उतरौला बलरामपुर - भीषण गर्मी और उमस चलते जनजीवन के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी मुश्किल में डाल दिया है। तापमान लगा तार बढ़ने से तालाब- नाले सूख गए हैं। पानी की तलाश में जीव- जन्तु लोग इधर-उधर दर-दर भटक रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ गाड़ि यों और बाइक की धुलाई में हजारों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
कड़क धूप और गर्म हवा के चलते गांवों के पोखरे, तालाब और चपाकल सूखने लगे हैं। पशु-पक्षी पानी के लिए इधर उधर भटक रहे हैं। गाय, कुत्ते,बन्दर और पक्षी छाया और पानी की तलाश में सड़कों और बस्तियों तक पहुंच रहे हैं। ग्रामी णों का कहना है कि इस बार गर्मी जल्दी शुरू हो गई,और जल स्रोत तेजी से खाली हो रहे हैं। गर्मी के बढ़ते ही बाइक-कार धुलाई की दुकानों पर काफी भीड़ बढ़ गई है। एक बाइक धुलने में 30-40 लीटर और कार को धुलने में 150-200 लीटर तक पानी खर्च हो रहा है। बाजारों और पेट्रोल पंपों पर रोजाना हजारों लीटर पानी सिर्फधुलाई में बहाया जा रहा है, जबकि पीने के पानी की किल्लत शुरू हो चुकी है। हाल ही में मुंबई में पानी की किल्लत को देखते हुए प्रशासन ने गाड़ी धुलाई और फालतू पानी की बर्बादी पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि केवलसूखी धुलाई या कम पानी वाली तकनीक से ही वाहन साफ किया जाएं। स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्य कर्ताओं का कहना है कि उतरौला में भी मुंबई की तरह कदम उठाने की जरूरत है। गर्मी के मौसम में पानी बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि गाड़ियों की धुलाई बाल्टी-मग से करें और पाइप से धुलाई करने से बचें। छत,आंगन और फर्श धोने में भी पानी का इस्तेमाल कम करें। पशु-पक्षियों के लिए घर के बाहर बर्तन में पानी रखें। छोटी- छोटी बचत से ही हम इस भीषण गर्मी में पानी का संकट टल सकता हैं।एक-एक बूंद कीमती है, इसे बहने न दें।

            हिन्दी संवाद न्यूज से
           असगर अली की खबर
             उतरौला बलरामपुर। 

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