मुख्यमंत्री ने जनपद पीलीभीत के बरखेड़ा एवं बीसलपुर विधान सभा क्षेत्रों में 569 करोड़
रु0 से अधिक लागत की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया

विस्थापित परिवारों को भूमि सम्बन्धी
अधिकार पत्र तथा नागरिकता प्रमाण पत्र वितरित किए

प्रधानमंत्री जी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री जी के प्रयासों के फलस्वरूप विस्थापित परिवारों को
 पीलीभीत में अपनी विरासत को संरक्षित करने का उचित प्लेटफॉर्म मिला : मुख्यमंत्री

पीलीभीत अपने प्राकृतिक सौन्दर्य, जैव-विविधता तथा
विश्व प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व के लिए जाना जाता

पीलीभीत ने अपने हुनर से कृष्ण-कन्हैया की मुरली को एक नयी
पहचान दिलायी, पीलीभीत ईको-टूरिज्म के नए हब के रूप में स्थापित होगा

आज विस्थापित बंगाली परिवारों को 05 दशक के बाद उनका अधिकार मिला, प्रधानमंत्री
 जी के विजन के अनुरूप पीलीभीत में पुनर्वासित कर उन्हें नागरिकता प्रदान की गई,
यह बंगाली संस्कृति को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने का ऐतिहासिक फैसला

आज जिन लोगों को आवासीय पट्टा और जमीन के मूल कागजात और नागरिकता
प्रदान की जा रही, उनमें ज्यादातर दलित, वंचित, अति पिछड़ी जाति से सम्बन्धित

पीलीभीत से गुजरने वाला इकोनॉमिक कॉरिडोर गोरखपुर से पीलीभीत होते हुए
मुरादाबाद और शामली से पानीपत तथा गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक जाएगा,
यह कॉरिडोर लोगों का रास्ता आसान करेगा तथा प्रगति का आधार बनेगा

अब यू0पी0 में नो दंगा, नो कर्फ्यू, यू0पी0 में अब सब चंगा,
अब यू0पी0 दंगा मुक्त, माफिया मुक्त, उपद्रव मुक्त एवं कर्फ्यू मुक्त

जब अच्छे जनप्रतिनिधि जीत कर आते तब जनपद में मेडिकल कॉलेज और पुल जैसी योजनाएँ आती,
 सिंगल लेन सड़क 2-लेन और 4-लेन में बदलती, टूरिज्म को बढ़ावा मिलता तथा गरीबों
 को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता

डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से चलती, विकास लाती व विरासत को सम्मान देती,
प्रत्येक व्यक्ति, गाँव, गरीब, किसान, नौजवान, महिला के उत्थान के लिए कार्य करती

मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उ0प्र0 और पीलीभीत का कायाकल्प
हो रहा, प्रदेश में सुशासन, कानून-व्यवस्था और विकास की नयी
गाथा लिखी गई : केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री
 
लखनऊ : 29 जून, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि जनपद पीलीभीत अपने प्राकृतिक सौन्दर्य, जैव-विविधता तथा विश्व प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व के लिए जाना जाता है। पीलीभीत ने अपने हुनर से कृष्ण-कन्हैया की मुरली को एक नयी पहचान दिलायी है। सभी जनप्रतिनिधियों के परिश्रम और पुरुषार्थ के कारण आज लगभग 600 करोड़ रुपये लागत की विकास परियोजनाओं की सौगात जनपद की दोनों विधान सभाओं को उपहार स्वरूप मिल रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि जनपद पीलीभीत विकास की प्रक्रिया के साथ ईको-टूरिज्म के नए हब के रूप में स्थापित होगा। इसमें डबल इंजन सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। यहाँ के जनप्रतिनिधिगण जो भी प्रस्ताव रखेंगे, सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ उसे आगे बढ़ाएगी।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद पीलीभीत के बरखेड़ा एवं बीसलपुर विधान सभा क्षेत्रों में 569 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 66 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विस्थापित परिवारों को भूमि सम्बन्धी अधिकार पत्र तथा नागरिकता प्रमाण पत्र वितरित किए। मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक एवं चाभी, प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र आदि प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान जनपद पीलीभीत में संचालित योजनाओं तथा विशेष उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज विस्थापित बंगाली परिवारों को 05 दशक के बाद उनका अधिकार मिला है। यह बंगाली संस्कृति को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने का ऐतिहासिक फैसला है। लगभग 55-56 वर्ष पूर्व बांग्लादेश से निकाले गए प्रताड़ित हिन्दुओं, बौद्धों, जैनियों और सिखों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप पीलीभीत में पुनर्वासित कर उन्हें नागरिकता प्रदान की गई। यह उनके लिए पुनर्जीवन है। सर्टिफिकेट प्राप्त होने के बाद कोई भी ताकत इन्हें निकाल नहीं सकती। अब कोई भी इन्हें पराया नहीं कह सकता। विस्थापित बंगाली परिवार अपनी संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा किए गए प्रयासों के फलस्वरूप विस्थापित परिवारों को जनपद पीलीभीत में अपनी विरासत को संरक्षित करने का उचित प्लेटफॉर्म मिल गया है। इसके माध्यम से उनकी आने वाली पीढ़ी के सपनों को संजोने और आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा। उनके सपनों को नयी उड़ान मिलेगी। पूर्वी बंगाल (वर्तमान बांग्लादेश) से निकाले गए इन हिन्दुओं, बौद्धों, जैनियों और सिखों को अब गौरव और सम्मान के साथ जीने का अधिकार प्राप्त होगा। अब इन्हें कोई परेशान नहीं करेगा।
मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री जी तथा केन्द्रीय गृह मंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज लगभग 2,500 बंगाली परिवारों अर्थात 15,000 लोगों को सीधे-सीधे इस स्कीम का लाभ मिल रहा है। इसके लिए श्री जितिन प्रसाद, श्री संजय सिंह गंगवार, स्वामी प्रवक्तानन्द, श्री विवेक वर्मा, श्री बाबूराम पासवान भी बधाई के पात्र हैं, जिन्होंने पैरवी कर इन परिवारों को उनका अधिकार उपलब्ध करवाया। प्रदेश में ऐसे 55,000 परिवार रह रहे थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत दिनों लखीमपुर खीरी में ऐसे परिवारों को नागरिकता और जमीन के पट्टे उपलब्ध करवाए गए। बिजनौर में 3,500 परिवारों को अधिकार प्रदान किए गए। रामपुर में बड़ी संख्या में इस कार्यवाही को सम्पन्न करना है। आज पीलीभीत में प्रथम चरण का कार्य सम्पन्न हो रहा है। इसी प्रकार अन्य कार्यक्रम भी अनवरत जारी रहेंगे। अभी यह कार्य पूरा नहीं हुआ है। कुछ मामलों में वन विभाग और भारत सरकार से स्वीकृति का इंतजार है। जैसे ही स्वीकृति मिलेगी, अन्य परिवारों को उनका अधिकार उपलब्ध करा दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कारण बांग्लादेश और पाकिस्तान बना। यह उनकी सत्ता लोलुपता का परिणाम था। यदि तत्कालीन सरकारों का नेतृत्व अडिग रहता, तो भारत का दुर्भाग्यपूर्ण विभाजन और पाकिस्तान का निर्माण नहीं होता। इसके कारण लाखों हिन्दुओं को पैतृक भूमि छोड़नी पड़ी। स्वतंत्र भारत में उन लोगों के मन में अभिलाषा थी कि जिस आधार पर विभाजन किया गया, उसी आधार पर उन्हें भारत में शरण तथा सम्मान के साथ नागरिकता मिलेगी। उन्हें सुगमतापूर्वक जीवनयापन करने का अवसर मिलेगा। पूर्ववर्ती सरकारों ने तुष्टिकरण के कारण इसकी कभी सुध नहीं ली। उन्होंने गरीबों, दलितों, पिछड़ों तथा वंचितों के बारे में कभी नहीं सोचा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज जिन लोगों को आवासीय पट्टा और जमीन के मूल कागजात और नागरिकता प्रदान की जा रही है, उनमें ज्यादातर दलित, वंचित, अति पिछड़ी जाति से सम्बन्धित हैं। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सिटीजनशिप अमेण्डमेण्ट एक्ट आया। डबल इंजन सरकार ने तय किया कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान से विस्थापित हिन्दुओं, बौद्धों, जैनियों, सिखों को भारत की नागरिकता मिलनी चाहिए। इसके विरोध में लम्बे समय तक दिल्ली और देश के विभिन्न राज्यों में आन्दोलन भी हुए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने गरीबों की पीड़ा के साथ अपनी संवेदना को जोड़ा है। यह संवेदना पूर्ववर्ती सरकारें भी जोड़ सकती थी, लेकिन पीलीभीत उनके एजेण्डे में नहीं था। यदि ऐसा होता, तो पीलीभीत में मेडिकल कॉलेज बन गया होता। पीलीभीत की बाँसुरी को पहचान मिल गई होती। पीलीभीत और लखीमपुर खीरी को जोड़ने वाले पुल का निर्माण हो गया होता। यहाँ के टाइगर रिजर्व को वैश्विक मान्यता मिल गई होती। इन गरीबों को जमीन का अधिकार और नागरिकता प्रमाण पत्र मिल गया होता। लेकिन परिवार तक सीमित रहने वाले लोग कभी समाज और देश का कल्याण नहीं कर सकते।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में पहले गुण्डागर्दी, दंगे, उपद्रव तथा लूटपाट होती थी। व्यापारी और बेटियाँ असुरक्षित थीं। गरीबों तथा सार्वजनिक उपयोग की जमीनों पर कब्जा होता था। प्रदेश में जब हमारी सरकार आयी तो, पहले दिन ही घोषणा की गई कि यदि किसी ने सरकारी या सार्वजनिक जमीन कब्जा किया है, तो खाली कर दे अन्यथा अगले 48 घण्टे के बाद कार्रवाई की जाएगी। बहुत सारे लोगों ने उसी समय सरेण्डर कर दिया था। एक समय था जब माफिया थानों पर कब्जा कर लेते थे, तहसीलों में ऊधमबाजी करते थे, उद्यम नहीं स्थापित होने देते थे व विकास की योजना को पूरा नहीं होने देते थे। अब यू0पी0 में नो दंगा नो कर्फ्यू, यू0पी0 में अब सब चंगा। अब यू0पी0 दंगा मुक्त, माफिया मुक्त, उपद्रव मुक्त एवं कर्फ्यू मुक्त हो गया है। हमारी प्रतिबद्धता गरीबों, युवाओं, बहन-बेटियों, व्यापारियों, अन्नदाता किसानों की सुरक्षा एवं खुशहाली के लिए है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज पीलीभीत में विकास कार्य इसीलिए सम्भव हो सके, क्योंकि यहाँ की जनता द्वारा अच्छे प्रतिनिधि चुने गए, जिससे अच्छे कार्य हुए। यहाँ युवाओं के उज्जवल भविष्य के लिए स्किल डेवलपमेण्ट के अनेक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। जनप्रतिनिधि विकास योजनाओं को ला रहे हैं। वह जनपद के विकास के लिए निरन्तर प्रयासरत हैं। जब अच्छे जनप्रतिनिधि जीत कर आते हैं, तब जनपद में मेडिकल कॉलेज और पुल जैसी योजनाएँ आती हैं। सिंगल लेन सड़क 2-लेन और 4-लेन में बदलती है। जैव विविधता के लिए पीलीभीत जनपद दुनिया में विख्यात होता है। टूरिज्म को बढ़ावा मिलता है। गरीबों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। आज पीलीभीत वासियों को स्वास्थ्य की सुविधा तथा बेहतरीन कनेक्टिविटी का लाभ मिल रहा है। यहाँ के लोग मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, पी0एम0 विश्वकर्मा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना आदि योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी विजन के अनुरूप प्रदेश में डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित किए गए हैं। आज उत्तर प्रदेश डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर का हब बन रहा है। वहाँ ब्रह्मोस मिसाइलें बन रही हैं। प्रदेश का विकास हो रहा है। एक इकोनॉमिक कॉरिडोर पीलीभीत से गुजर रहा है। यह गोरखपुर से पीलीभीत होते हुए मुरादाबाद और शामली से पानीपत तथा गोरखपुर से सिलीगुड़ी तक जाएगा। पीलीभीत का व्यक्ति यदि गोरखपुर व शामली या मुरादाबाद की ओर जाना चाहे, तो इकोनॉमिक कॉरिडोर रास्ता आसान कर देगा। प्रगति का आधार गति है। जब अच्छे मार्ग बनेंगे, कनेक्टिविटी में गति होगी, तो उतनी ही तेज प्रगति होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हम प्रदेश में अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित कर रहे हैं। विगत दिनों प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से भारत के सबसे लम्बे एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण सम्पन्न हुआ। पहले गाजियाबाद या मेरठ से लखनऊ की दूरी तय करने में 06 से 08 घण्टे का समय लगता था, अब मात्र 04 घण्टे का समय लगता है। मात्र 05 घण्टे में मेरठ से प्रयागराज पहुँचा जा सकता है। जब गति वर्ल्ड क्लास इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ती है, तो वह प्रगति के साथ भी जुड़ जाती है। जब अच्छा इन्फ्रास्ट्रक्चर, सड़कें, एयरपोर्ट, रेल सुविधा नहीं होती, तो अर्थव्यवस्था की दुर्गति होती है। डबल इंजन सरकार, डबल स्पीड और बुलेट ट्रेन की स्पीड से चलती है। यह विकास लाती है और विरासत को सम्मान देती है। प्रत्येक व्यक्ति, गाँव, गरीब, किसान, नौजवान, महिला के उत्थान के लिए कार्य करती है।
केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश और पीलीभीत का हमारी आँखों के सामने कायाकल्प हो रहा है। प्रदेश में सुशासन, कानून-व्यवस्था और विकास की नयी गाथा लिखी गई है। जनपद पीलीभीत में सरकार की समस्त योजनाओं का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है, जिसका परिणाम धरातल पर दिखायी दे रहा है। पीलीभीत की विकास गाथा स्वर्णयुग में लिखी जाएगी। सभी जनप्रतिनिधिगण मिलकर जनता की सेवा कर रहे हैं। प्रदेश में ऐसे विकासपरक कार्य होते दिखायी दे रहे हैं, जिसकी हमने कल्पना भी नहीं की थी। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। उन्हें ए0आई0 सुविधाओं तथा तकनीक से लैस किया जा रहा है, ताकि वह दूसरे बड़े शहरों के युवाओं के साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर भविष्य सँवार सकें।
कार्यक्रम को विधायक बरखेड़ा श्री जयद्रथ उर्फ प्रवक्तानन्द तथा विधायक बीसलपुर श्री विवेक कुमार वर्मा ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर कृषि राज्यमंत्री श्री बलदेव सिंह ओलख, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्य मंत्री श्री संजय सिंह गंगवार, विधान परिषद सदस्य डॉ0 सुधीर गुप्ता, विधायक श्री बाबूराम पासवान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 दलजीत कौर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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