बलरामपुर- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत जनपद में दिनांक *02 नवंबर से 04 नवंबर 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से एमपीपी इंटर कॉलेज, बलरामपुर के प्रांगण में सरस मेला-2026 का आयोजन किया जाएगा।* मेले का मुख्य उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना, स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना तथा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है।
सरस मेले के सफल, भव्य एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर डीएम विपिन कुमार जैन के निर्देशन में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मेले की तैयारियों, विभिन्न विभागों की सहभागिता, स्वयं सहायता समूहों के स्टॉल, प्रचार-प्रसार, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
*स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगा बाजार, महिलाओं की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल*
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि 02 से 04 नवंबर तक आयोजित होने वाला सरस मेला ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जाएगी।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने तथा उनकी आय में वृद्धि के उद्देश्य से सरस मेले का आयोजन किया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के विपणन का अवसर प्राप्त होगा तथा स्थानीय स्तर पर निर्मित उत्पादों को नई पहचान मिलेगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि मेले में स्वयं सहायता समूहों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाए। समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए सुव्यवस्थित स्टॉल लगाए जाएं तथा उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए लोगों को प्रोत्साहित किया जाए।
*02 से 04 नवंबर तक एमपीपी इंटर कॉलेज में सजेगा सरस मेला, आमजन कर सकेंगे स्थानीय उत्पादों की खरीदारी*
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि सरस मेला दिनांक 02, 03 एवं 04 नवंबर 2026 को एमपीपी इंटर कॉलेज के प्रांगण में प्रातः 10:00 बजे से आयोजित होगा।
मेले में आने वाले नागरिक स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन करने के साथ-साथ उनकी खरीदारी भी कर सकेंगे। इससे एक ओर स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं की आय बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
उन्होंने कहा कि सरस मेला केवल उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री तक सीमित न रहकर ग्रामीण आजीविका संवर्धन, महिला उद्यमिता एवं स्थानीय कला-संस्कृति को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।
*विभिन्न विभागों के लगेंगे स्टॉल, जनकल्याणकारी योजनाओं की मिलेगी जानकारी*
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सरस मेले में अपने-अपने विभागों के स्टॉल लगाकर शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की जानकारी आमजन को उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के संबंध में जागरूक किया जाए। सभी विभाग अपने स्टॉल पर योजनाओं से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं प्रचार सामग्री उपलब्ध कराएं, जिससे अधिक से अधिक नागरिक योजनाओं के बारे में जान सकें।
*सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गुलजार रहेगा सरस मेला*
सरस मेले को आकर्षक एवं जनसहभागिता आधारित बनाने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने सांस्कृतिक विभाग एवं विद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय कला एवं संस्कृति को प्रोत्साहन मिलेगा तथा मेले में आने वाले नागरिकों को मनोरंजन के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा।
*सरस मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश, अधिक से अधिक जनपदवासियों की सहभागिता पर जोर*
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सरस मेले की जानकारी जनपद के अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाई जाए।
उन्होंने कहा कि मेले में अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता से स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी तथा ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयासों को गति मिलेगी।
*स्टॉल आवंटन एवं व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश*
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने मेले में लगाए जाने वाले स्टॉल की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि स्वयं सहायता समूहों एवं विभिन्न विभागों के स्टॉल प्राथमिकता एवं उपलब्ध स्थान के आधार पर सुव्यवस्थित ढंग से लगाए जाएं।
उन्होंने स्टॉल आवंटन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं को समय से पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे मेले के आयोजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।
संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी तैयारियां आपसी समन्वय से पूर्ण की जाएं तथा मेले में आने वाले नागरिकों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
*मेले की व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए गठित होगी मॉनिटरिंग कमेटी*
मुख्य विकास अधिकारी ने सरस मेले की तैयारियों एवं आयोजन के दौरान विभिन्न व्यवस्थाओं के प्रभावी अनुश्रवण के लिए मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि समिति में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को सदस्य के रूप में शामिल किया जाए, जिससे मेले की सभी व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी हो सके तथा किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
*महिलाओं की सुरक्षा एवं सुविधाओं का रखा जाएगा विशेष ध्यान*
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सरस मेले में प्रतिभाग करने वाली स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के ठहरने, भोजन एवं शौचालय आदि की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
महिला प्रतिभागियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए महिला पुलिस की ड्यूटी लगाए जाने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही मेले में आने वाले नागरिकों के लिए साफ-सफाई, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि सभी संबंधित विभाग अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए सरस मेला-2026 को सफल बनाएं।
*जनपदवासियों से सरस मेले में पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद खरीदने की अपील*
मुख्य विकास अधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की कि वे 02 से 04 नवंबर 2026 तक प्रातः 10 बजे से एमपीपी इंटर कॉलेज, बलरामपुर में आयोजित सरस मेले में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचें। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों का अवलोकन करें तथा उनकी खरीदारी कर ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण में सहभागी बनें।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जनसहभागिता से सरस मेले के उद्देश्य को सफल बनाया जा सकेगा।
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