मुख्यमंत्री ने जनपद गौतमबुद्धनगर में मेरठ मण्डल के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के
 साथ लोक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा की

सांसद एवं विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र की विकास आवश्यकताओं के
अनुरूप प्रस्तावों का प्राथमिकता क्रम निर्धारित करें, ताकि जनहित की परियोजनाओं
को शीघ्र स्वीकृति देकर समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित किया जा सके : मुख्यमंत्री

मेरठ मण्डल में 6568.36 करोड़ रु0 लागत की
कुल 1,284 विकास परियोजनाएँ अब तक चिन्हित

विकास कार्यों के प्रस्ताव ऐसे क्षेत्रों के लिए तैयार
किए जाएं, जहाँ इस प्रकार के कार्य पूर्व में नहीं हुए

धर्मार्थ कार्यों से सम्बन्धित प्रस्ताव ऐसे स्थलों के लिए तैयार किए जाएं, जहां श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो तथा निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त एवं उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो

अधिकारियों को सभी कार्ययोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश

विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए, जनप्रतिनिधियों के सुझावों एवं स्थानीय आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए

लखनऊ : 27 जून, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज जनपद गौतमबुद्धनगर में मेरठ मण्डल के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ लोक निर्माण विभाग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं को सर्वोच्च महत्व दिया जाए। उन्होंने कहा कि सांसद एवं विधायक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र की विकास आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्तावों का प्राथमिकता क्रम निर्धारित करें, ताकि जनहित की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देकर समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित किया जा सके। मेरठ मण्डल में 6568.36 करोड़ रुपये लागत की कुल 1,284 विकास परियोजनाएँ अब तक चिन्हित की जा चुकी हैं।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों के प्रस्ताव ऐसे क्षेत्रों के लिए तैयार किए जाएं, जहाँ इस प्रकार के कार्य पूर्व में नहीं हुए हैं, ताकि विकास का लाभ नए क्षेत्रों तक पहुंचे तथा उपलब्ध संसाधनों का संतुलित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के विकास प्रस्तावों को कार्ययोजना में समुचित स्थान दिया जाए। कोई भी विधानसभा क्षेत्र विकास कार्यों से वंचित न रहे तथा संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित किया जाए। यदि किसी स्वीकृत परियोजना का कोई अवशेष कार्य शेष है, तो उसे भी कार्ययोजना में सम्मिलित कर शीघ्र पूर्ण कराया जाए, ताकि जनता को उसका लाभ समय पर मिल सके।
     मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि धर्मार्थ कार्यों से सम्बन्धित प्रस्ताव ऐसे स्थलों के लिए तैयार किए जाएं, जहाँ श्रद्धालुओं की संख्या अधिक हो तथा निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त एवं उपयुक्त स्थान उपलब्ध हो। ऐसे प्रस्ताव स्थानीय आवश्यकता एवं जनसुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं।
मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को सभी कार्ययोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे विकास परियोजनाओं का क्रियान्वयन अविलम्ब के प्रारम्भ हो सके। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता तथा समयबद्धता सुनिश्चित करते हुए जनप्रतिनिधियों के सुझावों एवं स्थानीय आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
      बैठक में औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ’नन्दी’, पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री नरेन्द्र कुमार कश्यप, राजनैतिक पेंशन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री सोमेन्द्र तोमर, लोक निर्माण राज्य मंत्री श्री बृजेश सिंह, जल शक्ति राज्य मंत्री श्री दिनेश खटीक तथा वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री श्री के0पी0 मलिक, सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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