानी डैशबोर्ड का शुभारम्भ किया। इसके माध्यम से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता जवाबदेही, वित्तीय अनुशासन एवं संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा।
श्री जयवीर सिंह ने कहा कि निगरानी डैशबोर्ड के माध्यम से परियोजनाओं का समयबद्ध एवं प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासनिक क्षमता एवं सुशासन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियांे एवं विकास कार्यों की प्रभावी निगरानी भी हो सकेगी। अपर मुख्य सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा धर्मार्थ कार्य श्री अमृत अभिजात ने कार्यदायी संस्थाओं के पदाधिकारियों एवं विभागीय अधिकारियों को सभी आवंटित कार्यों को निर्धारित समय में क्रियान्वयन कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता परखें।
समीक्षा बैठक में महानिदेशक पर्यटन श्री वेदपति मिश्र, विशेष सचिव एवं निदेशक श्री मृदुल चौधरी, एमडी पर्यटन विकास निगम श्री आशीष कुमार, विशेष सचिव संस्कृति श्री संजय सिंह, निदेशक ईको पर्यटन श्री पुष्प कुमार के0, पर्यटन सलाहकार श्री जे0पी0 सिंह सहित कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधिगण एवं अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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