भा.कृ.अ.प.-केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान में महिला किसान दिवस पर महिला पशुपालकों के सशक्तीकरण एवं वैज्ञानिक बकरी पालन को बढ़ावा देने पर जोर

 

महिला किसान दिवस के अवसर पर केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान (सीआईआरजी), मखदूम, मथुरा में महिला पशुपालकों को वैज्ञानिक बकरी पालन के लिए प्रोत्साहित करने, उनके आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण तथा सफलता की कहानियों को साझा करने के उद्देश्य से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने की। इसमें विभिन्न जिलों से आई महिला पशुपालकों ने सहभागिता करते हुए अपने अनुभव, उपलब्धियां एवं समस्याएं साझा कीं।

 

कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों को वैज्ञानिक बकरी पालन अपनाने के लिए प्रेरित करना, उनकी तकनीकी क्षमता एवं उद्यमशीलता को बढ़ावा देना तथा आजीविका एवं आत्मनिर्भरता के अवसरों को सुदृढ़ करना था।

 

कार्यक्रम में महिला पशुपालकों ने बताया कि संस्थान के अनुसंधान कार्यों, आधुनिक बकरी पालन तकनीकों, प्रसार शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रेरित होकर उन्होंने बकरी पालन को आजीविका के साधन के रूप में अपनाया। संस्थान से प्राप्त वैज्ञानिक जानकारी एवं मार्गदर्शन से उन्हें बेहतर पद्धतियां अपनाने में सहायता मिली। आज वे बकरी पालन से आय अर्जित कर आर्थिक रूप से सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने इसे ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तीकरण का प्रभावी माध्यम बताया।

 

किसान-वैज्ञानिक संवाद के दौरान महिला पशुपालकों ने बकरी पालन से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं एवं चुनौतियों को वैज्ञानिकों के समक्ष रखा। वैज्ञानिकों ने उनकी समस्याओं पर चर्चा करते हुए वैज्ञानिक बकरी पालन तकनीकों एवं बेहतर प्रबंधन पद्धतियों की जानकारी दी तथा उनकी शंकाओं का समाधान किया।

 

कार्यक्रम के अंतर्गत महिला किसानों को संस्थान के विभिन्न पशु शेडों का भ्रमण कराया गया तथा बकरियों के आवास, रखरखाव एवं वैज्ञानिक प्रबंधन की जानकारी दी गई। फीड एवं चारा निर्माण इकाई में संतुलित आहार एवं पोषण प्रबंधन तथा जीपीटी प्रयोगशाला में बकरी के दूध से विभिन्न मूल्यवर्धित उत्पाद बनाने की प्रक्रिया एवं संभावनाओं से भी अवगत कराया गया।

 

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. मनीष कुमार चेटली ने महिला पशुपालकों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए ग्रामीण महिलाओं की आजीविका एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता में वैज्ञानिक बकरी पालन की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने संस्थान की वैज्ञानिक तकनीकों, प्रशिक्षण एवं प्रसार शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से महिला पशुपालकों की क्षमता विकसित करने के महत्व को रेखांकित किया।

 

उचित पोषण, स्वास्थ्य प्रबंधन, टीकाकरण, रोग नियंत्रण एवं प्रजनन प्रबंधन जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर बकरी पालन की उत्पादकता एवं लाभप्रदता बढ़ाई जा सकती है। केन्द्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान महिला पशुपालकों के प्रशिक्षण, क्षमता विकास एवं वैज्ञानिक तकनीकों के प्रसार के माध्यम से बकरी पालन आधारित आजीविका को सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

 

 

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. अनुपम कृष्ण दीक्षित, प्रधान वैज्ञानिक, डॉ. नितिका शर्मा, प्रधान वैज्ञानिक एवं डॉ. चेतना गंगवार, वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा किया गया।

 

महिला किसान दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम महिला पशुपालकों की उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने तथा वैज्ञानिक ज्ञान एवं व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से बकरी पालन को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहा।

Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने