बलरामपुर- एम एल के पी जी कॉलेज की आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आई क्यु ए सी) द्वारा दिनांक 20 जनवरी 2026 को महाविद्यालय के सभागार में शिक्षकों के लिए एक प्रोफेशनल डेवलपमेंट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “शिक्षण में समय प्रबंधन एवं शिक्षण में व्यावसायिक नैतिकता” रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों में समय प्रबंधन कौशल, नैतिक चेतना एवं व्यावसायिक दक्षता को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ स्वस्ति वाचन के साथ हुआ, जिसे महाविद्यालय की संस्कृत विभाग की विभाग अध्यक्ष डॉ पूजा मिश्रा के द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके उपरांत मंचासीन अतिथियों का औपचारिक स्वागत किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के माननीय सचिव, प्राचार्य, मुख्य नियंता, मुख्य वक्ता प्रो. मुनेश कुमार, वरिष्ठ प्राध्यापक जिसमे प्रमुख रूप से प्रो राघवेंद्र सिंह, प्रो एम अंसारी, प्रो विमल प्रकाश वर्मा, प्रो अशोक कुमार, श्री तारिक कबीर, डॉ दिनेश मौर्य, सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षकगण एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्य वक्ता प्रो. मुनेश कुमार, शिक्षा शास्त्र विभाग, लखनऊ यूनिवर्सिटी, लखनऊ ने अपने सारगर्भित संबोधन में शिक्षण प्रक्रिया में समय प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय का सुनियोजित और विवेकपूर्ण उपयोग न केवल शिक्षक की कार्यकुशलता को बढ़ाता है, बल्कि शिक्षण की गुणवत्ता को भी सुदृढ़ और प्रभावी बनाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक अनुशासित समय-सारिणी शिक्षक को अपने दायित्वों का बेहतर निर्वहन करने में सहायक होती है।
व्यावसायिक नैतिकता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्य ही शिक्षक की वास्तविक पहचान होते हैं और यही उसकी सामाजिक जिम्मेदारी का आधार बनते हैं। शिक्षक का आचरण, विचार और व्यवहार समाज को दिशा देने का कार्य करता है, इसलिए नैतिकता का पालन शिक्षक जीवन का अनिवार्य अंग होना चाहिए।
प्रो. कुमार ने यह भी कहा कि यदि शिक्षक स्वयं को निरंतर अपडेट और अपग्रेड करते रहें तो एक सकारात्मक और सशक्त लर्निंग एनवायरमेंट का निर्माण होता है। ज्ञान का निरंतर विस्तार और नवाचार के प्रति खुलापन शिक्षण को जीवंत बनाता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो जे पी पांडेय ने अपने वक्तव्य में कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम शिक्षकों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। समय प्रबंधन और नैतिक मूल्यों के समन्वय से ही शिक्षण कार्य प्रभावी एवं उद्देश्यपूर्ण बन सकता है।
महाविद्यालय प्रबंध समिति के माननीय सचिव रिटायर्ड कर्नल संजीव कुमार वार्ष्णेय ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को बदलते शैक्षणिक परिदृश्य के अनुरूप स्वयं को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
कार्यक्रम के समन्यवक व आई क्यु ए सी कोऑर्डिनेटर प्रो एस पी मिश्रा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षण में अनुशासन, नैतिकता और समयबद्धता का विशेष महत्व है। यह कार्यक्रम शिक्षकों को आत्ममूल्यांकन और सुधार की दिशा में प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के संयोजक डॉ बी. एल. गुप्ता ने कहा कि आई क्यु ए सी द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षकों को व्यावसायिक रूप से सशक्त बनाने का एक सार्थक प्रयास है, जिससे शैक्षणिक वातावरण और अधिक सकारात्मक एवं प्रभावी होगा।
कार्यक्रम के अंत में IQAC समन्वयक प्रो. एस. पी. मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, वक्ता, शिक्षकों, आयोजक दल एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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