मंत्रिपरिषद ने विन्ध्य एक्सप्रेस-वे (विकल्प-3) (ग्रीन फील्ड) 06 लेन (विस्तारणीय 08 लेन) के संरेखण के प्रस्ताव को अनुमोदित किया है। यह एक्सप्रेस-वे जूदापुर दांडू, जनपद प्रयागराज से प्रारम्भ होकर जनपद सोनभद्र में पिपरखण्ड बभवरी (छत्तीसगढ़ बॉर्डर तक) पर समाप्त होगा। परियोजना के सम्पर्क जनपदों में प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर तथा सोनभद्र सम्मिलित हैं।
परियोजना की कुल लागत (जी0एस0टी0 सहित) 26,315 करोड़ रुपये है। इसमें 7,723 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण एवं संरचना लागत, 18,514 करोड़ रुपये निर्माण लागत (जी0एस0टी0 सहित) तथा 78 करोड़ रुपये की अनुमानित यूटिलिटी शिफ्टिंग लागत सम्मिलित है।
मंत्रिपरिषद ने अनुमानित लागत का संज्ञान लेते हुए परियोजना प्रारम्भ करने तथा यूपीडा को निर्माण संस्था नामित किये जाने के प्रस्ताव को भी सैद्धान्तिक अनुमोदन प्रदान किया है। परियोजना के क्रियान्वयन व निर्माण हेतु यूपीडा में प्रतिनियुक्ति या सेवानिवृत्त संविदा पर रखे जाने हेतु अतिरक्त पदों का अनुमोदन किया है। परियोजना में किसी परिवर्तन या संशोधन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गया है।
परियोजना की टनल सहित प्रस्तावित लम्बाई 333 कि0मी0 है। 120 कि0मी0 प्रतिघण्टा की डिजाइन स्पीड वाले इस एक्सप्रेस-वे का राइट ऑफ-वे 120 मीटर होगा। इसमें 9.52 कि0मी0 कुल लम्बाई की 03 टनल, 09 एन0एच0/एस0एच0/एम0डी0आर0 क्रॉसिंग, 07 आर0ओ0बी0 तथा 03 दीर्घ सेतु निर्मित किये जाएंगे।
ज्ञातव्य है कि गंगा एक्सप्रेस-वे के संचालित होने के उपरान्त, परियोजना के निर्माण से गंगा एक्सप्रेस-वे, विन्ध्य एक्सप्रेस-वे, विन्ध्य पूर्वांचल स्पर लिंक एवं पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे आपस में जुड़कर एक एक्सप्रेस-वे ग्रिड बनाएंगे। इससे प्रदेश को पश्चिमी तथा पूर्वांचल के जनपदों तथा छत्तीसगढ़ और झारखण्ड राज्यों की कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी।
विन्ध्य एक्सप्रेस-वे के निर्माण से जनपद प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर तथा सोनभद्र में उद्योगों की स्थापना होगी। इससे सम्बन्धित जनपदों का विकास होगा और जनसामान्य को जनपद में ही रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
मंत्रिपरिषद ने विन्ध्य पूर्वांचल स्पर लिंक एक्सप्रेस-वे (विकल्प-1) (ग्रीन फील्ड) 06 लेन (विस्तारणीय 08 लेन) के संरेखण के प्रस्ताव को अनुमोदित किया है। यह एक्सप्रेस-वे ग्राम पखनपुरा जनपद गाजीपुर से प्रारम्भ होकर जनपद मिर्जापुर में रानीपुर चुनार पर समाप्त होगा। परियोजना के सम्पर्क जनपदों में गाजीपुर, चन्दौली तथा मिर्जापुर सम्मिलित हैं।
परियोजना की कुल लागत (जी0एस0टी0 सहित) 9,039 करोड़ रुपये है। इसमें 3,379 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण एवं संरचना लागत, 5,628 करोड़ रुपये निर्माण लागत (जी0एस0टी0 सहित) तथा 32 करोड़ रुपये की अनुमानित यूटिलिटी शिफ्टिंग लागत सम्मिलित है।
मंत्रिपरिषद ने अनुमानित लागत का संज्ञान लेते हुए परियोजना प्रारम्भ करने तथा यूपीडा को निर्माण संस्था नामित किये जाने के प्रस्ताव को भी सैद्धान्तिक अनुमोदन प्रदान किया है। परियोजना के क्रियान्वयन व निर्माण हेतु यूपीडा में प्रतिनियुक्ति या सेवानिवृत्त संविदा पर रखे जाने हेतु अतिरक्त पदों का अनुमोदन किया है। परियोजना में किसी परिवर्तन या संशोधन के लिए मंत्रिपरिषद द्वारा मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया गा है।
परियोजना की टनल सहित प्रस्तावित लम्बाई 117 कि0मी0 है। 120 कि0मी0 प्रतिघण्टा की डिजाइन स्पीड वाले इस एक्सप्रेस-वे का राइट ऑफ-वे 120 मीटर होगा। इसमें 06 इन्टरचेंज, 08 एन0एच0/एस0एच0/एम0डी0आर0 क्रॉसिंग, 02 आर0ओ0बी0, 01 दीर्घ सेतु, 25 लघु सेतु तथा 61 अण्डर पास निर्मित किये जाएंगे।
ज्ञातव्य है कि गंगा एक्सप्रेस-वे के संचालित होने के उपरान्त, परियोजना के निर्माण से गंगा एक्सप्रेस-वे, विन्ध्य एक्सप्रेस-वे, विन्ध्य पूर्वांचल स्पर लिंक एवं पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे आपस में जुड़कर एक एक्सप्रेस-वे ग्रिड बनाएंगे। इससे प्रदेश को पश्चिमी तथा पूर्वांचल के जनपदों तथा छत्तीसगढ़ और झारखण्ड राज्यों की कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सकेगी।

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