जलालपुर, अंबेडकरनगर।
प्रदेश में बिजली कटौती से बेहाल जनता की पीड़ा आखिरकार सड़क पर उतर आई। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को हाइडिल कार्यालय पहुंचकर सरकार और बिजली विभाग को याद दिलाया कि जून की गर्मी में बिजली केवल आंकड़ों में नहीं, घरों में भी पहुंचनी चाहिए।
हाइडिल परिसर में हुए प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने आरोप लगाया कि जलालपुर में बिजली का हाल ऐसा है कि लोग पंखे की हवा से ज्यादा बिजली आने के मैसेज का इंतजार कर रहे हैं। दावा किया गया कि कई इलाकों में 10 से 12 घंटे तक बिजली गायब रहती है, जबकि बिल ऐसे आते हैं मानो घर में कोई छोटा-मोटा कारखाना चल रहा हो।
अयोध्या प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल ने कहा कि जनता महंगी बिजली का भुगतान कर रही है, लेकिन बदले में उसे कटौती, लो-वोल्टेज और परेशानियां मिल रही हैं। वहीं जिलाध्यक्ष बृजेश चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार के दावे 24 घंटे चमकते हैं, लेकिन बिजली अक्सर बीच रास्ते में ही दम तोड़ देती है।
कार्यकर्ताओं ने स्मार्ट मीटरों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि कई उपभोक्ता यह समझ नहीं पा रहे हैं कि मीटर बिजली की खपत माप रहा है या जेब की गहराई। उन्होंने स्मार्ट मीटर और कथित फर्जी बिलिंग की जांच की मांग की।
नारेबाजी और प्रदर्शन के बाद राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एक्सईएन को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
फिलहाल जनता को उम्मीद है कि ज्ञापन की बिजली विभाग तक पहुंचने की रफ्तार, बिजली आने-जाने की रफ्तार से थोड़ी ज्यादा होगी।
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