बलरामपुर : सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को त्वरित और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैसलेस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स स्कीम (CTRAV - 2025) एक महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि कैशलैस ट्रीटमेंट ऑफ रोड एक्सीडेंट विक्टिम्स स्कीम के तहत अब सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों का उपचार नजदीकी सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी अस्पतालों में भी निःशुल्क किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. रस्तोगी ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत दुर्घटना में घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने पर किसी भी प्रकार की पूछताछ या कानूनी औपचारिकताओं में नहीं उलझाया जाएगा। इलाज तत्काल शुरू किया जाएगा, जिससे कई बहुमूल्य जानें बचाई जा सकेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति से न तो कोई सवाल-जवाब किया जाएगा और न ही उसे किसी कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति के उपचार पर आने वाला 1.50 लाख रुपये तक का खर्च मोटर वाहन दुर्घटना निधि द्वारा वहन किया जाएगा। यह उपचार एक सप्ताह तक किसी भी सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पताल में कराया जा सकेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद बलरामपुर में सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में बड़ी संख्या युवाओं की है। नशा, तेज रफ्तार और यातायात नियमों की अनदेखी दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण रही है।
डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने आमजन से अपील की कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें, हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें तथा दुर्घटना की स्थिति में घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करें। सीएमओ ने कहा कि सरकार की यह योजना ‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज सुनिश्चित कर जनहानि को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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