NCR News: नोएडा। कोरोना संक्रमण के दौरान मरीजों को अस्पताल में भर्ती कर इलाज के नाम पर जमकर वसूली की गई। जिला प्रशासन के सक्रिय होने पर लोगों ने इसकी शिकायत करनी शुरू की। जिलाधिकारी सुहास एलवाई को आठ अस्पतालों के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद जिला प्रशासन ने अस्पतालों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए मरीजों उनके तीमारदारों से वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस करने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन के अनुसार शिकायतकर्ताओं को उनसे वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस करा दी गई है।जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि विभिन्न माध्यमों से जिले के 8 अस्पतालों के खिलाफ अतिरिक्त फीस वसूलने की शिकायत मिली थी। नोएडा एनआरआई डायग्नोस्टिक पर एचआरसीटी स्कैन, दादरी के प्राइवेट अस्पताल में अतिरिक्त बिल, यथार्थ अस्पताल के खिलाफ हेमंत अग्रवाल नाम के व्यक्ति से अतिरिक्त चार्ज वसूलने और डीडी तिवारी नाम के व्यक्ति से बिल में डिस्काउंट के नाम अतिरिक्त रकम वसूलने का आरोप था। इसी तरह अमल ने जेपी अस्पताल पर ऑक्सीजन रेगुलेटर के नाम पर, गंगा सिंह ने प्रकाश अस्पताल पर डिस्काउंट बिल के नाम पर, डीपी सिंह ने जेआर अस्पताल पर अतिरिक्त बिल के नाम पर और पिंकी ने फेलिक्स अस्पताल पर एचआरसीटी स्कैन के नाम पर अतिरिक्त फीस वसूलने का आरोप लगाया था। जांच के बाद इन अस्पतालों को चेतावनी देते हुए सभी से वसूली गई अतिरिक्त फीस वापस करने का आदेश दिया गया। जिलाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अस्पताल द्वारा अतिरिक्त धनराशि ली जाती है तो इसकी शिकायत चिकित्सा विभाग के कंट्रोल रूम में कर सकते हैं।