कोरोनावायरस की महामारी से जिस तरह से भारत लड़ रहा है उसके पीछे मजबूत इच्छाशक्ति और विश्वास के साथ – साथ कठोर निर्णय लेने वाले नेतृत्व का हाथ है | जिसने अरबों-खरबों रुपये की अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय लोगों के जीवन पर समस्त ध्यान केंद्रित किया हुआ है | 18 से 20 घंटे कार्य करके यह सुनिश्चित किया है की महामारी पर विश्वास कैसे भारी होता है | जी हाँ आप सही समझ रहे है मै श्री नरेंद्र मोदी की बात कर रहा हूँ | दुनियाँ का शायद ही कोई कोना हो जहां लोग नरेंद्र मोदी को नहीं जानते हो | 2014 मे प्रधानमंत्री के पद पर आने के पश्चात मोदी ने देश को एक नई राह दी है और कई ऐसे कठोर निर्णय बिना डरे, बिना भविष्य की परवाह किए लिए है जिसके बारे मे पूर्व की कई सत्ताधारी पार्टियां सोच भी नहीं सकती थी | जनता का विश्वास और देश को विकास की राह पर ले जाने के लिए जनता ने पुनः मोदी को सत्ता मे ला दिया | आज भारतीय जनता पार्टी की पहचान कई मायने मे मोदी से है | आजादी के बाद के सबसे लोकप्रिय और सबके द्वारा स्वीकार्य शायद पहले नेता है मोदी जी | इससे पहले मोदी ने गुजरात को कायकल्पित कर दिया था | जिसको पक्ष विपक्ष सभी न केवल स्वीकार करते है बल्कि कई राज्य उसी राह पर चल भी रहे है |

विगत के 6 वर्षों मे मोदी की पाप्यलैरिटी मे जबरदस्त इजाफा हुआ है और विश्व को उन्होंने एक नई राह को दिखाया है | दुनियाँ के कई शक्तिशाली देश मोदी के नेतृत्व की दिल से सराहना करते है साथ ही सहयोग के लिए हमेशा खड़े रहते है | जम्मू-कश्मीर पर मोदी के निर्णय पर, पाकिस्तान को दुनियाँ मे कही भी जगह नहीं मिली | यह सशक्त नेतृत्व का ही जीवंत उदाहरण है | यहाँ तक की कई मुस्लिम देश भी मोदी के नेतृत्व के दीवाने है |

130 करोड़ की आबादी और 130 करोड़ मे अनेकों विचारधारा, लोगों की कई जरूरतें परंतु मोदी के एक अपील से देश के कोने-कोने से लोगों ने लॉक-डाउन का समर्थन किया | क्या अमीर क्या गरीब सब ने दिल से साथ दिया | यह मोदी की ही क्षमता और प्रभाव है की देश का बच्चा-बच्चा उनके साथ खड़ा हुआ है | दीप जलाना या ताली बजाना दुनिया ने देखा की मोदी की शक्ति कितनी है | एक महीने से भी अधिक समय के लॉक-डाउन मे मोदी ने यह सुनिश्चित किया की सभी की समस्याओं का समाधान किया जाए | जनता की सेवा और देश की रक्षा कैसे की जाती है कोई मोदी से आसानी से सीख सकता है |

जिस जज्बे के साथ कोरोनावायरस से मोदी देश को सुरक्षित करने के लिए लड़ रहे है उसकी तारीफ अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, चीन, जर्मनी, फ्रांस, इजराइल, सऊदी अरबिया, साउथ कोरिया सभी कर रहे है |

मोदी को लेकर कई बाते कही जा सकती है कुछ लोग कई खामियों को भी निकाल सकते है पर यहाँ सबको यह याद रखना जरूरी है की मोदी न केवल कोरोना वायरस से देश को बचाने के लिए लड़ रहें है बल्कि 62 वर्षों की नाकामी, और कमियों से भी लड़ रहें है | जो उन्हे पूर्व की सरकारों ने दिया है | यदि देश की स्थिति रोजगार, स्वास्थ, सुरक्षा, जनसंख्या और बुनियादी जरूरतों की पूरी रही होती तो वर्तमान कोरोनावायरस की चुनौती से लड़ना शायद आसान होता | पर इन समस्याओं के साथ मोदी देश को बचाने मे लगे हुए है | दुनियाँ का सबसे ताकतवर देश अमेरिका लोगों की जान की अपेक्षा अर्थव्यवस्था को बचाने मे लगा हुआ है पर मोदी ने अर्थव्यवस्था की अपेक्षा लोगों के जीवन को चुना है | जिसका अनुसरण विश्व के कई देशों ने भी किया | विकासशील देश द्वारा यह कदम उठाया जाना अपने आप मे आश्चर्यजनक है और यह सिर्फ मोदी की वजह से संभव हो पाया है | शायद तभी कई लोग कहते है मोदी है तो मुमकिन है |

अपने कई क्रिया कलापों, निर्णयों की वजह से मोदी विश्व के प्रमुख नेताओं को पीछे छोड़ चूके है | धीरे-धीरे ही सही पूरा विश्व उनके इस नेतृत्व को अब मानने लगा है | कोरोनावायरस की महामारी ने मोदी के नेतृत्व क्षमता, और विश्वास को दुनियाँ के कोने कोने मे लोगों को यह सोचने पर मजबूर किया है की मेरे पास मोदी क्यों नहीं | आने वाले दिनों मे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत न केवल अपनी सबसे अलग पहचान बनाएगा बल्कि मोदी है तो मुमकिन है का नारा दुनियाँ भर मे गुजेगा |

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