जनसुनवाई में मुख्य रूप से भूमि विवाद, पारिवारिक कलह, मारपीट, धोखाधड़ी, साइबर फ्रॉड और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामले सामने आए। एसपी श्री सिंह ने हर एक प्रार्थना-पत्र की गंभीरता को देखते हुए संबंधित क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों से गूगल मीट के माध्यम से सीधा संवाद किया और तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
प्रमुख निर्देश एवं प्राथमिकताएं:
- भूमि विवादों का समाधान: राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर पैमाइश कराने और थाना समाधान दिवस के माध्यम से मामलों का स्थायी समाधान करने के निर्देश दिए गए।
- साइबर ठगी पर कड़ा एक्शन: साइबर फ्रॉड की शिकायतों को तुरंत साइबर सेल को ट्रांसफर कर 24 घंटे के भीतर पीड़ित से संपर्क कर कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
- महिला एवं बालिका सुरक्षा: महिला उत्पीड़न के मामलों में बिना किसी देरी के सख्त वैधानिक कार्रवाई करने तथा 'मिशन शक्ति' के तहत संवेदनशीलता बरतने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने दो टूक शब्दों में कहा कि फरियादियों के साथ पुलिस का व्यवहार शिष्ट और संवेदनशील होना चाहिए। प्रार्थना-पत्रों और आईजीआरएस (IGRS) के निस्तारण की गुणवत्ता की समीक्षा वे स्वयं अपने स्तर पर करेंगे, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस जनसुनवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बलरामपुर पुलिस आमजन की सुरक्षा, न्याय और जवाबदेही के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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