मुख्यमंत्री ने जनपद प्रयागराज में पद्मलोक आवासीय योजना के अन्तर्गत 191 करोड़ रु0 से अधिक की लागत से 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन किया

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत पीपल गाँव में निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों को चाभी वितरित कीं

पद्मलोक आवासीय योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 602 तथा द्वितीय चरण में 598 परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की योजना

माफिया से मुक्त करायी गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास निर्माण की योजना प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीति का उदाहरण : मुख्यमंत्री

कसारी-मसारी क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा

प्रयागराज में महाराजा बिजली पासी के नाम पर आई0टी0आई0 का निर्माण कराया जाएगा

डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की स्थिति में

क्षेत्र में गंगा नदी पर बड़े पुल के निर्माण की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा

प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से उत्तर प्रदेश सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर प्रदेश को नई पहचान प्रदान कर रही

लूकरगंज में माफिया से मुक्त करायी गई भूमि पर 86 गरीब परिवारों को बहुमंजिला भवन बनाकर एक-एक आवास उपलब्ध कराया गया

शहर में सड़कों का चौड़ीकरण, यातायात व्यवस्था में सुधार तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार से प्रयागराज का स्वरूप बदला

प्रयागराज में एयरपोर्ट सुविधा तथा सड़क सम्पर्क के विस्तार से क्षेत्र को गति मिली, गंगा एक्सप्रेस-वे प्रयागराज को मेरठ और दिल्ली की दिशा में बेहतर सम्पर्क उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा

 

लखनऊ : 15 अक्टूबर, 2026


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि माफिया से मुक्त करायी गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास निर्माण की योजना प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी नीति का उदाहरण है। जिस भूमि पर कभी माफिया का अवैध कब्जा था, वहाँ अब गरीब परिवारों के सपनों का घर बनेगा। सरकार का संकल्प है कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हो, गरीबों को सम्मानजनक जीवन मिले और प्रत्येक नागरिक तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचे।
मुख्यमंत्री आज जनपद प्रयागराज के कसारी-मसारी में माफिया से मुक्त करायी गई 9,811 वर्गमीटर भूमि पर पद्मलोक आवासीय योजना के अन्तर्गत 191 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 602 आवासों के निर्माण के लिए भूमि पूजन एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अन्तर्गत पीपल गाँव में निर्मित 556 आवासों के लाभार्थियों के चाभी वितरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान जनपद प्रयागराज के विकास पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गई।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कसारी-मसारी क्षेत्र को ‘श्रीकृष्णपुरी’ के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में प्रस्तावित आवासीय परियोजना, टाउनशिप, बाजार, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाएँ इस विकास योजना का हिस्सा होंगी। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर शुरू की जा रही यह परियोजना क्षेत्र के स्वरूप में व्यापक बदलाव लाएगी। सरकार का प्रयास है कि इस क्षेत्र को सुव्यवस्थित आवासीय केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए। गरीब परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के साथ ही उनके लिए बेहतर परिवेश तैयार किया जाएगा। इससे क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों के जीवन-स्तर में सुधार होगा।
प्रयागराज में महाराजा बिजली पासी के नाम पर औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आई0टी0आई0) का निर्माण कराया जाएगा। महाराजा बिजली पासी 12वीं सदी के प्रतापी राजा थे, जिन्होंने लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में 12 किलों का निर्माण कराया। महाराजा बिजली पासी विदेशी आक्रान्ताओं के विरुद्ध संघर्ष करने वाले तथा सनातन धर्म के प्रबल रक्षक थे। ऐतिहासिक महापुरुषों के नाम पर शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना से नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित होने और उनसे प्रेरणा लेने का अवसर मिलेगा। आई0टी0आई0 के निर्माण से युवाओं को तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगारपरक प्रशिक्षण के अवसर प्राप्त होंगे। युवाओं को कौशल से जोड़ना और उन्हें रोजगार के योग्य बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से उत्तर प्रदेश सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर प्रदेश को नई पहचान प्रदान कर रही है। प्रयागराज सामाजिक समता, आस्था और सनातन संस्कृति की पावन भूमि है। तीर्थराज प्रयाग, भगवान अक्षयवट तथा महर्षि भारद्वाज की साधना से पवित्र हुई इस धरती ने युगों से देश की आध्यात्मिक चेतना को दिशा दी है। प्रदेश सरकार प्रयागराज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए यहाँ आधारभूत सुविधाओं, आवास, सड़क, सम्पर्क और नागरिक सुविधाओं का व्यापक विस्तार कर रही है।
प्रदेश सरकार ने माफिया और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों से भूमि मुक्त कराने का अभियान चलाया है। इसी अभियान के अन्तर्गत प्रयागराज के लूकरगंज के बाद अब कसारी-मसारी में भी माफिया से मुक्त करायी गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास बनाए जा रहे हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि सरकार अवैध कब्जों को समाप्त कर सार्वजनिक हित में भूमि का उपयोग सुनिश्चित कर रही है। प्रयागराज में एक समय माफिया के नाम से भय एवं दहशत का वातावरण बना हुआ था। माफिया जिस भूमि पर कब्जा कर लेते थे, उसे अपनी सम्पत्ति समझने लगते थे। बेटियों की सुरक्षा को खतरा था तथा हथियारों का प्रदर्शन कर अपराधी सड़कों और गलियों में भय का वातावरण उत्पन्न करते थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि असुरक्षित वातावरण में विकास, निवेश और रोजगार की सम्भावनाएँ आगे नहीं बढ़ सकतीं। प्रदेश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने और नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कानून का राज स्थापित करना आवश्यक था। वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद प्रदेश को सुरक्षित बनाने, सुशासन स्थापित करने और राज्य को देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनाने का संकल्प लिया गया। सरकार ने प्रारम्भ से ही अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनायी। माफिया को संरक्षण न देने और कानून के अनुसार कार्रवाई करने की नीति के परिणाम आज प्रदेश में दिखायी दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय प्रदेश में माफिया और अपराधियों का प्रभाव बढ़ा हुआ था, जबकि वर्तमान डबल इंजन सरकार ने विकास, सुरक्षा और सुशासन को प्राथमिकता दी है। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना और गरीबों को उनके अधिकार दिलाना है। अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति को भी कानून के अनुसार जब्त कर जनहित में उपयोग किया जाएगा।
पद्मलोक आवासीय योजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 602 तथा द्वितीय चरण में 598 परिवारों को आवास उपलब्ध कराने की योजना है। इस प्रकार लगभग 1,200 परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इन परिवारों के साथ 6,000 से अधिक लोगों को आवासीय सुविधा प्राप्त होगी। कसारी-मसारी क्षेत्र में लगभग ढाई हेक्टेयर अर्थात लगभग 15 बीघा भूमि पर आवासीय परियोजना विकसित की जा रही है।
इस परियोजना का उद्देश्य केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं है। यहाँ रहने वाले परिवारों को बेहतर जीवन-स्तर उपलब्ध कराने के लिए एक व्यवस्थित टाउनशिप विकसित की जाएगी। प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा यहाँ बाजार, पार्क, खेलकूद की सुविधाएँ, जिम और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाएँ उपलब्ध करायी जाएंगी। इससे आवासीय परिसर में रहने वाले परिवारों को दैनिक आवश्यकताओं के लिए बेहतर सुविधाएँ मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रयागराज में माफिया से मुक्त करायी गई भूमि पर गरीबों के लिए आवास निर्माण की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है। लूकरगंज में माफिया से मुक्त करायी गई भूमि पर 86 गरीब परिवारों को बहुमंजिला भवन बनाकर एक-एक आवास उपलब्ध कराया गया। अब इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए कसारी-मसारी में नई आवासीय परियोजना का भूमि पूजन किया गया है। लगभग 1,200 परिवारों के लिए प्रस्तावित पद्मलोक आवासीय योजना के साथ टाउनशिप का विकास इस क्षेत्र को नई पहचान देगा। यहाँ रहने वाले परिवारों को आवास के साथ आवश्यक सुविधाएँ मिलेंगी और क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा।
विकास की प्रक्रिया में गरीबों, कमजोर वर्गों, दलितों और वंचितों को प्राथमिकता दी जा रही है। आवासीय योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिलेगा। सरकार की मंशा है कि प्रत्येक परिवार को सुरक्षित घर, आवश्यक सुविधाएँ और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों। प्रदेश सरकार बिना भेदभाव पात्र लाभार्थियों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध करा रही है। गरीबों को पक्का मकान, राशन, बिजली, रसोई गैस और स्वास्थ्य सुरक्षा जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश में लगभग 65 लाख गरीब परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराए गए हैं। यह गरीबों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने वाला कार्य है। पात्र लाभार्थियों को राशन कार्ड, बिजली की सुविधा, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन तथा आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत स्वास्थ्य बीमा कवर का लाभ भी दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में प्रयागराज को विरासत और विकास के समन्वय के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। महाकुम्भ को दिव्य एवं भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए गए। शहर में सड़कों का चौड़ीकरण, यातायात व्यवस्था में सुधार तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार से प्रयागराज का स्वरूप बदला है। प्रयागराज धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से देश के प्रमुख केन्द्रों में शामिल है। तीर्थराज प्रयाग, भगवान अक्षयवट, महर्षि भारद्वाज और महर्षि वाल्मीकि की परम्परा से जुड़ी इस भूमि पर देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं। बड़े हनुमान जी की आस्था और सनातन परम्परा से जुड़ी विरासत प्रयागराज की विशिष्ट पहचान है।
महाकुम्भ के दौरान प्रयागराज में कई प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण किया गया। पहले कुछ क्षेत्रों में आवागमन कठिन था और सामान्य नागरिकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अब यहाँ 07 मीटर से लेकर 14 मीटर तक चौड़ी सड़कें उपलब्ध हैं, जिससे आवागमन सुगम हुआ है। बेहतर सड़क व्यवस्था और मजबूत कानून-व्यवस्था से नागरिकों को सुरक्षित वातावरण मिलता है। क्षेत्र में गंगा नदी पर बड़े पुल के निर्माण की योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस परियोजना की लागत लगभग 950 करोड़ रुपये है। पुल के निर्माण से क्षेत्र की सम्पर्क व्यवस्था बेहतर होगी और लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद जी की स्मृति में डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की स्थिति में है। यह संस्थान विधि शिक्षा के विस्तार और कुशल विधि स्नातकों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। अच्छे विधि स्नातक न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देंगे। इससे गरीबों और जरूरतमंदों को न्याय प्राप्त करने में मदद मिलेगी। शिक्षा, आधारभूत संरचना और आवासीय सुविधाओं का विस्तार प्रयागराज के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उन्हें तेलियरगंज क्षेत्र में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन जी की प्रतिमा का अनावरण करने का अवसर प्राप्त हुआ। महाशय जी ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्वतंत्र भारत में वह विधायक बने और इसके बाद 04 बार सांसद के रूप में निर्वाचित हुए। उन्होंने अपना जीवन क्षेत्र के विकास और जनसेवा के लिए समर्पित किया। स्वतंत्रता सेनानियों और समाज के लिए योगदान देने वाले महापुरुषों का सम्मान करना आवश्यक है। उनके योगदान को स्मरण रखने से नई पीढ़ी को राष्ट्रसेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनकल्याण के लिए प्रेरणा मिलती है।
प्रयागराज में एयरपोर्ट सुविधा तथा सड़क सम्पर्क के विस्तार से क्षेत्र को नई गति मिली है। गंगा एक्सप्रेस-वे प्रयागराज को मेरठ और दिल्ली की दिशा में बेहतर सम्पर्क उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पहले प्रयागराज से सड़क मार्ग द्वारा दिल्ली पहुँचने में लगभग 10 से 12 घण्टे लगते थे, जबकि गंगा एक्सप्रेस-वे के माध्यम से यह यात्रा लगभग 07 घण्टे में तय की जा सकती है। इससे लोगों को आवागमन सुविधा मिलने के साथ व्यापार, पर्यटन, निवेश और रोजगार की सम्भावनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रदेश में युवाओं को योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया अपनायी गई है। इससे युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और आगे बढ़ने का अवसर मिला है। पहले असुरक्षा और अव्यवस्था के कारण निवेश तथा रोजगार की सम्भावनाएँ प्रभावित होती थीं, लेकिन कानून-व्यवस्था में सुधार से प्रदेश में विकास के लिए अनुकूल वातावरण बना है। प्रयागराज की पावन भूमि पर विकास की प्रक्रिया निरन्तर आगे बढ़ाई जाएगी। सरकार प्रदेश की जनता को सुरक्षा, सुशासन और विकास का वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। जनता के सहयोग तथा जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी से प्रयागराज को विकास के नए प्रतिमानों तक पहुँचाया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि एवं विजयादशमी की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं।
कार्यक्रम को औद्योगिक विकास मंत्री श्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ एवं जलशक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर सांसद श्री प्रवीण पटेल, विधान परिषद सदस्य श्री सुरेन्द्र चौधरी, विधायक श्री हर्षवर्धन बाजपेयी, श्री पियूष रंजन निषाद, श्री दीपक पटेल, श्री गुरु प्रसाद मौर्य, श्रीमती पूजा पाल, महापौर श्री गणेश केसरवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने