अंबेडकरनगर
 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के निदेशक डॉ. संदीप तिवारी का कार्य व्यवहार संस्थान के सहायक आचार्य के साथ अभद्र व्यवहार उनका उत्पीड़न व 24 ग़ैर शैक्षणिक कर्मचारियों का निष्कासन उत्पीड़न सुर्ख़ियों में रहा गौरतलब है कि निदेशक द्वारा शासनादेश के विरुद्ध लगभग 24 गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को संस्थान से निष्कासित किया जाना उक्त प्रकरण मुख्यमंत्री स्वयं संज्ञान लेकर शासन को निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही हेतु निर्देशित किया है। निदेशक द्वारा घोर वित्तीय अनियमितता निरंकुश कार्यशैली संस्थान में तानाशाही भ्रष्टाचार अभद्र व्यवहार से पीड़ित सहायक आचार्य समेत कर्मचारियों ने निदेशक के कार्यमुक्त से राहत की सांस ली निदेशक के काले कारनामों का उजागर‌ कार्यवाही की आस के रूप में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार से न्याय की आस में है सूत्रों के अनुसार भ्रष्टाचार का चरम‌‌ स्तर व्याप्त निदेशक द्वारा संस्थान के संकाय का कैरियर अडवांसमेन्ट सकीम को रोका गया 7 महीन का एरियर 7 वे वेतन आयोग के माध्यम से दिया जाना था जिसे निदेशक द्वारा लंबित रखा गया गया
संकाय को HRA को पुराने दर पर दिया गया।
इंटरनेट कनेक्टिविटी में किसी भी प्रकार का सुधार नहीं किया जा सका बल्कि स्टाफ से अभद्रता पूर्ण व्यवहार किया गया
मेस संचालन की शिकायत होने के बावजूद भी एक ही वेंडर को मेस दे दिया गया
संकाय का रिसर्च ग्रांट ₹75000 रोका गया किसी भी तरीके का मेडिकल इंसोरेंस भी नहीं मिला
संस्थान में छात्र-छात्राओं व संकाय के देखभाल हेतु चिकित्सा व्यवस्था को भी अनियमित तरीके से हटा दिया गया। निदेशक द्वारा जाते-जाते कई फाइलों को वित्तीय नियमों को ताक में रखते हुए अनियमित तरीके से निपटाया गया संस्थान के संकाय को मनमानी तरीके से डरा धमकाकर नोड्यूज भी करा लिया गया।
समाचारों में बने रहने के लिए स्टार्टअप के लिए कई प्रकार के झूठ बोले गए जैसे कि हमारे कॉलेज में 16 प्रोडक्ट कमर्शियल आई हो चुके हैं जिसका फायदा है। इन्हें विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता उद्यमिता के रूप में मिला।

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