योगी सरकार में परिषदीय शिक्षा की गुणवत्ता को नई धारः शिक्षक संकुल बैठकों से संवरेगा शिक्षण परिवेश

न्याय पंचायत स्तर पर सहभागितापूर्ण व परिणामोन्मुख होंगी बैठकें; नवाचारों और सफल प्रयोगों को मिलेगा साझा मंच

निपुण लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ बच्चों में तार्किक सोच व उच्च स्तरीय चिंतन कौशल विकसित करने पर विशेष जोर

अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को दिए समयबद्ध व प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश

लखनऊ: 21 अक्टूबर, 2026


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों में बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और विद्यार्थियों के सीखने की क्षमता (लर्निंग आउटकम्स) में निरंतर सुधार लाने के उद्देश्य से शिक्षकों के क्षमता संवर्धन पर विशेष बल दे रही है। इसी क्रम में न्याय पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाली मासिक श्शिक्षक संकुल बैठकोंश् को अधिक प्रभावी, सहभागितापूर्ण और परिणामोन्मुख बनाने के विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव (बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा) पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को जारी निर्देश में कहा गया है कि इन बैठकों के माध्यम से शिक्षक अपने नवाचारों, उत्कृष्ट शिक्षण पद्धतियों और सफल शैक्षिक प्रयोगों को एक-दूसरे के साथ साझा कर सकेंगे। इससे विद्यालयों में भयमुक्त व सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने, निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति और बच्चों में तार्किक व विश्लेषणात्मक चिंतन को प्रोत्साहित करने के प्रयासों को नई मजबूती मिलेगी।
माह के तीसरे मंगलवार को निर्धारित एजेंडे पर होंगी बैठकेंः
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि शिक्षक संकुल की बैठकें प्रत्येक माह के तीसरे मंगलवार को निर्धारित एजेंडे के अनुसार आयोजित की जाएंगी। उस दिन अवकाश होने की स्थिति में बैठक अगले कार्यदिवस पर संपन्न होगी।
समय-सारणीरू शैक्षिक सत्र के अनुरूप 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक बैठक का समय दोपहर 12ः00 बजे से अपराह्न 2ः00 बजे तक तथा 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक अपराह्न 1ः00 बजे से 3ः00 बजे तक निर्धारित किया गया है।
 स्तरीय विभाजनः प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि संबंधित कक्षाओं की विशिष्ट शिक्षण आवश्यकताओं, विषयगत चुनौतियों और शैक्षणिक लक्ष्यों पर केंद्रित व सार्थक चर्चा हो सके।
बच्चों में ’कैसे’ और ’क्यों’ आधारित चिंतन को दिया जाएगा बढ़ावाः
निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि कक्षा-शिक्षण को जीवंत बनाने के लिए उच्च स्तरीय चिंतन कौशल पर विशेष फोकस किया जाए। शिक्षकों को प्रेरित किया जाएगा कि वे बच्चों में केवल क्या और कब की रटने वाली प्रवृत्ति के स्थान पर कैसे और क्यों आधारित प्रश्न पूछने की जिज्ञासा विकसित करें। इसके लिए दैनिक पाठ योजनाओं में समूह चर्चा (ळतवनच क्पेबनेेपवद), वाद-विवाद और समस्या-समाधान आधारित गतिविधियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, जिससे बच्चे रटने के बजाय विषय की मूल अवधारणा को गहराई से समझ सकें।
अपर मुख्य सचिव शर्मा ने बताया कि प्रत्येक शिक्षक संकुल बैठक में आगामी माह के लिए स्पष्ट एवं मापनीय (डमंेनतंइसम) शैक्षिक लक्ष्य तय किए जाएंगे। बैठकों में विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षिक प्रगति, निपुण लक्ष्यों की स्थिति, शिक्षण-अधिगम सामग्री (ज्स्ड) के व्यावहारिक उपयोग तथा सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के प्रयासों की नियमित समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि शिक्षक संकुल बैठकों का नियमित, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण आयोजन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (ठम्व्) और अकादमिक रिसोर्स पर्सन (।त्च्) सक्रिय भागीदारी निभाते हुए इन बैठकों को शिक्षकों के पेशेवर विकास तथा परिषदीय विद्यालयों में व्यापक शैक्षिक सुधार का एक प्रभावी मंच बनाएं।

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