मुख्यमंत्री ने जनपद गोरखपुर में अक्षय पात्र फाउण्डेशन द्वारा प्रदेश सरकार के
सहयोग से निर्मित 01 लाख छात्र-छात्राओं को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन
उपलब्ध कराने की क्षमता वाले केन्द्रीयकृत रसोई घर का उद्घाटन किया

स्वच्छता और स्वास्थ्य का आपस में घनिष्ठ सम्बन्ध, अक्षय
पात्र फाउण्डेशन का यह किचन स्वच्छता का एक उदाहरण : मुख्यमंत्री

भोजन में स्वच्छता तथा बच्चों को पौष्टिक आहार के माध्यम
से सभी प्रकार के कुपोषण से मुक्त होने में मदद मिल सकेगी

लखनऊ, वाराणसी, मथुरा, आगरा, कानपुर जैसे
जनपदों में फाउण्डेशन के किचन पहले से ही काम कर रहे

नए सत्र में पहले 50 हजार और उसके बाद 01 लाख बच्चों को इस
किचन से प्रतिदिन ताजा भोजन अलग-अलग दिन के मेन्यु के
हिसाब से उपलब्ध करवाने में फाउण्डेशन मदद करेगा

प्रधानमंत्री जी का विज़न है कि हर बच्चा स्वस्थ हो, जब वह स्वस्थ होगा, तो
विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने में अपनी प्रतिभा का योगदान देगा
 
किसी भी स्वस्थ और समृद्ध समाज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी शिक्षा, ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से विद्यालयों में बच्चों के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही
 
शिक्षक, प्रधानाध्यापक तथा अधिकारी इस बात का
ध्यान रखें कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे

 

लखनऊ : 25 जून, 2026

     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गोरखपुर में नकहा रेलवे के स्टेशन के पास अक्षय पात्र फाउण्डेशन द्वारा प्रदेश सरकार के सहयोग से निर्मित परिषदीय विद्यालयों के 01 लाख छात्र-छात्राओं को पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराने की क्षमता वाले केन्द्रीयकृत रसोई घर का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री जी ने निर्मित किचन का अवलोकन तथा विद्यार्थियों को भोजन का वितरण किया। उन्होंने परिसर में पौध रोपण भी किया।
मुख्यमंत्री जी ने अक्षय पात्र फाउण्डेशन को गोरखपुर में केन्द्रीयकृत किचन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किचन में हाईजीन का ध्यान रखा गया है। भोजन में स्वच्छता तथा बच्चों को पौष्टिक आहार के माध्यम से सभी प्रकार के कुपोषण से मुक्त होने में मदद मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अक्षय पात्र फाउण्डेशन द्वारा मिड-डे-मील योजना के तहत बच्चों के लिए परोसा जाने वाला भोजन अपनी क्वॉलिटी के लिए जाना जाता है। लखनऊ, वाराणसी, मथुरा, आगरा, कानपुर जैसे जनपदों में इनके किचन पहले से ही काम कर रहे हैं। यह प्रसन्नता का विषय है कि गोरखपुर में भी अब यह सेंट्रलाइज्ड किचन बनकर तैयार हो गया है। नए सत्र में पहले 50 हजार बच्चों और उसके बाद 01 लाख बच्चों को इस किचन से प्रतिदिन ताजा भोजन अलग-अलग दिन के मेन्यु के हिसाब से उपलब्ध करवाने में यह फाउण्डेशन मदद करेगा। मुख्यमंत्री जी ने आशा व्यक्त की कि अक्षय पात्र फाउण्डेशन अपने मिशन को निरन्तरता प्रदान करते हुए आगे बढ़ता रहेगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इसमें भोजन की जो लागत आती है, मिड डे मील की लागत के साथ हम मैचिंग राशि अलग से उपलब्ध करवाते हैं। अक्षय पात्र फाउण्डेशन बहुत अच्छे तरीके से किचन की व्यवस्था तथा भोजन के वितरण की व्यवस्था करवाता है। यह हर व्यक्ति को सोचना चाहिए कि वह कुछ भी न खा ले। यह सोचना भी आवश्यक है कि वह स्वास्थ्य के लिए कितना अनुकूल और कितना प्रतिकूल है। स्वस्थ रहने के लिए व्यक्ति का आहार-विहार भी स्वस्थ होना बहुत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वच्छता और स्वास्थ्य का आपस में घनिष्ठ सम्बन्ध है। आहार स्वच्छ होगा, तो मनुष्य भी स्वस्थ होगा। व्यक्ति यदि शारीरिक रूप से स्वस्थ है, तो उसका मस्तिष्क भी स्वस्थ होगा। हम घर में हों या बाजार में, भोजन की गुणवत्ता की शुरुआत स्वच्छता से होनी चाहिए। अक्षय पात्र फाउण्डेशन का यह किचन स्वच्छता का एक उदाहरण है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि होटल, रेस्टोरेण्ट, शादी-विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रमों में अक्सर असावधानी के कारण फूड प्वॉइजनिंग की बातें सामने आती हैं। इस दृष्टि से इस केन्द्रीयकृत किचन में एक-एक बात को ध्यान में रखा गया है। लाखों बच्चे प्रतिदिन अक्षय पात्र फाउण्डेशन के सहयोग से मिड-डे-मील या विभिन्न प्रकार के अन्य संस्थानों में इस सुविधा का लाभ प्राप्त कर रहे हैं, इसके लिए फाउण्डेशन धन्यवाद का पात्र है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनपद गोरखपुर में 01 लाख बच्चे मिड-डे-मील में पौष्टिक आहार की सुविधा का लाभ प्राप्त करके सुपोषण के लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी का विज़न है कि हर बच्चा स्वस्थ हो। जब वह स्वस्थ होगा, तो विकसित भारत की संकल्पना को पूरा करने में अपनी प्रतिभा का योगदान देगा। बच्चे का स्वस्थ होना, देश की समृद्धि का आधार बनेगा। इस समृद्धि में अक्षय पात्र फाउण्डेशन अपना योगदान दे रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है। किसी भी स्वस्थ और समृद्ध समाज की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी शिक्षा है। जैसी शिक्षा होगी, समाज का वर्तमान और भविष्य भी वैसा ही होगा। आज बेसिक शिक्षा परिषद में ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से बच्चों के लिए अनेक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं। अब विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था है। नए सत्र में आज से बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालय खुल रहे हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के सभी शिक्षक, प्रधानाध्यापक तथा अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। हर बच्चे को स्कूल पहुंचाना है। उन्हें समय पर यूनिफार्म, बैग, बुक्स, जूते-मोजे, स्वेटर मिल जाएं। समय-समय पर उनके अभिभावकों के साथ संवाद हो। उन्हें अभ्यास कराएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 09 वर्षों में बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षा के क्षेत्र बहुत प्रगति की है। ऑपरेशन कायाकल्प इसका उदाहरण है। नीति आयोग ने भी ऑपरेशन कायाकल्प को सक्सेस स्टोरी के रूप में प्रस्तुत किया है। माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में नकलविहीन परीक्षाओं के आयोजन के साथ ही अनेक उदाहरण प्रस्तुत किए गए हैं। इनमें शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने, प्रोजेक्ट अलंकार के माध्यम से सरकारी या सरकार द्वारा अनुदानित विद्यालयों के जर्जर भवनों के पुनरुद्धार के लिए बड़े पैमाने पर हर जनपद के लिए पर्याप्त धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। इससे बच्चों को सुरक्षित वातावरण में अध्ययन करने और आगे बढ़ने के अवसर मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था की गई है। हर जनपद में इसकी सुविधाएं हैं। इस कोचिंग का लाभ फिजिकल तथा ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। आज विद्यालयों में अटल टिंकरिंग लैब, स्मार्ट क्लासेस, डिजिटल लाइब्रेरी सहित अनेक प्रकार की सुविधाएं निर्मित हो रही हैं। पहले लम्बे समय तक परीक्षाएं चलती थीं। इनका परिणाम आने में तीन महीने लगते थे। लगभग 06 महीने परीक्षा होने तथा परिणाम आने में ही खत्म हो जाते थे। आज मात्र 14 से 15 दिनों में परीक्षाएं सम्पन्न होती हैं तथा अगले 14 से 15 दिनों में परिणाम आ जाते हैं। एक महीने में ही पूरी प्रक्रिया सम्पन्न हो जाती है। अब ज्यादा समय पठन-पाठन के लिए मिलता है।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद और माध्यमिक शिक्षा परिषद के सभी विद्यालय सभी प्रकार की सुविधाओं से आच्छादित होकर एक नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।
कार्यक्रम को अक्षय पात्र फाउण्डेशन के उपाध्यक्ष/सह संस्थापक श्री चंचलापति दास ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबिता सिंह चौहान, उपाध्यक्ष श्रीमती चारू चौधरी, गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव, विधान परिषद सदस्य डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह, विधायक श्री बिपिन सिंह, श्री फतेह बहादुर सिंह, श्री महेन्द्र पाल सिंह, श्री प्रदीप शुक्ला, इं0 सरवन निषाद, श्री राजेश त्रिपाठी, अक्षय पात्र फाउण्डेशन से जुड़े पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी और बच्चे उपस्थित थे।
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