अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के आकस्मिक निधन से काशी का संत समाज भी मर्माहत है। काशी के अखाड़ों और मंदिरों में शोक की लहर है। काशी के विद्वत समाज, संत समाज और मठ-मंदिर प्रमुखों ने भी शोक जताते हुए घटना को स्तब्धकारी और सनातन समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। कहा कि वह आत्महत्या करने वाले संत नहीं थे और घटना से बड़ी साजिश की बू आ रही है। मठ-मंदिरों में उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना भी हुई। 
अखिल भारतीय संत समाज के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरि की आकस्मिक मौत कई सवाल खड़े करती है। वह आत्महत्या करने वाले व्यक्ति नहीं थे। इसके पीछे बहुत बड़ी साजिश है। हम सीएम योगी आदित्यनाथ से मांग करते हैं है कि  पूरे मामले की जांच कराएं। 

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