गौवंशो की मौत पर जिम्मेदार मौन 

जिम्मेदारों की लचर कार्य प्रणाली के चलते गौशाला में आए दिन गौवंश दम तोड़ रहे हैं लेकिन जिम्मेदारों ने मामले में चुप्पी साध रखी है।

ग्राम पंचायत मवइया विकास खण्ड बनीकोडर बाराबंकी में गौशाला में गौवंशों की देखभाल न होने की वजह से गोवंशों के दम तोड़ने का मामला प्रकाश में आया है गौवंश आश्रय स्थल मे गौवंशो की स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी है।


 आश्रय स्थल पूरी तरह से बीमार हो चुका है।

 सूत्रों की माने तो गायों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो चुकी है उन्हे न तो समय पर चारा दिया जा रहा है न बीमार होने पर कोई हाल ख़बर लेने वाला है। 


स्थानीय निवासी महन्त मुकुंद पुरी बताते है कि यहां कोई भी हाल खबर लेने वाला नही है गौवंश समुचित व्यवस्था न होने के कारण लगातार दम तोड रहे है गौवंश के मरने पर भी उनको ऐसे ही छोड़ दिया जाता है जिससे आम जनमानस मे बीमारियां फैलने का लगातार खतरा बना हुआ है।

 गौवंश स्थल पर पड़ी शराब की बोतले गौशाला में हो रही अनियमितताओं को उजागर कर रही है जहां एक तरफ सूबे के मुख्यमंत्री गौवंश के उत्थान के लिए निरन्तर प्रयासरत रहते है तो वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदारों द्वारा की जा रही घोर लापरवाही एक बड़े हादसे को दावत दे रही है।

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