बलरामपुर- टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला कारागार बलरामपुर में निरुद्ध कैदियों के स्वास्थ्य परीक्षण के तहत डिजिटल एक्स-रे शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य जेल में बंद कैदियों के बीच संदिग्ध क्षय रोग (टीबी) मरीजों की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित करना है।
स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 12 जनवरी 2026 से 13 जनवरी 2026 तक कुल 200 कैदियों का डिजिटल एक्स-रे किया गया, जिसमें से 34 कैदियों में टीबी के संदिग्ध लक्षण पाए गए हैं। इन सभी संदिग्ध मरीजों की पुष्ट जांच सीबी-नैट (CBNAAT) के माध्यम से कराई जा रही है, ताकि रोग की शीघ्र पुष्टि कर आवश्यक उपचार प्रारंभ किया जा सके।
मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी द्वारा जिला कारागार में लगाए गए इस स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में तैनात चिकित्सीय एवं पैरामेडिकल कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए टीबी उन्मूलन कार्यक्रम को गंभीरता से लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जेल जैसे संवेदनशील स्थानों पर समय से जांच एवं उपचार अत्यंत आवश्यक है, जिससे संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।
इस अवसर पर जिला कारागार अधीक्षक, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. अजय कुमार शुक्ला सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि आगे भी इस प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण अभियान जारी रखे जाएंगे, ताकि टीबी मुक्त समाज के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके।

            हिन्दी संवाद न्यूज से
             रिपोर्टर वी. संघर्ष
                बलरामपुर। 

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