मुख्यमंत्री ने छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम् तथा दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 148 करोड़ रु0
से अधिक की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि अन्तरित की
छात्रवृत्ति लाखों विद्यार्थियों के सपनों को आगे बढ़ाने का
माध्यम, कोई भी पात्र विद्यार्थी इससे वंचित नहीं रहेगा : मुख्यमंत्री
वर्ष 2026-27 में छात्रवृत्ति का लाभ 70 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य, गत
वर्ष में 69 लाख विद्यार्थियों को 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई
विगत 09 वर्षों में 04 करोड़ से अधिक बच्चों
को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया गया
किसी भी विद्यार्थी को धनराशि के अभाव में शिक्षा से वंचित न होना पड़े
जिन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति अभी नहीं आई अथवा
जो अभी आवेदन की प्रतीक्षा में हैं, वह शीघ्र आवेदन करें
सरकार के पास छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए धनराशि की कमी नहीं
प्रत्येक छात्र को पढ़ने का अवसर, उचित प्लेटफॉर्म और अच्छी
सुविधाएं देने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही
स्नातक फाइनल ईयर की लगभग 50,000 मेधावी बेटियों
को अगले महीने स्कूटी की सुविधा उपलब्ध करवाने जा रहे
वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद वित्तीय वर्ष 2016-17 तथा 2017-18
की छात्रवृत्ति को सम्बन्धित विद्यार्थियों तक पहुंचाने का कार्य किया गया
पहले छात्रवृत्ति के लिए लगभग 2,900 करोड़ रु0 की धनराशि थी,
आज दोगुने से अधिक लगभग 6,200 करोड़ रु0 उपलब्ध कराए जा रहे
03 अक्टूबर से इस वर्ष की छात्रवृत्ति की शुरुआत की जा रही, प्रयास है कि आगामी 26 जनवरी तक सभी पात्र विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति की धनराशि हर हाल में पहुंच जाए
प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक परिवर्तन किया गया
बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग 1.60 करोड़
बच्चों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही
18 कमिश्नरी में संचालित अटल आवासीय विद्यालयों में
लगभग 18,000 बच्चों का एडमिशन हो चुका
746 विकास खण्डों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित
प्रोजेक्ट अलंकार के अन्तर्गत 2,300 से अधिक विद्यालयों के नए भवन बनाए गए
अब हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षाएं 15 दिनों में आयोजित
की जा रही, लगभग 15 दिन के भीतर परिणाम घोषित किया जा रहा
अब तक लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जा
चुकी, अगले छह माह में लगभग 1 लाख युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराने का लक्ष्य
छात्रवृत्ति की धनराशि का उपयोग अपनी शिक्षा को बेहतर बनाने में
करें, अच्छी पाठ्य-पुस्तकें और रेफरेंस बुक्स खरीदें, अपने बुक बैंक को बढ़ाएं
लखनऊ : 03 अक्टूबर, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि वर्ष 2026-27 में छात्रवृत्ति का लाभ 70 लाख विद्यार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। गत वर्ष प्रदेश में 69 लाख विद्यार्थियों को 6,200 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति वितरित की गई। विगत 09 वर्षों में 04 करोड़ से अधिक बच्चों को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति का लाभ दिया जा चुका है। कोई भी पात्र विद्यार्थी इससे वंचित नहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री जी आज यहां छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में अल्प आय वर्ग के पूर्वदशम् (कक्षा-09-10) तथा दशमोत्तर कक्षाओं के 4.60 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में 148 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि अन्तरित करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रमाण पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम के दौरान छात्रवृत्ति पर आधारित एक प्रेरक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल छात्रवृत्ति वितरण की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह उन लाखों विद्यार्थियों के सपनों को आगे बढ़ाने का माध्यम है, जिनके परिवारों की आर्थिक स्थिति उनकी शिक्षा की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम नहीं है। गरीब परिवार का अभिभावक जब अपने बच्चों की सामान्य आवश्यकताओं को पूरा करने में ही कठिनाई महसूस करता है, तब शिक्षा का खर्च उसके लिए अतिरिक्त बोझ बन जाता है। ऐसी स्थिति में छात्रवृत्ति उस विद्यार्थी के लिए बड़ा सहारा बनती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार चाहती है कि किसी भी विद्यार्थी को धनराशि के अभाव में अपनी शिक्षा से वंचित न होना पड़े। प्रत्येक छात्र को पढ़ने का अवसर, उचित प्लेटफॉर्म और अच्छी सुविधाएं मिलें, इसके लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से छात्रवृत्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया गया है। डी0बी0टी0 द्वारा छात्रवृत्ति की धनराशि सीधे विद्यार्थियों के खाते में जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के टेक्नोलॉजी आधारित अभियान के माध्यम से बैंकिंग व्यवस्था को विद्यार्थियों तक पहुंचाने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले ऐसी स्थिति थी कि छात्र के लिए भेजी गई छात्रवृत्ति की पूरी धनराशि उसके पास नहीं पहुंच पाती थी। यदि 100 बच्चों के लिए धनराशि जाती थी तो कई बार 60-70 बच्चों तक ही उसका लाभ पहुंच पाता था। आज व्यवस्था ऐसी बनाई गई है कि विद्यार्थी को जितनी धनराशि स्वीकृत है, वही धनराशि सीधे उसके खाते में पहुंचे। बैंक अकाउण्ट में जीरो बैलेंस होने पर भी अकाउंट खोलने की सुविधा उपलब्ध हुई है। इससे उन विद्यार्थियों के लिए भी बैंक अकाउण्ट खोलना सम्भव हुआ है, जिनके पास पहले खाता खुलवाने के लिए आवश्यक धनराशि नहीं होती थी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले छात्रवृत्ति की धनराशि तथा विद्यार्थियों की संख्या भी कम थी। कई बार समय से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाती थी। उन्होंने वर्ष 2016-17 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तक नहीं भेजी गई थी। यदि सरकार की नीयत साफ हो, तो विद्यार्थियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद वित्तीय वर्ष 2016-17 तथा 2017-18 की छात्रवृत्ति को सम्बन्धित विद्यार्थियों तक पहुंचाने का कार्य किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले प्रदेश में छात्रवृत्ति के लिए लगभग 2,900 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध होती थी, जबकि आज लगभग 6,200 करोड़ रुपये छात्रवृत्ति के लिए उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह पहले की तुलना में दोगुने से अधिक की वृद्धि है। गत वर्ष अनुसूचित जाति-जनजाति के 26.26 लाख विद्यार्थियों, अल्पसंख्यक वर्ग के 5.89 लाख बच्चों, पिछड़ा वर्ग के 37 लाख विद्यार्थियों तथा सामान्य वर्ग के 9.40 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति दी गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि छात्रवृत्ति की धनराशि विद्यार्थियों को पूरे वर्ष बाद मिलने की व्यवस्था उचित नहीं है। विद्यार्थी जब एडमिशन लेता है, उसी के बाद छात्रवृत्ति की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए और पात्र विद्यार्थी के बैंक अकाउंट में धनराशि पहुंचनी चाहिए। इसी उद्देश्य से छात्रवृत्ति को समयबद्ध तरीके से वर्ष में दो बार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। 02 अक्टूबर को गांधी जयन्ती के दिन राजकीय अवकाश होने के कारण 03 अक्टूबर से इस वर्ष की छात्रवृत्ति की शुरुआत की जा रही है। प्रयास है कि आगामी 26 जनवरी तक सभी पात्र विद्यार्थियों तक छात्रवृत्ति की धनराशि हर हाल में पहुंच जाए।
मुख्यमंत्री जी ने समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से कहा कि विद्यार्थियों के बैंक अकाउण्ट में धनराशि नियमित रूप से जाती रहे और कोई बच्चा छूटने न पाए। गत वर्ष जानकारी लेने पर लगभग 04 लाख ऐसे बच्चे सामने आए, जिन्हें किन्हीं कारणों से छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई थी। इसके बाद पोर्टल को सक्रिय कराया गया और ऐसे विद्यार्थियों तक भी धनराशि पहुंचाने की व्यवस्था शुरू की गई, जो किसी संस्था की वजह से, समय से आवेदन न कर पाने के कारण अथवा किसी त्रुटि के कारण पिछले वर्ष छात्रवृत्ति से वंचित रह गए थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि छात्रवृत्ति के साथ-साथ प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में भी व्यापक परिवर्तन किया गया है। वर्ष 2017 से पहले बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में ड्रॉपआउट रेट 19 से 20 प्रतिशत तक था। यदि 100 बच्चे एडमिशन लेते थे, तो उसमें से 20 बच्चे असमय स्कूल छोड़ देते थे। वर्ष 2017 में जब हमारी सरकार बनी तो बच्चों के स्कूल छोड़ने के कारण के बारे में पता लगाया। अध्ययन में यह सामने आया कि बड़ी संख्या में बालिकाएं विद्यालय छोड़ रही थीं। इसके पीछे विद्यालयों में पेयजल, शौचालय तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का अभाव प्रमुख कारण था। सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से इन व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार किया। बेसिक शिक्षा विद्यालयों को सेचुरेशन के लक्ष्य तक पहुंचाने का कार्य किया गया। बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट, पेयजल, अच्छी फर्श, फर्नीचर, डिजिटल लाइब्रेरी आदि सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज बेसिक शिक्षा परिषद के लगभग 01 करोड़ 60 लाख बच्चों को विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विद्यार्थियों को दो यूनिफॉर्म, बैग, बुक्स, शूज, सॉक्स और स्वेटर उपलब्ध कराने के लिए भी धनराशि दी जा रही है। आज की पीढ़ी इन सुविधाओं का लाभ लेकर आगे बढ़ रही है। गरीब, श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। 18 कमिश्नरी में अटल आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें लगभग 18,000 बच्चों का एडमिशन हो चुका है। सरकार इन बच्चों के पालन-पोषण, अच्छे वातावरण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था कर रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गरीब परिवारों की बेटियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की संख्या में भी व्यापक विस्तार किया गया है। वर्तमान में प्रदेश के 746 विकास खण्डों में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसका उद्देश्य बेटियों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा उपलब्ध कराना है। पहले प्रदेश के अनेक पुराने इण्टर कॉलेजों के भवन जर्जर हो चुके थे। प्रोजेक्ट अलंकार के अन्तर्गत 2,300 से अधिक विद्यालयों के नए भवन बनाए गए हैं। विद्यालयों में नई लैब, लाइब्रेरी, क्लास रूम, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी तथा अटल टिंकरिंग लैब जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में भी सुधार किया गया है। पहले तीन माह परीक्षा, तीन माह परिणाम और अगले सत्र में एडमिशन की प्रक्रिया में तीन माह समय लगता था। लगभग तीन माह दीपावली, होली, ईद आदि त्योहारों में छुट्टी भी रहती थी। अब हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षाएं 15 दिनों में आयोजित की जा रही है। लगभग 15 दिन के भीतर परिणाम घोषित किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थी समय से आगे की शिक्षा में प्रवेश ले सकें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को लेकर देश के अन्य हिस्सों में नकारात्मक धारणा बनी हुई थी। उन्होंने दंगों, कर्फ्यू, कानून-व्यवस्था, विद्यालयों की खराब स्थिति तथा शिक्षा से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश के अन्दर नो कर्फ्यू, नो दंगा, अब यू0पी0 में है सब चंगा। अब यू0पी0 तेजी के साथ आगे बढ़ा है। उत्तर प्रदेश बीमारु राज्य की श्रेणी से निकलकर रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। आज उत्तर प्रदेश देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रदेश के लोगों में यह आत्मविश्वास बढ़ा है कि वे गर्व के साथ कह सकते हैं कि वे उत्तर प्रदेश के निवासी हैं। आज उत्तर प्रदेश खुशहाली की जिस राह पर चल पड़ा है, वह समृद्धि के नये सोपान चूमेगा। उन्होंने इसे प्रदेश की जनता द्वारा चुनी गई सरकार के कार्यों का परिणाम बताया। आप सभी लोग यू0पी0 के सारथी हैं। आप की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण है। सही मार्ग का अनुसरण करते हुए आप सभी आगे बढ़ें
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिक्षा के साथ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है। अब तक लगभग 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराई जा चुकी है। हमने अगले छह माह में लगभग 1 लाख युवाओं को नौकरी उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। इसके दृष्टिगत परीक्षाएं एवं चयन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अच्छी तैयारी करें, खूब मेहनत करें और अपने लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास करें। आज उत्तर प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसमें प्रदेश के युवाओं एवं विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश के विद्यार्थियों को आई0आई0टी0, जे0ई0ई0 और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता था। अब मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग की व्यवस्था शुरू की गई है। विद्यार्थी फिजिकली अथवा वर्चुअली इससे जुड़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना लागू की है। इसके माध्यम से बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक की शिक्षा के विभिन्न चरणों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना के अन्तर्गत 25,000 रुपये तक की सहायता विभिन्न चरणों में उपलब्ध कराई जाती है। बेटी के जन्म पर रजिस्ट्रेशन के साथ राशि, कक्षा में प्रवेश के चरणों में निर्धारित सहायता और आगे की शिक्षा के चरण में भी धनराशि उसके खाते में पहुंचती है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत बेटी के विवाह के लिए अब 01 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। हम स्नातक फाइनल ईयर की लगभग 50,000 मेधावी बेटियों को अगले महीने स्कूटी की सुविधा उपलब्ध करवाने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने विद्यार्थियों को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़ते हुए कहा कि आज 15 से 18 वर्ष की आयु के जो विद्यार्थी हैं, आने वाले 21 वर्षों में वे देश के कार्यशील वर्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा होंगे। जब आज के विद्यार्थी उस आयु में पहुंचेंगे, तब भारत विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ चुका होगा। इसके लिए विद्यार्थियों को भी अपने स्तर पर मेहनत करनी होगी। मुख्यमंत्री जी ने छात्र-छात्राओं से पूरी मेहनत, लगन और परिश्रम के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि वे उपलब्ध सुविधाओं का सदुपयोग करें, अपने ज्ञान का विस्तार करें और 2047 के विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश से बढ़कर कुछ नहीं हो सकता। देश सुरक्षित है तो हम सुरक्षित हैं, देश समृद्ध है तो हम समृद्ध हैं। देश खुशहाल है तो हम भी खुशहाल हैं। इसलिए विद्यार्थियों को अपने भविष्य के साथ-साथ देश के भविष्य के लिए भी मेहनत करनी होगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता। सरकार अनेक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, लेकिन उनका लाभ लेकर अपने जीवन को आगे बढ़ाना विद्यार्थियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपील की कि छात्रवृत्ति की धनराशि का उपयोग अपनी शिक्षा को बेहतर बनाने में करें। सभी विद्यार्थी अच्छी पाठ्य-पुस्तकें और रेफरेंस बुक्स खरीदें, लाइब्रेरी में जाकर अच्छी पुस्तकों का अध्ययन करें और अपने बुक बैंक को बढ़ाएं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब भी धनराशि उपलब्ध हो, तो पहला निवेश अच्छी पुस्तक पर होना चाहिए। कोई अच्छी पुस्तक ज्ञानवर्धक हो सकती है, किसी महापुरुष की आत्मकथा हो सकती है अथवा कोई अच्छी धार्मिक पुस्तक भी हो सकती है। ऐसी पुस्तक पर किया गया खर्च विद्यार्थी के साथ-साथ आने वाली पीढ़ी के लिए भी एक धरोहर बन सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को आधुनिक संसाधनों से जोड़ने के लिए भी कार्य कर रही है। आज की शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों को आधुनिक टेक्नोलॉजी, डिजिटल संसाधनों और बेहतर अध्ययन सामग्री से जोड़ना भी आवश्यक है। लगभग 02 करोड़ युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है और लगभग 60 लाख युवाओं को टैबलेट दिए जा चुके हैं। शेष विद्यार्थियों एवं युवाओं को भी इसी प्रकार कार्यक्रम आयोजित कर टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने तीनों सम्बन्धित विभागों से कहा कि पात्रता के आधार पर प्रत्येक विद्यार्थी की छात्रवृत्ति समय से उसके बैंक अकाउण्ट में पहुंचनी चाहिए। किसी भी पात्र विद्यार्थी को वंचित नहीं रहने दिया जाना चाहिए। जिन विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति अभी नहीं आई है अथवा जो अभी आवेदन की प्रतीक्षा में हैं, वे शीघ्र आवेदन करें। पात्रता के आधार पर उन्हें भी छात्रवृत्ति की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने विभागों से कहा कि सभी बच्चों का फीड सम्बन्धी कार्य तेजी से पूरा हो और पात्र विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति जारी होती रहे।
सरकार के पास विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति तथा सुविधा के लिए धनराशि की कमी नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि पात्रता रखने वाला प्रत्येक विद्यार्थी समय से आवेदन करे और विभाग यह सुनिश्चित करें कि स्वीकृत धनराशि समय से उसके खाते तक पहुंचे। आज छात्रवृत्ति कार्यक्रम की शुरुआत प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए नई आशा और अवसर का संदेश है। सरकार का उद्देश्य है कि गरीबी किसी विद्यार्थी की शिक्षा के रास्ते में बाधा न बने। छात्रवृत्ति, शिक्षा की बेहतर सुविधाएं, प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कोचिंग, रोजगार के अवसर, बेटियों के लिए विशेष योजनाएं तथा डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता इन सभी प्रयासों का उद्देश्य प्रदेश की युवा पीढ़ी को आगे बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम में उपस्थित मंत्रिगण और जनप्रतिनिधियों के जीवन-संघर्ष का उल्लेख करते हुए छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया। उन्होंने पंचायतीराज एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर के संघर्ष का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने कठिन परिस्थितियों में संघर्ष किया और जनता की आवाज के लिए लम्बे समय तक कार्य किया। आज अपने संघर्ष के परिणामस्वरूप प्रदेश सरकार में मंत्री हैं।
मुख्यमंत्री जी ने समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने पढ़ाई की, आई0पी0एस0 बने, संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से चयनित हुए, एडीशनल डी0जी0 रैंक तक पहुंचे और कानपुर के पुलिस कमिश्नर भी रहे। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा और आज प्रदेश सरकार में मंत्री हैं। समाज कल्याण राज्य मंत्री श्री संजीव गोंड ने यह तय किया कि नौकरी के पीछे नहीं भागना है, बल्कि जनता की आवाज उठानी है तथा जनजातीय समाज के उत्थान के लिए कार्य करना है। आज वह विधायक और मंत्री हैं।
इसी प्रकार अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्री दानिश आजाद अंसारी के संघर्ष तथा समाज से जुड़े रहने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री जी ने कहा कि निरन्तर प्रयास और ईमानदारी के साथ किए गए कार्य का परिणाम मिलता है। उन्होंने पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री नरेन्द्र कुमार कश्यप के लम्बे सामाजिक संघर्ष और जनसेवा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह सभी उदाहरण विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं कि ईमानदारी, परिश्रम और निरन्तर प्रयास से व्यक्ति अपने जीवन में आगे बढ़ सकता है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पंचायतीराज तथा अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सरकार द्वारा विगत 09 वर्षों में 39 लाख से अधिक अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्तियां प्रदान की गई। कोई पात्र छात्र वंचित न रहे, इस दृष्टिकोण से सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्वदशम् कक्षाओं के छात्रवृत्ति के वार्षिक बजट में 24 प्रतिशत की वृद्धि की गई तथा दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति के बजट में 70 प्रतिशत की अभूतपूर्व वृद्धि की गई है। इससे अल्पसंख्यक समुदाय के किशोर एवं युवा छात्र-छात्राओं को अपनी दिशा शिक्षा पूरी कर रोजगार तथा स्वयं रोजगार में सहायता मिलेगी और छात्र विकसित भारत 2047 के लक्ष्य प्राप्ति में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। आज प्रथम चरण की छात्रवत्ति वितरण में वित्तीय वर्ष 2026-27 में कक्षा 09, 10, 11 तथा 12 के 38,901 छात्र-छात्राओं को 12.206 करोड़ रुपये की धनराशि से लाभान्वित किया जा रहा है। विगत 09 वर्षों में केन्द्र व प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश के अल्पसंख्यक बाहुल्य क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, कौशल विकास एवं सामुदायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किए जाने के उद्देश्य से विभिन्न परियोजनाओं की शुरुआत की गई। साथ ही, उन्हें क्रियाशील तथा उपयोगी बनाते हुए जन कल्याण हेतु हेतु समर्पित किया गया।
समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण ने कहा कि युवाओं के ऊपर जो निवेश किया जा रहा है, वह देश का निवेश है। ऑपरेशन कायाकल्प विद्यालयों में सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक विद्यालय को सशक्त किया जा रहा है। हमारे युवाओं को विश्वस्तरीय शिक्षा प्रदान की जा रही है। जल्द ही छात्रवृत्ति से सम्बन्धित हमारी एण्ड्राइड ऐप आ जाएगी। इससे आपको किसी साइबर पर नहीं जाना पड़ेगा। अपने ही फोन पर आप काम कर पाएंगे।
पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री नरेन्द्र कुमार कश्यप ने कहा कि आज छात्रवृत्ति वितरण कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के 2,23,615 छात्र-छात्राएं भी शामिल है। वर्ष 2025-26 का वर्ष उत्तर प्रदेश के ओ0बी0सी0 छात्र-छात्राओं के लिए एक अद्भुत छात्रवृत्ति वितरण का कारण बना क्योंकि उस वर्ष हमने उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 36 लाख 75 हजार छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति देने में सफलता हासिल की है। वर्ष 2026-27 में हमारा प्रयास होगा कि उत्तर प्रदेश के 37 लाख से अधिक ओ0बी0सी0 छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति देकर उनकी बौद्धिक शक्ति और सामर्थ को बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री श्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश के नौजवानों को करियर में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार युवाओं की सरकार है। यह युवाओं के सपनों को साकार करने तथा उनके हौसलों को बढ़ाने वाली सरकार है। मुख्यमंत्री जी एक-एक शब्द पर पूरी ईमानदारी से खरे उतरने के लिए काम करते हैं।
कार्यक्रम को समाज कल्याण राज्य मंत्री श्री संजीव गोंड ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती जय देवी, श्री अमरेश कुमार, उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष श्री बैजनाथ रावत सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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