बलरामपुर, तुलसीपुर- बलरामपुर जिले की तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत हर्रैया सतघरवा ब्लॉक के शिवपुरा बाजार और आसपास के तराई क्षेत्रों में बिजली की लचर व्यवस्था और लो-वोल्टेज की समस्या से निजात दिलाने के लिए पूर्व सांसद प्रत्याशी युगल किशोर शुक्ल एडवोकेट ने आवाज उठाई है। उन्होंने मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) पर ऑनलाइन प्रार्थना पत्र देकर 27 साल से बंद पड़े 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र शिवपुरा को तत्काल चालू कराने की मांग की है। इसके साथ ही जिलाधिकारी बलरामपुर को भी ज्ञापन भेजा गया है (संदर्भ संख्या: 40018226024067)।
1 जनवरी 1999 को हुआ था शिलान्यास
जानकारी के मुताबिक, हर्रैया सतघरवा ब्लॉक मुख्यालय से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत ठाकुरजोत के हरिहरगंज (ललिया-बनकटवा मार्ग) पर इस उपकेंद्र का शिलान्यास 1 जनवरी 1999 को तत्कालीन ऊर्जा राज्य मंत्री लल्लू सिंह चौहान द्वारा किया गया था। नियत समय में इसका निर्माण कार्य भी पूरा हो गया था, लेकिन विडंबना यह है कि 27 वर्ष बीत जाने के बाद भी यह उपकेंद्र आज तक चालू नहीं हो सका है।
महराजगंज उपकेंद्र पर लोड और जंगली जानवरों का खतरा
वर्तमान में इस क्षेत्र को करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र महराजगंज से बिजली आपूर्ति की जाती है, जो अत्यधिक ओवरलोड है। इसके चलते गर्मियों के दिनों में क्षेत्रवासियों को भयंकर लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती का सामना करना पड़ता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मियों में बिजली न होने और ट्रांसफार्मर-तारों में फाल्ट की समस्या के कारण लोग छतों या घरों से बाहर सोने को विवश होते हैं। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के बनकटवा रेंज से सटे होने के कारण अंधेरे का फायदा उठाकर खतरनाक जंगली जानवर अक्सर रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं और बच्चों व छोटे जानवरों को अपना शिकार बनाते हैं, जिससे ग्रामीणों में हमेशा भय का माहौल रहता है।
चोरों के निशाने पर है सरकारी संपत्ति
देखरेख के अभाव में बहुमूल्य भूमि पर बना यह विद्युत उपकेंद्र अब क्षतिग्रस्त होने लगा है। उपकेंद्र में लगे अधिकांश विद्युत उपकरण और तार पहले ही अज्ञात चोर चुरा ले चुके हैं। यदि इसे जल्द शुरू नहीं किया गया, तो बचा हुआ सामान भी पूरी तरह गायब हो जाएगा।
प्रमुख माँगे:
- शिवपुरा उपकेंद्र का संचालन: पिछले 27 वर्षों से बंद पड़े 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र शिवपुरा को शीघ्र अतिशीघ्र चालू किया जाए।
- तराई क्षेत्र की समस्याओं का समाधान: गर्मियों में होने वाली लो-वोल्टेज, बिजली कटौती, ट्रांसफार्मर जलने और बार-बार फ्यूज उड़ने की समस्याओं का स्थायी समाधान हो।
- नेपाल सीमावर्ती इलाके: नेपाल के सीमावर्ती जिन इलाकों में आज तक बिजली नहीं पहुँची है, वहाँ प्राथमिकता के आधार पर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
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