अम्बेडकरनगर: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को उत्तर प्रदेश में एक बड़ा झटका लगा है, जहां पार्टी के वरिष्ठ नेता और 55-अम्बेडकर नगर लोकसभा सीट से पूर्व प्रत्याशी क़मर हयात अंसारी ने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। करीब तीन दशकों तक पार्टी के प्रति वफादार रहे अंसारी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमारी मायावती को लिखे पत्र में यह फैसला 'अपरिहार्य कारणों' से बताया है।

पूर्व चेयरमैन और जलालपुर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अंसारी ने मान्यवर कांशीराम के मिशन पर दलित, मुस्लिम और पिछड़े वर्गों के लिए काम करने का दावा करते हुए यह भी कहा कि हालिया लोकसभा चुनाव में पार्टी की विपरीत स्थितियों के बावजूद उन्हें लगभग दो लाख वोट मिले थे।

सूत्रों के मुताबिक, अंसारी के इस कदम से पार्टी की सियासी चिंताएं बढ़ गई हैं। अपने इस्तीफे में उन्होंने साफ तौर पर लिखा है कि दलितों, पिछड़ों और मुसलमानों समेत तमाम वर्गों से उन्हें भरपूर समर्थन व आशीर्वाद मिला, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पार्टी में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वह हकदार थे।

हालांकि पत्र में उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार जताते हुए मायावती से मिले आशीर्वाद को हमेशा ऋणी बताया है, लेकिन पार्टी छोड़ने के उनके फैसले ने अम्बेडकरनगर की सियासत में हलचल मचा दी है। अंसारी मोहल्ला पश्चिम तरफ, जलालपुर के निवासी हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि अंसारी का यह इस्तीफा बसपा में मुस्लिम-दलित समीकरण के बिगड़ते संतुलन को दर्शाता है। देखना होगा कि अब यह वफादार नेता अगला राजनीतिक कदम किधर ले जाता है।

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