मुख्यमंत्री ने बाराबंकी में 1,734 करोड़ रु0 की 254
विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन कर
विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक/प्रमाण-पत्र वितरित किये
राष्ट्रीय एकता केवल एक शब्द नहीं, बल्कि हमारी
आन-बान-शान, यह हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य : मुख्यमंत्री
लौहपुरुष सरदार पटेल की सूझ-बूझ तथा दृढ़ संकल्प
ने 563 रियासतों को शान्तिपूर्ण ढंग से भारत का हिस्सा बनाया
राज्य सरकार बाबा लोधेश्वर नाथ की पावन धरा को श्री काशी विश्वनाथ धाम
की तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर में बदलने का कार्य कर रही
डबल इंजन सरकार प्रदेश में विरासत का सम्मान करते हुए
विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विगत 11 वर्षों में भारत शानदार यात्रा तय कर आगे बढ़ा,
इस यात्रा में देश का विकास, गरीबों का कल्याण तथा विरासत का सम्मान निहित
राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ किसी व्यक्ति, जाति, क्षेत्र, ईश्वर
व उपासना विधि के प्रति आग्रही नहीं बनाता, यह भारत माता की
वन्दना, जो राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर प्रदान करती
कोई भी व्यक्ति, जाति व मजहब राष्ट्र से बढ़कर नहीं
हो सकता, देशवासियों के लिए राष्ट्र प्रथम होना चाहिए
इतिहास केवल पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि आत्मावलोकन का अवसर
प्रदान करता, इतिहास की गलतियों का परिमार्जन हमें तत्परता से करना चाहिए
प्रधानमंत्री जी द्वारा बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर को
सम्मान देने हेतु बाबा साहब से जुड़े पंच तीर्थों का विकास कार्य किया गया
प्राकृतिक मेंथा पर जी0एस0टी0 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत किया गया,
इसका प्रत्यक्ष लाभ मेंथा का उत्पादन करने वाले अन्नदाता किसानों को प्राप्त हो रहा
तहसील रामसनेही घाट के ग्राम कंदई में 232 एकड़ क्षेत्र
में बाराबंकी औद्योगिक क्षेत्र का विकास कार्य किया जाएगा
यदि प्रगतिशील अन्नदाता किसान और इण्डस्ट्री के लिए इन्वेस्टमेण्ट
एक साथ आएगा, तो यहाँ की आमदनी बढ़ेगी और रोजगार का सृजन होगा
प्रत्येक जनपद में कम से कम 100 एकड़ क्षेत्रफल में लौहपुरुष सरदार
वल्लभ भाई पटेल इण्डस्ट्रियल एण्ड एम्प्लॉयमेण्ट जोन का निर्माण किया जाएगा
सड़क, एयर, रेलवे, मेट्रो तथा इनलैण्ड वॉटर-वे कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में
इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेण्ट से प्रदेश के विकास की गति को नया आयाम मिला
जब देश आजादी के 100 वर्ष पूर्ण कर रहा होगा, तब विकसित भारत के
साथ विकसित उत्तर प्रदेश तथा विकसित बाराबंकी के सपने को साकार कर सकेंगे
लखनऊ : 11 नवम्बर, 2025
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रदेश में विरासत का सम्मान करते हुए विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। राज्य सरकार बाबा लोधेश्वर नाथ की पावन धरा को श्री काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर महादेवा कॉरिडोर में बदलने का कार्य कर रही है। हॉकी के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित करने वाले बाराबंकी के लाल के0डी0 सिंह ‘बाबू’ की हवेली को एक भव्य म्यूजियम के रूप में विकसित किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद बाराबंकी में लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयन्ती समारोह अभियान के अन्तर्गत ‘एकता यात्रा’ के शुभारम्भ अवसर पर 1,734 करोड़ रुपये की 254 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक/प्रमाण-पत्र वितरित किये। इस अवसर पर उन्होंने सरदार वल्लभ भाई पटेल तथा बाबा साहब डॉ0 बी0आर0 आम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा बच्चों का अन्नप्राशन भी कराया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह वर्ष नये भारत का दिग्दर्शन कराने वाला वर्ष है। अखण्ड भारत के शिल्पी लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयन्ती के 150 वर्ष पूर्ण होने के साथ राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ ने अपनी रचना के 150वें वर्ष में प्रवेश किया है। यह जनजातीय समुदाय को नई पहचान देने तथा देश की स्वाधीनता की चेतना को जागरूक करने वाले भगवान बिरसा मुण्डा का 150वीं जयन्ती वर्ष भी है। बाबा साहब द्वारा रचित संविधान के 75 वर्ष पूर्ण हुए हैं। इस वर्ष की शुरुआत में प्रयागराज महाकुम्भ के दर्शन करने का सौभाग्य मिला और आगामी 25 नवम्बर को 500 वर्षों की प्रतीक्षा के उपरान्त अयोध्या में निर्मित भगवान श्रीरामलला मन्दिर पर केसरिया झण्डा लहराया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अंग्रेज नहीं चाहते थे कि भारत स्वतंत्र हो, इसके लिए उन्होंने भारत को विभिन्न तरीकों से बांटने की साजिश रची। मुगल काल व ब्रिटिश काल में इस प्रकार की विभाजनकारी कोशिशें हुईं। जो भारत हजारों वर्षों से एक व अखण्ड रहा, ब्रिटिश काल में उसके कई भाग एक-एक कर अलग होते गए। इनमें से सबसे दुर्भाग्यपूर्ण विभाजन 14 अगस्त, 1947 को हुआ, जब अंग्रेजों ने भारत की दो भुजाओं को अलग कर एक बड़ी चोट दी। उनकी मंशा भारत को अलग-अलग भागों में विभाजित करने की थी, जिससे नागरिकों में यह भाव आए कि भारत एक नहीं रह सकता। भारत को आजाद करते समय अंग्रेजों ने इसे दो हिस्सों में बाँटने की शर्त रखी। देशी रियासतों को भारत या पाकिस्तान में शामिल होने अथवा स्वतंत्र रहने की छूट दी गई।
यह लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की सूझ-बूझ तथा दृढ़ संकल्प ही था कि उन्होंने 563 रियासतों को शांतिपूर्ण ढंग भारत का हिस्सा बनाकर लोगों के मन में जगह बना ली। उस समय हैदराबाद का निजाम व जूनागढ़ का नवाब भारत में शामिल न होकर अपना स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखना चाहते थे। लौहपुरुष के कड़े संदेश के उपरान्त हैदराबाद के निजाम को आत्मसमर्पण करना पड़ा तथा जूनागढ़ का नवाब पाकिस्तान भाग गया। महमूदाबाद का राजा मुस्लिम लीग का कोषाध्यक्ष बनकर पाकिस्तान को धनराशि उपलब्ध कराता था। वह भारत की सम्पत्ति को भारत के ही खिलाफ प्रयोग कर रहा था तथा कड़ाई के बाद वह भी भाग कर पाकिस्तान चला गया। महमूदाबाद के राजा के वंशज आज भारत में अपनी सम्पत्ति प्राप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। यह सम्पत्ति शत्रु सम्पत्ति है, जिस पर भारत के नागरिकों का अधिकार है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता केवल एक शब्द नहीं, बल्कि हमारी आन-बान-शान है। यह हमारी आने वाली पीढ़ी का भविष्य है। बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने वर्ष 1876 में ‘वन्दे मातरम्’ गीत की रचना कर भारत की जन चेतना को जागृत करने के लिए स्वाधीनता संग्राम का एक मंत्र दिया था। इस गीत ने राष्ट्र के यज्ञ में अपना योगदान करने के लिए लोगों को प्रेरित किया। भारत के युवा क्रान्तिकारियों ने आजादी के आन्दोलन में ‘वन्दे मातरम्’ गाते हुए फांसी के फन्दे को गले लगाने में संकोच नहीं किया। उन्होंने भावी पीढ़ियों को यह संदेश दिया कि राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत 07 नवम्बर को प्रधानमंत्री जी ने ‘वन्दे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर कार्यक्रम का उद्घाटन किया था। ‘वन्दे मातरम्’ का विरोध भारत माता का विरोध है। राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ किसी व्यक्ति, जाति, क्षेत्र, ईश्वर व उपासना विधि के प्रति आग्रही नहीं बनाता। यह भारत माता की वन्दना है, जो राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर प्रदान करती है। यह उस स्वर का प्रतीक है, जो हमारे अन्तःकरण के भाव को व्यक्त करता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमने माँ दुर्गा, माँ सरस्वती तथा माँ लक्ष्मी का पूजन कर भारत तथा भारतीयता को आगे बढ़ाने की शक्ति अर्जित की है। राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के माध्यम से ‘शस्यश्यामलाम् मातरम्’ के भाव को ध्यान में रखकर देवी के तीन रूपों की वन्दना करने का आग्रह प्रत्येक नागरिक से किया है। सभी देशवासी राष्ट्रगीत से जुड़कर भारत की राष्ट्रीयता को मजबूती प्रदान करें। भारत की एकता और अखण्डता के प्रतीकस्वरूप राष्ट्रगीत का विरोध किसी भी दशा में नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, जाति व मजहब राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकता। देशवासियों के लिए राष्ट्र प्रथम होना चाहिए। यदि राष्ट्र सुरक्षित है, तो हम भी सुरक्षित हैं। राष्ट्र एक है, तो हम भी एक हैं। जातिवाद, परिवारवाद, क्षेत्रवाद, मत और मजहब के नाम पर विभाजन जैसी समाज की दुष्प्रवृत्तियों को कभी स्वीकार नहीं करना चाहिए। विदेशी ताकतों तथा विधर्मियों ने देश में आकर सर्वप्रथम हमें आपस में लड़ाने का काम किया। उन्होंने जातियों को आपस में लड़ाने हेतु जातीय सेनाएं खड़ी कर देश की ताकत को कमजोर किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि इतिहास केवल पढ़ने का विषय नहीं, बल्कि आत्मावलोकन का अवसर प्रदान करता है। इतिहास की गलतियों का परिमार्जन हमें तत्परता से करना चाहिए। इतिहास के गौरवशाली क्षणों से प्रेरणा लेकर भविष्य को स्वच्छ और सुन्दर बनाना चाहिए। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विगत 11 वर्षों में भारत शानदार यात्रा तय कर आगे बढ़ा है। इस यात्रा में देश का विकास, गरीबों का कल्याण तथा विरासत का सम्मान निहित है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्वतंत्र भारत में सर्वप्रथम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने सरदार पटेल की जयन्ती 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय समारोह के रूप में आयोजित करने का निर्णय लेकर उन्हें सम्मान देने का कार्य किया था। प्रधानमंत्री जी ने 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया। सरदार पटेल की जयन्ती के अवसर पर प्रत्येक जनपद में ‘रन फॉर यूनिटी’ का कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रधानमंत्री जी ने गुजरात के केवड़िया में सरदार पटेल की दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिमा स्थापित कर एक वीरान स्थल को टूरिज्म का बेहतरीन केन्द्र बनाकर उनके विराट व्यक्तित्व के अनुरूप सम्मान देने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर को सम्मान देने हेतु बाबा साहब से जुड़े पंच तीर्थों का विकास कार्य किया गया। उनकी जन्मस्थली पर भव्य स्मारक का निर्माण किया गया। इंग्लैण्ड में बाबा साहब ने जिस भवन में रहकर उच्च शिक्षा अर्जित की, उसे ब्रिटिश सरकार से खरीदकर प्रधानमंत्री जी ने बाबा साहब का स्मारक बनवाया। साथ ही अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु शोध केन्द्र के रूप में विकसित करने का कार्य इंग्लैण्ड में किया है। बाबा साहब ने दिल्ली के जिस भवन में रहकर अपना सार्वजनिक जीवन व्यतीत किया, उसे इण्टरनेशनल सेण्टर के रूप में विकसित किया। मुम्बई में बाबा साहब की अंतिम यात्रा स्थली चैत्य भूमि तथा नागपुर में दीक्षा स्थल पर भव्य स्मारक बनाने का कार्य किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में वाराणसी में श्री काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या में श्रीरामलला के भव्य मन्दिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। नैमिषारण्य की पौराणिक पहचान को पुनःस्थापित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार के नेतृत्व में लोधेश्वर महादेव में कॉरिडोर का निर्माण काशी की तर्ज पर किया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा गोला गोकर्णनाथ में कॉरिडोर निर्माण तथा मथुरा, वृन्दावन, बरसाना, गोकुल, बलदेव, गोवर्धन तीर्थ स्थलों का विकास किया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भागवत भूमि शुकतीर्थ तथा विदुर कुटी का विकास कर एक भव्य कॉरिडोर बनाने का कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हाल ही में जी0एस0टी0 रिफॉर्म में प्राकृतिक मेंथा पर जी0एस0टी0 18 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इसका प्रत्यक्ष लाभ मेंथा का उत्पादन करने वाले अन्नदाता किसानों को प्राप्त हो रहा है। यहाँ के प्रगतिशील किसान पद्मश्री सम्मानित श्री राम सरन वर्मा के अलावा श्री सन्दीप वर्मा, श्री मोईनुद्दीन, श्री निमित सिंह ने कृषि क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य किया है, जो यहाँ के लोगों के लिए प्रेरणादायी है। एफ0पी0ओ0 के माध्यम से अन्नदाता किसानों के जीवन में परिवर्तन लाया जा सकता है। तहसील रामसनेही घाट के ग्राम कंदई में 232 एकड़ क्षेत्रफल में बाराबंकी औद्योगिक क्षेत्र का विकास कार्य किया जाएगा। हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निकट 220 हेक्टेयर में इण्डस्ट्रियल कॉरिडोर का विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यदि प्रगतिशील अन्नदाता किसान और इण्डस्ट्री के लिए इन्वेस्टमेण्ट एक साथ आएगा, तो यहाँ की आमदनी बढ़ेगी और रोजगार का सृजन होगा। सरदार पटेल की स्मृति को जीवन्त बनाए रखने तथा उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रत्येक जनपद में कम से कम 100 एकड़ क्षेत्रफल में लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल इण्डस्ट्रियल एण्ड एम्प्लॉयमेण्ट जोन का निर्माण किया जाएगा। इससे युवाओं का स्किल डेवलपमेण्ट होगा तथा अपने जनपद में ही उन्हें जॉब की गारण्टी मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार प्रत्येक क्षेत्र में विकास कार्य करा रही है। 08 वर्ष पूर्व इन्फ्रास्ट्रक्चर में प्रदेश पिछड़ा तथा बीमारू राज्य माना जाता था। प्रदेश के समक्ष पहचान का संकट था। अन्नदाता किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर थे। आज सड़क, एयर, रेलवे, मेट्रो तथा इनलैण्ड वॉटर-वे कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेण्ट से प्रदेश के विकास की गति को नया आयाम मिला है। अन्नदाता किसान कई गुना अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। अन्नदाता किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ प्राप्त हो रहा है। देश का पहला इनलैण्ड वॉटर वे तथा पहली रैपिड रेल प्रदेश में संचालित हो रही है। प्रदेश में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य आगे बढ़ा है। इसमें पहला सत्र प्रारम्भ हो चुका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ‘एक जनपद एक उत्पाद योजना’ के दायरे को आगे बढ़ा रही है। प्रत्येक क्षेत्र में समग्र विकास ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश का राज है। प्रदेश की सम्भावनाएं तथा सामर्थ्य खुलकर सामने आयी है। जब राष्ट्रीय एकता की बात हो, तो हमें आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्र के प्रति समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम’ भाव के साथ एकता के सूत्र में बँधना चाहिए। इससे प्रधानमंत्री जी की मंशा के अनुरूप ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना साकार होगी। जब देश आजादी के 100 वर्ष पूर्ण कर रहा होगा, तब विकसित भारत के साथ विकसित उत्तर प्रदेश तथा विकसित बाराबंकी के सपने को साकार कर सकेंगे।
कार्यक्रम में भारत रत्न लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन तथा बाराबंकी के विकास पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी तथा राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया।
कार्यक्रम को खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री श्री सतीश चन्द्र शर्मा एवं विधायक श्री साकेन्द्र प्रताप वर्मा ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती राजरानी रावत, विधायक श्री दिनेश रावत, विधान परिषद सदस्य इं0 अवनीश कुमार सिंह, श्री उमेश द्विवेदी, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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