मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 आम महोत्सव-2026 का शुभारम्भ किया

आम महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों तथा प्रदेश की 800 आम की वैरायटी एक साथ प्रदर्शित हो रही, यह किस्में प्रत्येक व्यक्ति को आकर्षित कर रही : मुख्यमंत्री

आम महोत्सव देश और उ0प्र0 के अन्नदाता किसानों के लिए शो-केसिंग का आधार

मलिहाबाद की दशहरी को जी0आई0 टैग प्राप्त, यहाँ आम की अनेक वैरायटी उपलब्ध, इनके जी0आई0 टैग के लिए उद्यान विभाग आवेदन शुरू करे

मलिहाबादी आम को काकोरी नाम से नया ब्राण्ड दिया, यह देश के प्रति समर्पण का भाव

सहारनपुर, लखनऊ, अमरोहा और वाराणसी में आम के पैक हाउस बनाए गए

उ0प्र0 के प्रोडक्ट को वैश्विक मान्यता दिलाने के लिए नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के पास इण्टीग्रेटेड टेस्टिंग एण्ड ट्रीटमेण्ट पार्क का निर्माण करने जा रहे

उद्यान विभाग ने डेढ़ करोड़ से अधिक बैग फल पट्टी वाले क्षेत्रों में आम उत्पादक किसानों को उपलब्ध कराये

रिसर्च सेण्टरों पर आम की नई पौध उत्पादित करने की तकनीक होनी चाहिए, ड्रोन और ए0आई0 बेस्ड फार्मिंग को आगे बढ़ाने की आवश्यकता

आज अन्नदाता किसान अपने प्रोडक्ट को यू0के0, यू0ए0ई0, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैण्ड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर, रूस आदि देशों में निर्यात कर रहे

हम मैंगो टूरिज्म को एक नई पहचान दिला सकते, अन्नदाता किसान को एग्री एण्टरप्रेन्योर्स बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना होगा

ए0आई0, ड्रोन, सैटेलाइट मैपिंग, प्रीसीजन फार्मिंग, सेंसर आधारित सिंचाई और डिजिटल मण्डियों के माध्यम से स्मार्ट हॉर्टिकल्चर की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने प्रगतिशील बागवानों को सम्मानित तथा आम महोत्सव-2026 स्मारिका का विमोचन किया

निर्यात होने वाले आमों के वाहनों का फ्लैग ऑफ तथा आम महोत्सव प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया

लखनऊ : 03 जुलाई, 2026

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज यहाँ आम महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों तथा प्रदेश की 800 आम की वैरायटी एक साथ प्रदर्शित हो रही है। इनमें वाराणसी और गोरखपुर का लंगड़ा, गोरखपुर का गौरजीत, बस्ती का आम्रपाली, मलिहाबाद लखनऊ का दशहरी, बागपत एवं सहारनपुर का रटौल सहित प्रदेश के अलग-अलग जनपद और कमिश्नरी में पैदा होने वाली आम की अद्भुत किस्में हैं। यह किस्में वहाँ की माटी की सुगंध और मिठास को लेकर महोत्सव में आयी हैं। यह किस्में अपनी नई पहचान के साथ प्रत्येक व्यक्ति को आकर्षित कर रही हैं। यही उत्तर प्रदेश की ताकत है।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026 का शुभारम्भ करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने प्रगतिशील बागवानों को उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मानित तथा आम महोत्सव-2026 स्मारिका का विमोचन किया। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने निर्यात होने वाले आमों के वाहनों का फ्लैग ऑफ तथा कार्यक्रम स्थल पर आयोजित आम महोत्सव प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में अलग-अलग क्षमता विद्यमान होती है। उनकी इण्डिविजुअल क्षमता का पता ऐसे नहीं लगता है, लेकिन जब सरकार उन्हें कोई प्लेटफॉर्म और शो-केसिंग का अवसर उपलब्ध कराती है, तो उसकी क्षमता निखर कर सामने आती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश के 26 प्रतिशत आम का उत्पादन होता है। यहाँ आम की अनेक किस्में उत्पादित होती हैं। यह आम महोत्सव देश और उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों के लिए शो-केसिंग का आधार है। यहाँ पर किसान अपने प्रोडक्ट को प्रस्तुत कर बायर्स-सेलर्स मीट के माध्यम से वैश्विक पहचान दिला सकते हैं। इसमें 07 श्रेणियों के 56 वर्गों में 800 से अधिक आम की प्रजाति उपलब्ध है। यहाँ पर छोटे-बडे़ तथा डेढ़-दो किलो के आम भी मौजूद हैं। यह आम की वैरायटी और स्वाद प्रदेश तथा अन्नदाता किसानों की ताकत को बढ़ाते हैं। आम की फसल फरवरी-मार्च से शुरू होकर जून-जुलाई तक कुल छः महीनों में तैयार होती है। अन्नदाता किसान प्राकृतिक रूप से एक नया चक्र पैदा कर सकता है। यदि अन्नदाता किसान चाहे, तो अपनी बाग में बहुत सारी नई चीजें कर सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सामान्यतः एक किसान एक एकड़ खेती में विशुद्ध रूप से दो से तीन लाख रुपये तक मुनाफा कमा सकता है। आम की फसल ने इस बात को साबित किया है। आम की फसल एक सामान्य किसान की आमदनी को कई गुना बढ़ा सकता है। यदि मूल फसल को हम वैल्यू एडिशन तथा प्रोसेसिंग के साथ जोड़ेंगे, तो किसान और भी ज्यादा मुनाफा कमा सकता है। यदि एक्सपोर्ट के लिए तैयार करते हैं, तो यह उसकी ताकत और मुनाफे को और ज्यादा बढ़ा देगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब मलिहाबाद की दशहरी को जी0आई0 टैग प्राप्त हो गया है। जी0आई0 टैग प्राप्त होने से वह एक वैश्विक ब्राण्ड बन गया है। दशहरी जहाँ कहीं भी जाएगा, उसकी अलग पहचान बनी रहेगी। इस महोत्सव में ड्रैगन फ्रूट तथा कमल की ब्राण्डिंग भी देखने को मिली है। यहाँ पर दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गौरजीत, लखनऊ सफेदा, रटौल, अम्रपाली आदि किस्में उपलब्ध हैं। प्रदेश की 18 कमिश्नरी, 75 जनपद, 350 तहसील और 825 विकास खण्ड में कम या ज्यादा आम अवश्य उत्पादित किया जाता है। कहीं पर बहुत अच्छी बागवानी है, तो कहीं पर पूर्वजों तथा लोगों ने स्वयं के खाने के लिए आम लगाये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम इस प्रकार के महोत्सवों में प्रदेश के ओ0डी0ओ0पी0 प्रोडक्ट के लिए बायर-सेलर मीट जरूर रखते हैं। इसके माध्यम से प्रदेश के किसान तथा उद्यमी अपने प्रोडक्ट को आगे बढ़ा सकते हैं। यहाँ आयोजित महोत्सव में औद्यानिक फसलों से जुड़े अन्नदाता किसान, स्वयं सहायता समूह, पैक हाउसेस, फूड प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट से जुड़े लोग तथा नर्सरी मालिक उपस्थित हैं। यह महोत्सव उन्हें फाइनेंशियल इंक्लूजन के साथ जोड़ने लिए भी प्रेरित करता है। परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश आज मजबूती के साथ भारत की बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित हुआ है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने मलिहाबादी आम को काकोरी नाम से एक नया ब्राण्ड दिया है। काकोरी ब्राण्ड में देश के प्रति समर्पण का भाव है। यह ब्राण्ड काकोरी के उन अमर शहीदों को समर्पित है, जिन्होंने देश की आजादी के लिए स्वयं का बलिदान किया। यह ब्राण्ड उनकी स्मृतियों को जीवन्त बनाए रखेगा। इसके साथ अन्नदाता किसानों का सपोर्ट और उनकी मेहनत की मिठास भी जुड़ती दिखायी देती है। प्रदेश में अन्नदाता किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए सहारनपुर, लखनऊ, अमरोहा और वाराणसी में आम के चार पैक हाउस बनाए गए हैं। आज यह सभी आधुनिक पैक हाउसेस मजबूती से अपना काम कर रहे हैं। इनके माध्यम से आम की ग्रेडिंग, सॉर्टिंग और पैक करके विदेशों में भेजने की व्यवस्था की जा रही हैं। उत्तर प्रदेश के प्रोडक्ट को वैश्विक मान्यता मिल सके, इसके लिए नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के पास इण्टीग्रेटेड टेस्टिंग एण्ड ट्रीटमेण्ट पार्क का निर्माण करने जा रहे हैं। इससे यहाँ के प्रोडक्ट्स को आसानी से विदेशों में भेजा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आम के उत्पादन और गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए फ्रूट कवर बैग तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। बहुत सारे अन्नदाता और एफ0पी0ओ0 इसके प्रोडक्शन के साथ जुड़े हैं। उद्यान विभाग द्वारा डेढ़ करोड़ से अधिक बैग फल पट्टी वाले क्षेत्रों में आम उत्पादित करने वाले किसानों को उपलब्ध कराये गये हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए अपने नागरिक कर्तव्यों का सम्यक निर्वहन करते हुए उत्तर प्रदेश को विश्व के सर्वश्रेष्ठ मैंगो वैल्यू चेन का केन्द्र बनाएं। इस दिशा में हमें सामूहिक प्रयास करना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारे रिसर्च सेण्टरों पर आम की नई पौध उत्पादित करने की तकनीक होनी चाहिए। ड्रोन और ए0आई0 बेस्ड फार्मिंग को आगे बढ़ाने तथा आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस का उपयोग करने की आवश्यकता है। क्वालिटी टेस्टिंग, कोल्ड चेन को मेनटेन करने, फूड प्रोसेसिंग करने तथा उसकी ब्राण्डिंग करने की भी आवश्यकता है। ई-कॉमर्स और ग्लोबल एक्सपोर्ट की पूरी व्यवस्था को इण्टीग्रेट कर विकसित करना होगा। हमें इस दिशा में नए प्रयास को आगे बढ़ाना होगा। आज दुनिया में अनेक ऐसे ब्राण्ड हैं, जिसकी अपनी पहचान है। हमारे पास आम की अनेक वैरायटी उपलब्ध हैं। हमें प्रयास करना चाहिए कि अधिक से अधिक वैरायटी को जी0आई0 टैग मिले। इसके लिए उद्यान विभाग अभी से आवेदन शुरू करे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमारा प्रयास होना चाहिए कि प्रदेश के प्रोडक्ट्स, खाद्यान्न, वेजिटेबल्स, फ्रूट्स, केमिकल फर्टिलाइजर एण्ड पेस्टिसाइड से मुक्त हो। पहले दिन से ही बीज से लेकर बाजार तक पहुँचाने तथा सर्टिफिकेशन की कार्यवाही करनी चाहिए। आज दुनिया ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की माँग कर रही है। ऑर्गेनिक और ट्रेसेबल उत्पाद को उन तक पहुँचाने के लिए अभी से तैयारी करनी पड़ेगी। किसानों को उस प्रकार की ट्रेनिंग देनी पड़ेगी। हमारा प्रयास होना चाहिए कि उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों का आम गुणवत्ता, विश्वास, सुरक्षा और वैश्विक मानकों पर खरा उतर सके। हमारा लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रोडक्ट की ब्राण्डिंग, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ट्रेसेबिलिटी और ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन पर ध्यान देना होगा। क्योंकि वह एक्सपोर्ट के लिए तभी स्वीकार्य होगा, जब उसे ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन से जोड़ने का कार्य करेंगे। यह आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि एक बाग अनेक आय के मॉडल के रूप में कार्य कर सकता है। यदि फल उत्पादन के साथ-साथ प्रोसेसिंग टूरिज्म, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट, मधुमक्खी पालन, खाद्य उद्योग और एक्सपोर्ट के माध्यम से अन्नदाता किसान की आमदनी को कई गुना बढ़ाने के लिए चेन तैयार करेंगे, तो यह चेन अनेक समस्याओं का समाधान स्वतःस्फूर्त ही निकालेगी। प्रदेश सरकार ने वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के बाद वन डिस्ट्रिक्ट वन कुज़ीन योजना भी शुरू की है। आम के व्यंजन भी कुछ जगह पर होने चाहिए। पहले आम की दावतें हुआ करती थीं। जुलाई महीने में किसी एक दिन स्कूलों में आम की स्पेशल दावत होती थी। आम की दावत को घर, गाँव तथा स्कूल पर आगे बढ़ाने का कार्य किया जाता था।
मुख्यमंत्री जी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आज अन्नदाता किसान अपने प्रोडक्ट को यू0के0, यू0ए0ई0, मलेशिया, सिंगापुर, कुवैत, न्यूजीलैण्ड, बेल्जियम, जापान, इटली, कतर, रूस आदि देशों में निर्यात कर रहे हैं। आज उन्होंने यहाँ से एक्सपोर्ट हो रहे आम को फ्लैग ऑफ किया है। एपीडा जैसी एजेंसियां विदेशों में खरीददार और किसान उत्पादक संगठनों के बीच सीधा सम्पर्क स्थापित कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम मैंगो टूरिज्म को एक नई पहचान दिला सकते हैं। इसे आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करना होगा। अन्नदाता किसान को एग्री एण्टरप्रेन्योर्स बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना होगा। इस दिशा में वैल्यू क्रिएशन, इनोवेशन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और प्रोत्साहित करना होगा। ए0आई0, ड्रोन, सेटेलाइट मैपिंग, प्रीसीजन फार्मिंग, सेंसर आधारित सिंचाई और डिजिटल मण्डियों के माध्यम से स्मार्ट हॉर्टिकल्चर की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। प्रत्येक जनपद में पोस्ट हार्वेस्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, कोल्ड चेन, राइपनिंग सेण्टर, पैक हाउस, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और एक्सपोर्ट सुविधा और तेजी से विकसित करनी होगी। कुछ उद्यान विभाग करें तथा कुछ पी0पी0पी0 मोड पर प्रोत्साहित करें। यदि यह सभी चीजें एक साथ होंगी, तो उत्तर प्रदेश केन्द्र बिन्दु बन सकता है। यह आज की आवश्यकता है। इससे अन्नदाता किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त होगा। यदि किसानों को उपज का अच्छा दाम मिलेगा, तो युवा कृषि और उद्यमिता की ओर आकर्षित होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि तकनीक के माध्यम से बहुत सारी समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। यदि स्वयं सहायता समूह मूल्य संवर्धन का नेतृत्व करेंगे और जब हमारे उत्पाद विश्व के प्रमुख बाजारों तक पहुँचेंगे, तो प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की संकल्पना को साकार करने में मदद मिलेगी। उन्होंने सभी बागवानों, अन्नदाता किसानों तथा इस फील्ड से जुड स्टेक होल्डर्स से अपील करते हुए कहा कि वह इस दिशा में उद्यान विभाग के साथ मिलकर कार्य करें।
कार्यक्रम को कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही तथा उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दिनेश प्रताप सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर कृषि राज्य मंत्री श्री बलदेव सिंह ओलख, विधायक श्री राजेश त्रिपाठी,
कृषि उत्पादन आयुक्त श्री दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव उद्यान और खाद्य प्रसंस्करण श्री बी0एल0 मीना, सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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