भदोही के मौर्या पट्टी के रहने वाले भाई लाल विश्वकर्मा का बेटा समीर मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए दुर्गाकुंड में पिछले सात महीने से रहते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार दोनों साइकिल से अपने पांच दोस्तों के साथ तुलसी घाट पहुंचे। आधे घंटे बैठने के बाद गंगा में नहाने के लिए उतर गए। अभिमन्यु सिन्हा और समीर विश्वकर्मा को डूबते देखकर घाट किनारे मौजूद लोग बचाने के लिए दौड़े, लेकिन तब तक दोनों गहरे पानी में चलें गये । सूचना मिलने के बाद अस्सी पुलिस चौकी प्रभारी और जल पुलिस के साथ मौके पर पहुंची एनडीआरएफ टीम ने खोजबीन शुरू की। घंटों प्रयास के बाद दोनों छात्रों के शव को ढूंढकर पानी से बाहर निकाला गया। समीर के बड़े भाई आकाश ने बताया कि समीर पांच बहन और आठ भाइयों में सातवें नंबर का था। इस दौरान पुलिस पर आरोप लगाया कि सही समय पर रेस्क्यू टीम बुलाई गई होती तो भाई बच जाता। तुलसी घाट पर पिछले छह महीने के भीतर 12 से अधिक लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। डूबने वालों में सबसे ज्यादा युवा हैं। घाट किनारे गहराई को लेकर कोई सांकेतिक बोर्ड और बैरिकेडिंग नहीं लगा होने से हादसे हो रहे हैं। तुलसीघाट के सामने गंगा में गहराई ज्यादा है। इससे लगातार हादसे हो रहे हैं।

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