नवसृजित आठ राज्य विश्वविद्यालयों की प्रगति की समीक्षा, उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने दिए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश

शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों, नियुक्तियों, निर्माण एवं मान्यता कार्यों की हुई विस्तृत समीक्षा

विश्वविद्यालय बनेंगे क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन और नवाचार के केंद्र  -उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय

लखनऊ: 30 जून, 2026
प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय की अध्यक्षता में मंगलवार को विधानसभा स्थित कार्यालय कक्ष में नवसृजित आठ राज्य विश्वविद्यालयों की प्रगति की ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विश्वविद्यालयों के निर्माण कार्य, शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों, पद सृजन, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की नियुक्ति, बजट, मान्यता, संबद्धता तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक विश्वविद्यालयों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। नवस्थापित विश्वविद्यालय केवल शिक्षा के केंद्र नहीं होंगे, बल्कि क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन, शोध एवं नवाचार के नए आयाम स्थापित करेंगे। उन्होंने  निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय उत्पाद के अनुरूप रोजग सृजन के कोर्स संचालित किया जाए।
बैठक के दौरान भदोही, शाहजहाँपुर, अलीगढ़, सहारनपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, मुरादाबाद एवं बलरामपुर स्थित नवसृजित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं अधिकारियों ने अपने-अपने विश्वविद्यालयों की वर्तमान स्थिति और आवश्यकताओं से मंत्री को अवगत कराया। समीक्षा में कई विश्वविद्यालयों में निर्माण कार्यों की प्रगति संतोषजनक पाए जाने के साथ ही कुछ स्थानों पर भूमि, विद्युत, सड़क, जल निकासी, भवन निर्माण तथा प्रशासनिक स्वीकृतियों से जुड़ी समस्याएँ भी सामने आईं। उच्च शिक्षा मंत्री ने इन सभी मुद्दों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों एवं जिला प्रशासन से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।
मंत्री उपाध्याय ने कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार जनता के हित में संसाधनों की कोई कमी नहीं रहने दे रही है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या गुणवत्ता से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने भवनों की थर्ड पार्टी गुणवत्ता जांच कराने, संरचनात्मक मजबूती सुनिश्चित करने तथा प्रत्येक निर्माण कार्य का नियमित निरीक्षण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों पर नियुक्तियों की भी समीक्षा की गई। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि सभी स्वीकृत पदों को एक साथ भरने के बजाय आवश्यकता के अनुरूप चरणबद्ध तरीके से नियुक्तियाँ की जाएँ। जहाँ तत्काल आवश्यकता हो, वहाँ गेस्ट फैकल्टी एवं सेशन प्रोफेसरों की नियुक्ति कर नियमित शिक्षण कार्य प्रारम्भ कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई किसी भी स्थिति में प्रभावित न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी धन का उपयोग पूरी पारदर्शिता एवं आवश्यकता के अनुरूप किया जाए।
उन्होंने विश्वविद्यालयों से भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अधिक से अधिक भूमि उपलब्ध कराने के प्रयास करने, परिसर के समग्र विकास की कार्ययोजना तैयार करने तथा कृषि, विज्ञान, इंजीनियरिंग, मनोविज्ञान सहित विभिन्न विषयों के विस्तार की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय स्थानीय अर्थव्यवस्था, कौशल विकास और नवाचार के केंद्र बनें तथा उद्योगों एवं स्थानीय संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा दें।
समीक्षा में यह भी अवगत कराया गया कि अधिकांश विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप कार्यवाही जारी है। कई विश्वविद्यालयों में निर्माण का प्रथम चरण पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे चरण के प्रस्तावों पर कार्रवाई प्रगति पर है। विभिन्न विश्वविद्यालयों में पद सृजन, बजट स्वीकृति, समर्थ पोर्टल के क्रियान्वयन, महाविद्यालयों की संबद्धता तथा यूजीसी, बीसीआई, एनसीटीई सहित विभिन्न नियामक संस्थाओं से मान्यता प्राप्त करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है।
बैठक के समापन पर उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि शासन विश्वविद्यालयों के साथ चट्टान की तरह खड़ा है और सभी आवश्यक सहयोग समय पर उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कुलपतियों से अपेक्षा की कि वे पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करते हुए विश्वविद्यालयों को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करें, जिससे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकसित एवं ज्ञान-आधारित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना को साकार किया जा सके। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ और सहारनपुर की यूनिवर्सिटी का प्रधानमंत्री जी के द्वारा उद्घाटन प्रस्तावित है।
बैठक में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी, प्रमुख सचिव एम. पी. अग्रवाल, सचिव अमृत त्रिपाठी, विशेष सचिव निधि श्रीवास्तव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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