फर्जी जमानतदार मामले में पूर्व सांसद रिजवान जहीर को कोर्ट से मिली जमानत, पुलिस की कार्रवाई पर न्यायालय ने की कड़ी टिप्पणी
बलरामपुर। फर्जी जमानतदार मामले में पूर्व सांसद रिजवान जहीर को बड़ी राहत मिली है। शनिवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार ने उनका जमानत प्रार्थना पत्र मंजूर करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी की। आरोप है कि इस प्रकरण में पुलिस ने नाराजगी में अपराध का मामला तैयार किया। मामला थाना ललिया क्षेत्र का है। उप निरीक्षक द्वारा 14 दिसंबर को दर्ज कराई गई प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि गिरोहबंद अधिनियम के एक मामले में जमानत मिलने के बाद पूर्व सांसद की ओर से रोज अली और मोहर्रम अली को जमानतदार के रूप में पेश किया गया, जिनके पते गलत पाए गए। इसी आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पूर्व सांसद का अभिरक्षा रिमांड लिया था।
जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान अदालत ने महत्वपूर्ण तथ्यों को रेखांकित किया। न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी पिछले चार वर्षों से जेल में है और जमानतदारों से उसका कोई प्रत्यक्ष संपर्क साबित नहीं किया जा सका। पुलिस आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास भी प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके अलावा, जिन जमानतदारों पर सवाल उठाया गया, उन्होंने पहले ही अपनी जमानत वापस ले दी थी। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि इन परिस्थितियों में आरोपी के विरुद्ध साजिश का आरोप प्रथम दृष्टया कमजोर है। इसी आधार पर जमानत मंजूर करते हुए न्यायाधीश ने निर्देश दिया कि जेल से रिहा होने के बाद आवेदक सभी शर्तों का पालन करेगा।
फिरोज पप्पू हत्याकांड की सुनवाई कोर्ट 6जनवरी को करेगी।
उमेश चन्द्र तिवारी
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