मुख्यमंत्री ने इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक विधान परिषद चुनाव के
सम्बन्ध में आयोजित ‘स्नातक मतदाता सम्मेलन’ को सम्बोधित किया

एन0डी0ए0 के संयुक्त प्रत्याशी श्री अशोक राठौर को समर्थन देने की अपील की

विधान परिषद का यह चुनाव केवल एक प्रतिनिधि
चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि शिक्षित समाज, युवाओं, शिक्षकों और
अधिवक्ताओं के हितों को सदन तक पहुंचाने का अवसर : मुख्यमंत्री

पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं,
सिफारिश और वसूली की शिकायतों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ

स्नातक मतदाता युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़
करने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दें

पूर्ववर्ती सरकारों के समय सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता
का अभाव था, भर्ती आयोगों में ऐसे व्यक्तियों को जिम्मेदारी दी गई,
जिनकी नियुक्ति की योग्यता और निष्पक्षता पर सवाल उठते थे

जो राजनीतिक दल अपने कार्यकाल की भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवालों
का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, उन्हें युवाओं से
समर्थन मांगने से पहले अपने पुराने कार्यों का हिसाब देना चाहिए

अधिवक्तागण स्नातक मतदाता होने के नाते
विधान परिषद चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करें

शिक्षकों की भूमिका केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं,
वह देश की भावी पीढ़ी को तैयार करते और राष्ट्र निर्माण में योगदान देते

पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकालों में की गई नियुक्तियों की तुलना में
वर्तमान सरकार ने अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराया

पुलिस भर्ती में लगभग 32 हजार युवाओं को रोजगार देने की दिशा में कार्य किया
जा रहा, लगभग 04 हजार उपनिरीक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी, शीघ्र नियुक्ति पत्र
वितरित किए जाएंगे, लगभग 42 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया भी पूर्ण

सरकार केवल घोषणाएं नहीं कर रही,
बल्कि विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही

वर्तमान सरकार ने माफिया के अवैध कब्जों से मुक्त कराई भूमि का उपयोग
गरीब परिवारों के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित करने में किया


लखनऊ : 15 अक्टूबर, 2026 :ः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक विधान परिषद का चुनाव केवल एक प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि शिक्षित समाज, युवाओं, शिक्षकों और अधिवक्ताओं के हितों को सदन तक पहुंचाने का अवसर भी है। स्नातक मतदाताओं को अपने मताधिकार का प्रयोग करते समय रोजगार, पारदर्शी भर्ती, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और विकास जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद प्रयागराज में इलाहाबाद-झांसी खण्ड स्नातक विधान परिषद चुनाव के सम्बन्ध में आयोजित ‘स्नातक मतदाता सम्मेलन’ को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं, सिफारिश और वसूली की शिकायतों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ। परिवारवाद और राजनीतिक संरक्षण की व्यवस्था ने योग्य अभ्यर्थियों के मन में निराशा पैदा की। स्नातक मतदाता युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दें और एन0डी0ए0 के संयुक्त प्रत्याशी श्री अशोक राठौर को समर्थन दें।
मुख्यमंत्री जी ने एन0डी0ए0 के संयुक्त प्रत्याशी श्री अशोक राठौर को समर्थन देने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं, शिक्षकों, अधिवक्ताओं और स्नातक मतदाताओं की समस्याओं को विधान परिषद में उठाने के लिए प्रतिनिधि का चयन महत्वपूर्ण है। जिन लोगों ने युवाओं के भरोसे के साथ खिलवाड़ किया, उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देने का अवसर मतदाताओं के सामने है। स्नातक मतदाता रोजगार, पारदर्शिता और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग करें। मतदान लोकतान्त्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नौकरीपेशा और अन्य मतदाता मतदान के लिए समय निकालें और पहले मतदान करने के बाद अपने अन्य कार्य करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगामी 23 अक्टूबर को मतदान की तिथि निर्धारित है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदान प्रातः 08 बजे से अपरान्ह 04 बजे तक होना है। मतदाता ससमय मतदान केन्द्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें। मतदान केन्द्र पर उपलब्ध निर्धारित कलम का ही प्रयोग किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रयागराज संगम की पावन धरा है। यह देश की आस्था, शिक्षा, न्याय और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केन्द्र है। सनातन धर्मावलम्बियों के लिए यह पावन तीर्थ है। शिक्षा और न्याय से सम्बन्धित कार्यों के लिए भी देशभर के लोग यहां आते हैं। मान्यता है कि महर्षि भारद्वाज ने इसी धरती पर गुरुकुल की परम्परा को आगे बढ़ाया था। इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने लम्बे समय तक उत्तर भारत को नई दिशा और रोशनी प्रदान की। आज भी लाखों युवा प्रयागराज में रहकर संघ लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। प्रयागराज की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निष्पक्ष अवसर उपलब्ध होना आवश्यक है। युवाओं की मेहनत का सम्मान तभी होगा, जब योग्यता के आधार पर उनका चयन हो और उन्हें किसी राजनीतिक सिफारिश या अनुचित दबाव का सामना न करना पड़े।
समाजवादी पार्टी की पूर्ववर्ती सरकारों के समय सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव था। कई युवा अपने परिवार की आर्थिक क्षमता से आगे बढ़कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते थे। माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा के लिए कठिन परिश्रम करते थे, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की शिकायतों से परिश्रमी अभ्यर्थियों के सामने अनिश्चितता पैदा होती थी। भर्ती का विज्ञापन समय पर नहीं निकलता था और जब विज्ञापन जारी होता था, तब भी अभ्यर्थियों के मन में चयन की निष्पक्षता को लेकर सवाल रहते थे। उस समय वसूली और सिफारिश की व्यवस्था के कारण योग्य युवाओं को नुकसान उठाना पड़ता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाला विद्यार्थी वर्षों तक मेहनत करता है। यदि उसके सामने चयन के लिए योग्यता के बजाय सिफारिश और अनुचित प्रभाव की आशंका खड़ी हो जाए, तो इससे केवल एक अभ्यर्थी नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार का विश्वास प्रभावित होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ इस प्रकार का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। समाजवादी पार्टी सरकार में भर्ती का विज्ञापन जारी होते ही ‘चाचा-भतीजे की जोड़ी’ और वसूली का तंत्र सक्रिय हो जाता था। कुछ मामलों में परीक्षा दिए बिना नियुक्तियां दिए जाने की शिकायतें सामने आती थीं। ऐसी व्यवस्था में मेहनत करने वाले नौजवान स्वयं को ठगा हुआ महसूस करते थे। कई मामलों में न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ता था।
किसी आयोग का अध्यक्ष या सदस्य ऐसा व्यक्ति होना चाहिए, जिसकी भूमिका भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और विश्वसनीय बनाना हो। समाजवादी पार्टी के शासनकाल में भर्ती आयोगों में ऐसे व्यक्तियों को जिम्मेदारी दी गई, जिनकी नियुक्ति की योग्यता और निष्पक्षता पर सवाल उठते थे। समाजवादी पार्टी ने अपने राजनीतिक और संगठनात्मक प्रभाव से जुड़े लोगों को महत्वपूर्ण पदों पर पदस्थापित करके युवाओं के हितों के साथ अन्याय किया। यह युवाओं के भविष्य के साथ किया गया गंभीर अन्याय था। ऐसी व्यवस्था में योग्य अभ्यर्थियों के अधिकार प्रभावित होते हैं।
भर्ती आयोगों की विश्वसनीयता लोकतांत्रिक प्रशासन की महत्वपूर्ण शर्त है। यदि युवाओं को चयन प्रक्रिया पर भरोसा नहीं रहेगा, तो उनकी मेहनत और प्रतिभा के प्रति न्याय नहीं हो सकेगा। इसलिए भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, योग्यता और जवाबदेही अनिवार्य होनी चाहिए। जो राजनीतिक दल अपने कार्यकाल में भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, उन्हें युवाओं के बीच जाकर समर्थन मांगने से पहले अपने पुराने कार्यों का हिसाब देना चाहिए। स्नातक मतदाता अपने अनुभव, उपलब्ध तथ्यों और युवाओं के हितों को ध्यान में रखकर निर्णय लें।
समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश में चार बार सरकार बनाई, लेकिन उन कार्यकालों में की गई नियुक्तियों की तुलना में वर्तमान सरकार ने अधिक युवाओं को सरकारी रोजगार उपलब्ध कराया है। भाजपा सरकार अपने दो कार्यकालों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र जारी कर चुकी है। वर्तमान सरकार में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने का प्रयास किया गया है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को मेरिट के आधार पर अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि युवाओं को रोजगार देने के सवाल पर केवल घोषणाएं करना पर्याप्त नहीं है। राजनीतिक दलों को यह भी बताना चाहिए कि उनके शासनकाल में कितने युवाओं को नियुक्तियां मिलीं और भर्ती प्रक्रिया के दौरान उठे सवालों का समाधान कैसे किया गया। सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि भर्ती में किसी भी अभ्यर्थी को सिफारिश या अनुचित भुगतान की आवश्यकता न पड़े। आज चयन प्रक्रिया में आरक्षण के निर्धारित प्राविधानों का पालन करते हुए योग्यता के आधार पर नियुक्तियां दी जा रही हैं।
प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। अब तक लगभग साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। आगामी 06 माह में 01 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में लगभग 32 हजार युवाओं को पुलिस विभाग में भर्ती के माध्यम से रोजगार देने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। लगभग 04 हजार उपनिरीक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उनके नियुक्ति पत्र शीघ्र वितरित किए जाएंगे। लगभग 42 हजार होमगार्ड जवानों की भर्ती प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग तथा उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से भी भर्ती प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं। विभिन्न आयोगों के माध्यम से लगभग 30 से 35 हजार युवाओं को नई नौकरियां मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और सभी भर्तियों को मिलाकर 01 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ-साथ आरक्षण के नियमों का पालन किया जाएगा। युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव अक्सर पूछते थे कि नौकरी कहां हैं। उन्होंने जवाब दिया कि सरकार नियुक्ति पत्र वितरित कर रही है और युवाओं को रोजगार मिल रहा है। नियुक्तियों की संख्या और भर्ती प्रक्रियाओं के परिणाम सामने आने पर रोजगार से सम्बन्धित सवालों का उत्तर दिया जा सकता है। सरकार केवल घोषणाएं नहीं कर रही, बल्कि विभिन्न विभागों में भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है। आगामी छह माह में 01 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सरकारी विभागों और भर्ती आयोगों के माध्यम से लगातार काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में स्टार्टअप और उद्यमिता का नया वातावरण विकसित हुआ है। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में लगभग 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 24 हजार से अधिक हो गई है। स्टार्टअप के माध्यम से युवा अपनी प्रतिभा और विचारों को व्यवसाय में बदल रहे हैं। वह केवल नौकरी तलाशने वाले नहीं रह गए हैं, बल्कि दूसरे युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने वाले भी बन रहे हैं। नए स्टार्टअप को सहायता देने के लिए फण्ड ऑफ फण्ड्स जैसी व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान’ के अन्तर्गत युवाओं को ब्याजमुक्त और गारंटीमुक्त ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार चाहती है कि युवा नौकरी के अवसरों की प्रतीक्षा करने के साथ-साथ अपने उद्यम स्थापित करने की दिशा में भी आगे बढ़ें। इससे आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
आर्थिक संसाधनों की कमी किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की प्रगति में बाधा नहीं बननी चाहिए। अनेक परिवार कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों को पढ़ाते हैं। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन और अध्ययन का मंच उपलब्ध कराना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को उचित मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना संचालित की जा रही है। संघ लोक सेवा आयोग, उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, नीट और आई0आई0टी0-जे0ई0ई0 सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा इस व्यवस्था से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
वर्ष 2017 से पूर्व प्रयागराज में माफिया के प्रभाव के कारण कानून-व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां सामने आती थीं। माफिया के कारण व्यापारी, महिलाएं, आम नागरिक, प्रशासन और न्यायपालिका तक प्रभावित होते थे। अतीक अहमद और अशरफ जैसे माफिया के कारण पहले ऐसी परिस्थितियां बन गई थीं, जिनमें जमीनों पर अवैध कब्जों की शिकायतें सामने आती थीं। वर्तमान सरकार ने माफिया के विरुद्ध कार्रवाई की और अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई भूमि का उपयोग गरीब परिवारों के लिए आवासीय सुविधाएं विकसित करने में किया। जिन जमीनों पर पहले अवैध कब्जे थे, वहां बहुमंजिला आवासीय सुविधाओं के माध्यम से गरीबों को मकान उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है। कानून का शासन स्थापित करना, गरीबों को आवास और प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। माफिया के भय से मुक्त वातावरण में ही शिक्षा, व्यापार और विकास की गतिविधियां आगे बढ़ सकती हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कुम्भ और महाकुम्भ प्रयागराज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान के महत्वपूर्ण आयोजन हैं। महाकुम्भ में लगभग 66 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यह विरासत तथा विकास के संगम का उदाहरण है। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में केन्द्र और प्रदेश सरकार ने प्रयागराज में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया। सड़कों, यातायात, सार्वजनिक स्थलों और अन्य सुविधाओं के विस्तार से शहर के विकास को गति मिली है। सिंगल लेन सड़कों को डबल लेन, डबल लेन को 04-लेन और 04-लेन को 06-लेन में विकसित किया गया। शहर के चौराहों को भी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक प्रतीकों से जोड़कर विकसित किया गया है। चौराहों पर हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द तथा नन्दी की प्रतिमाएं स्थापित की गयी हैं। सार्वजनिक स्थलों को स्थानीय पहचान और राष्ट्रीय विरासत से जोड़ने का प्रयास किया गया है।
प्रयागराज में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महाशय मसुरियादीन की प्रतिमा स्थापित की गयी है। उन्होंने देश की आजादी के लिए 09 वर्ष जेल में बिताए थे। महाशय जी पहली लोकसभा के लिए पं0 जवाहरलाल नेहरू के साथ निर्वाचित हुए थे। देश के स्वतंत्रता संग्राम में अनेक महापुरुषों ने योगदान दिया, लेकिन सभी को इतिहास में समान रूप से पहचान नहीं मिली। सरकार का प्रयास है कि ऐसे महापुरुषों की स्मृतियों को जीवन्त रखा जाए और उनके योगदान को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाया जाए। महापुरुषों का सम्मान किसी एक परिवार की बपौती नहीं है। देश और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले सभी महापुरुष सम्पूर्ण राष्ट्र की धरोहर हैं। उनकी प्रतिमाएं और स्मारक नई पीढ़ी को उनके संघर्ष तथा राष्ट्र के प्रति समर्पण से परिचित कराते हैं।
अधिवक्ताओं का न्याय व्यवस्था में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। अधिवक्ता नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करते हैं और न्याय प्राप्त करने में सहायता करते हैं। इसलिए उनके सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का ध्यान रखना आवश्यक है। प्रयागराज की धरती से प्रदेश में प्रैक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं को प्रतिवर्ष कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। यह सुविधा अधिवक्ताओं के सम्मान और सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है। प्रयागराज में बड़ी संख्या में अधिवक्ता हैं। अधिवक्तागण स्नातक मतदाता होने के नाते विधान परिषद चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करें और प्रत्याशी के सम्बन्ध में विचार करते समय युवाओं एवं शिक्षित समाज के हितों को ध्यान में रखें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिक्षक का सम्मान तब बढ़ता है, जब शिक्षा राष्ट्र और लोककल्याण का माध्यम बनती है। भारत की सभ्यता और संस्कृति में गुरु को सदैव विशेष स्थान दिया गया है। भारत में महर्षि भारद्वाज, महर्षि वाल्मीकि जैसे ऋषियों की लम्बी ज्ञान परम्परा रही है। भारत की पहचान ऋषि-मुनियों की ज्ञान साधना से बनी है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर महर्षि कृष्ण द्वैपायन वेदव्यास की जयन्ती मनाकर गुरु परम्परा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जीवन में गुरु वशिष्ठ, भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में गुरु संदीपन, चन्द्रगुप्त मौर्य के निर्माण में आचार्य चाणक्य तथा स्वामी विवेकानन्द के जीवन में रामकृष्ण परमहंस का महत्वपूर्ण योगदान रहा। शिक्षक केवल पाठ्यक्रम पूरा नहीं करता, बल्कि विद्यार्थी के चरित्र, विचार, अनुशासन और जीवन की दिशा को भी आकार देता है। योग्य गुरु ही विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचानकर उसे विकसित करने का कार्य करता है।
05 सितम्बर को सम्पूर्ण देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और द्वितीय राष्ट्रपति डॉ0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयन्ती है। डॉ0 राधाकृष्णन ने अपने जन्मदिन को शिक्षकों के सम्मान के लिए समर्पित करने का सुझाव दिया था। यह शिक्षकों के प्रति सम्मान और शिक्षा की महत्ता का उदाहरण है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ0 ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम ने विज्ञान और रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने उनकी सेवाओं को देखते हुए राष्ट्रपति पद के लिए उनका नाम प्रस्तावित किया था। राष्ट्रपति बनने के बाद भी डॉ0 कलाम विद्यार्थियों से संवाद करने और शिक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाने को महत्व देते थे। शिक्षकों की भूमिका केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है। वह देश की भावी पीढ़ी को तैयार करते हैं और राष्ट्र निर्माण में योगदान देते हैं।
प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े विभिन्न वर्गों की समस्याओं पर ध्यान दिया है। बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा के शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों के लिए स्वास्थ्य सुविधा, सामाजिक सुरक्षा तथा मानदेय में वृद्धि से जुड़े कदम उठाए गये हैं। समाजवादी पार्टी के शासनकाल में शिक्षा मित्रों को 03 हजार रुपये मानदेय मिलता था। वर्तमान सरकार में उनका मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये किया गया है। अनुदेशकों के मानदेय में भी वृद्धि की गयी है। शिक्षकों के लिए 05 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा तथा 40 लाख रुपये से लेकर डेढ़ करोड़ रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी दी गयी है। शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों और रसोइयों को भी सुविधाओं के दायरे में लाने का प्रयास किया गया है। शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों का सम्मान तथा सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है, क्योंकि वे समाज की भावी पीढ़ी का निर्माण करते हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के लिए परिवार ही प्रदेश था, जबकि वर्तमान सरकार के उत्तर प्रदेश की लगभग 25 करोड़ जनता परिवार है। उसके सुख-दुख में सहभागी बनना सरकार की जिम्मेदारी है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, महिलाओं को सुरक्षा और स्वावलम्बन से जोड़ना तथा प्रत्येक जिले को विकास की मुख्यधारा में शामिल करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। प्रदेश का विकास तभी सार्थक होगा, जब उसका लाभ गरीब, वंचित, युवा, महिला, किसान, शिक्षक और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे।

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