बलरामपुर- शासन द्वारा जारी दिशानिर्देश एवं डीएम  विपिन कुमार जैन के निर्देशन में जनपद में रबी फसल सीजन के दौरान कृषकों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरकों की सुचारु एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी एवं वितरण में अनियमितता रोकने के उद्देश्य से निरंतर सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
दिनांक 01 जनवरी 2026 तक जनपद में कुल यूरिया – 25623.015 मीट्रिक टन,
डीएपी – 4715.345 मीट्रिक टन,
एमओपी – 166.550 मीट्रिक टन,
एनपीके – 2135.703 मीट्रिक टन तथा सिंगल सुपर फास्फेट – 16029.250 मीट्रिक टन का वितरण किया जा चुका है।

वर्तमान में दिनांक 02 जनवरी 2026 को जनपद में यूरिया – 3913.645 मीट्रिक टन, डीएपी – 3626.004 मीट्रिक टन, एमओपी – 167.400 मीट्रिक टन, एनपीके – 1292.175 मीट्रिक टन एवं सिंगल सुपर फास्फेट – 7371.227 मीट्रिक टन उपलब्ध है। 
जनपद में किसी भी प्रकार की उर्वरक की कोई कमी नहीं है।
जिला कृषि अधिकारी ने कृषक भाइयों से अपील की है कि वे आधार कार्ड एवं खतौनी के साथ, बोई गई फसल के अनुसार संस्तुत मात्रा में ही उर्वरक का क्रय करें तथा संतुलित उर्वरकों का प्रयोग करें। आवश्यकता से अधिक उर्वरक का प्रयोग न करें, जिससे भूमि की उर्वरता एवं फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
उर्वरक की जमाखोरी एवं कालाबाजारी रोकने हेतु चलाए जा रहे अभियान एवं  सघन जांच के दौरान यह पाया गया कि कुछ विक्रेताओं द्वारा एक ही व्यक्ति को 40 बोरी अथवा उससे अधिक यूरिया का विक्रय किया गया।
इस पर पर कड़ी कार्यवाही करते हुए मैसर्स यादव ट्रेडर्स, प्रो. अविनाश कुमार, छपिया पचपेड़वा, बलरामपुर एवं मैसर्स आदर्श खाद भंडार, प्रो. आदर्श सिंह, नवानगर हथियागढ़, तुलसीपुर को दोषी पाए जाने पर उनके उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।
इसी प्रकार, यूरिया उर्वरक को अधिक दिनों तक गोदाम में रोककर बिक्री न करने के प्रकरण में मैसर्स हरियाली कृषि सहायता केंद्र, भगवतीगंज, बलरामपुर
का भी उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निरस्त किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने समस्त थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं तथा सहकारी समितियों को निर्देशित किया है कि यदि उर्वरक विक्रय के साथ किसी अन्य उत्पाद की टैगिंग अथवा निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर बिक्री की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश–1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम–1955 के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

             हिन्दी संवाद न्यूज से
              रिपोर्टर वी. संघर्ष
                बलरामपुर। 

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