जलालपुर / अंबेडकर नगर
सुल्तानपुर से भटककर अंबेडकर नगर के मालीपुर थाना क्षेत्र में पहुँचे तेंदुए का रेस्क्यू ऑपरेशन जिले के लिए एक हाई-रिस्क आपात स्थिति बन गया था। आबादी वाले इलाकों में तेंदुए की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई, खेतों और सड़कों पर आवाजाही ठप हो गई। ऐसे में ग्राउंड ज़ीरो पर त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप और विभागों के बीच सटीक समन्वय ने स्थिति को नियंत्रण में लाने की दिशा तय की।
रेस्क्यू के दौरान हालात उस वक्त और चुनौतीपूर्ण हो गए, जब तेंदुए ने वन दारोगा श्याम नरायन यादव पर अचानक हमला कर दिया। हमले में उनके गर्दन के पास तेंदुए का पंजा लग गया। घायल होने के बावजूद उन्होंने पीछे हटने के बजाय अदम्य साहस और संयम का परिचय दिया। उनकी इस कर्तव्यनिष्ठा ने मौके पर मौजूद टीम का मनोबल बढ़ाया और ऑपरेशन को निर्णायक मोड़ दिया।
घटना के तुरंत बाद वन विभाग की टीम, पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन ने अद्भुत तालमेल के साथ मोर्चा संभाला। इलाके की घेराबंदी, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षित दूरी सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट रणनीति अपनाई गई। भारी संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने भी अनुशासन और धैर्य का परिचय देते हुए प्रशासन का सहयोग किया, जिससे किसी प्रकार की अफरा-तफरी या जनहानि नहीं हुई।
इस पूरे अभियान का कुशल निर्देशन , उप जिलाधिकारी, द्वारा किया गया। सूचना मिलते ही वे तत्काल मौके पर पहुँचे और वन विभाग, पुलिस तथा स्थानीय अधिकारियों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया। उनकी त्वरित निर्णय क्षमता, स्पष्ट निर्देश और मौजूदगी ने रेस्क्यू को सुरक्षित और सफल बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई। रणनीतिक घेराबंदी, चरणबद्ध सर्च और सावधानीपूर्वक कार्रवाई के बाद कई घंटों की मशक्कत में तेंदुए को सुरक्षित रूप से पकड़कर पिंजरे में बंद कर लिया गया।
तेंदुए के रेस्क्यू होते ही पूरे क्षेत्र में शांति और राहत की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने प्रशासन, पुलिस और वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई की सराहना की। अधिकारियों के अनुसार, वन दारोगा श्याम नारायण यादव को प्राथमिक उपचार दिया गया है और उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। वहीं, तेंदुए को वन विभाग की निगरानी में रखकर आगे की आवश्यक प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि जंगली जानवरों की सूचना मिलने पर अफवाहों से बचें, सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तुरंत संबंधित विभागों को सूचित करें।
यह रेस्क्यू ऑपरेशन इस बात का प्रमाण है कि मजबूत प्रशासनिक नेतृत्व, विभागीय समन्वय और जमीनी स्तर पर कर्मियों का साहस मिलकर किसी भी चुनौती को सफलतापूर्वक अवसर में बदल सकता है।
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