बलरामपुर- जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में आगामी 01 जुलाई से 31 जुलाई तक संचालित होने वाले विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि संचारी रोगों की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इससे जुड़े सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने साफ-सफाई, जल निकासी, फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव, पेयजल की शुद्धता तथा जनजागरूकता गतिविधियों को समयबद्ध रूप से संचालित करने पर बल दिया।
जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी द्वारा नियमित टीकाकरण कार्यक्रम, मातृ मृत्यु ऑडिट (Maternal Death Audit), गुणवत्तापूर्ण एएनसी (Ante Natal Care), एचपीवी टीकाकरण, संस्थागत प्रसव, जननी सुरक्षा योजना (JSY) भुगतान तथा आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर विद्यालयों में निर्धारित दिवस तय करते हुए लक्षित बालिकाओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस अभियान में शिक्षा विभाग का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा विद्यालय स्तर पर व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं के भुगतान की समीक्षा के दौरान विकासखंड पचपेड़वा में अपेक्षाकृत कम भुगतान पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाते हुए आशा कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाए, जिससे उनके प्रदर्शन के अनुरूप भुगतान में वृद्धि हो सके।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने महिला चिकित्सालय में तैनात स्टाफ नर्स श्रीमती आरती पांडे के विरुद्ध कार्य में लापरवाही एवं अनुशासनहीनता संबंधी प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए कड़ी नाराजगी व्यक्त की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को मामले की समीक्षा करते हुए संविदा समाप्त किए जाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने आयुर्वेदिक एवं होम्योपैथिक चिकित्सालयों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कोई भी आयुर्वेदिक अथवा होम्योपैथिक अस्पताल निजी भवनों में संचालित नहीं किया जाएगा। यदि ऐसे अस्पताल वर्तमान में निजी भवनों में संचालित हो रहे हैं तो उन्हें निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) अथवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर में स्थानांतरित कर संचालित किया जाए, ताकि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच एवं प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए सभी विभागों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने विशेष रूप से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

             हिन्दी संवाद न्यूज से
               रिपोर्टर वी. संघर्ष
                  बलरामपुर। 

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