मुख्यमंत्री ने उ0प्र0 पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के अन्तर्गत
चयनित 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए

आज से खिलाड़ियों की ‘जर्सी से वर्दी’ की यात्रा प्रारम्भ हो रही

खिलाड़ियों ने खेल के मैदान में जिस अनुशासन, टीमवर्क, समय की महत्ता,
परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से सफलता प्राप्त की, उसी
भावना से पुलिस में दायित्वों का निर्वहन करें

प्रदेश सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित
करने के लिए सीधी भर्ती की व्यवस्था शुरू की

वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा अब तक लगभग 1,000 खिलाड़ियों को
सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति पत्र दिए जा चुके, 07 कुशल
खिलाड़ियों की डिप्टी एस0पी0 के पद पर नियुक्ति

ओलम्पिक और अन्य अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के पदक विजेता
खिलाड़ियों को 200 करोड़ रु0 से अधिक की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई गई

वर्ष 2017 के उपरान्त प्रदेश में खेलों के लिए आधारभूत सुविधाओं
के विकास पर विशेष ध्यान, गांव, ब्लॉक, जनपद और प्रदेश
स्तर तक खेल सुविधाएं विकसित की जा रहीं

नशे के विरुद्ध अभियान में खिलाड़ी ब्राण्ड एम्बेसडर भूमिका निभा सकते,
क्योंकि खिलाड़ी अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का उदाहरण प्रस्तुत करता

नवनियुक्त खिलाड़ियों को कम से कम एक गांव गोद दिया जाए, ताकि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन उस गांव में जाकर युवाओं के बीच खेल गतिविधियों को बढ़ावा दें

अवैध कब्जों से मुक्त सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि
का उपयोग खेल गतिविधियों के लिए किया जा रहा

प्रत्येक कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित किए जा रहे

मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द
के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की शुरुआत हो चुकी
 
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में खेलों का व्यापक वातावरण तैयार हुआ

‘खेलो इण्डिया’, ‘फिट इण्डिया मूवमेण्ट’ और सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं
के माध्यम से खेलों को जन-आन्दोलन से जोड़ने का कार्य हुआ

प्रदेश में खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए ऐसी नीति तैयार
की गई है, जिसमें प्रतिभा और परिश्रम को प्राथमिकता दी जाती
रील्स में लाइक्स मिल सकते, लेकिन खेल के मैदान में एक नई लाइफ मिलती

लखनऊ : 08 अक्टूबर, 2026

     उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा अब तक लगभग 1,000 खिलाड़ियों को सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं। आज 470 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही, बड़ी संख्या में अन्य खिलाड़ियों की चयन प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप अवसर देने के लिए प्रदेश की खेल नीति को निरन्तर मजबूत किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां उत्तर प्रदेश पुलिस में कुशल खिलाड़ी कोटे के अन्तर्गत चयनित 470 खिलाड़ियों के नियुक्ति पत्र वितरित करने के उपरान्त अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने 15 चयनित खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री जी ने सभी चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि आज से उनकी ‘जर्सी से वर्दी’ की यात्रा प्रारम्भ हो रही है। खिलाड़ियों ने खेल के मैदान में जिस अनुशासन, टीमवर्क, समय की महत्ता, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ सफलता प्राप्त की है, उसी भावना के साथ वह उत्तर प्रदेश पुलिस में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खिलाड़ी का जीवन प्रातः जल्दी उठकर नियमित अभ्यास करने, कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य पर डटे रहने और अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने से बनता है। भीषण सर्दी, बारिश, संसाधनों के अभाव अथवा पारिवारिक परिस्थितियों के बावजूद खिलाड़ियों ने अभ्यास जारी रखा। पुलिस सेवा में आने के उपरान्त भी वही जज्बा, अनुशासन और परिश्रम उनकी पहचान बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता का उल्लेख करते हुए कहा कि नियुक्ति पाने वाले 470 खिलाड़ियों में 303 पुरुष और 167 महिलाएं हैं। इनमें आरक्षी नागरिक पुलिस के लिए 295 खिलाड़ी, उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) के लिए 43 खिलाड़ी तथा आरक्षी (पी0ए0सी0) के लिए 132 खिलाड़ी चयनित हुए हैं। नियुक्ति पत्र सरकार की कृपा अथवा किसी की अनुकम्पा का परिणाम नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के पसीने, परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है। चयन प्रक्रिया में किसी सिफारिश अथवा लेन-देन की आवश्यकता नहीं पड़ी। किसी भी प्रकार के बाहरी प्रभाव को हावी नहीं होने दिया गया। चयन में केवल खिलाड़ियों की प्रतिभा और परिश्रम को आधार बनाया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह नियुक्ति केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों के सपनों के साकार होने का भी अवसर है। वर्ष 2017 के पूर्व प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को पुलिस अथवा अन्य विभागों में सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति देने की स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। प्रदेश सरकार ने खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सीधी भर्ती की व्यवस्था शुरू की।
जीवन में जीत का महत्व है, लेकिन हार के बाद खड़े होकर पुनः संघर्ष करते हुए सफलता प्राप्त करने वाले खिलाड़ी के लिए वह उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण होती है। खिलाड़ियों को प्रत्येक परिस्थिति में संघर्ष की भावना बनाए रखनी चाहिए और देश के लिए पदक जीतने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों को पुलिस में उच्च पदों पर सीधी नियुक्ति प्रदान की गयी है। प्रदेश सरकार अब तक ऐसे 07 कुशल खिलाड़ियों को डिप्टी एस0पी0 के पद पर नियुक्ति दे चुकी है। हॉकी खिलाड़ी श्री ललित उपाध्याय और श्री राजकुमार पाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभाओं को सम्मान और अवसर देने के लिए प्रदेश की खेल नीति में आवश्यक परिवर्तन किए गए हैं।
प्रदेश सरकार ने अब तक ओलम्पिक और अन्य अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई है। खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मानित करने और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
वर्ष 2017 के उपरान्त प्रदेश में खेलों के लिए आधारभूत सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है। अवैध कब्जों से मुक्त कराई गई सरकारी एवं सार्वजनिक भूमि का उपयोग खेल गतिविधियों के लिए किया जा रहा है। गांव से लेकर ब्लॉक, जनपद और प्रदेश स्तर तक खेल के मैदान, मिनी स्टेडियम, स्टेडियम तथा अन्तरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
प्रत्येक कमिश्नरी में स्पोर्ट्स कॉलेज विकसित किए जा रहे हैं। इनमें विभिन्न खेलों के लिए सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जहां खिलाड़ियों को अन्तरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप अभ्यास, प्रशिक्षण और कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने का प्रयास है। मेरठ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचन्द के नाम पर स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की भी शुरुआत हो चुकी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2014 के उपरान्त प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश में खेलों का व्यापक वातावरण तैयार हुआ है। ‘खेलो इण्डिया’, ‘फिट इण्डिया मूवमेण्ट’ और सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं के माध्यम से खेलों को जन-आन्दोलन से जोड़ने का कार्य हुआ है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश में विधायक खेलकूद प्रतियोगिता और ग्रामीण लीग सहित विभिन्न खेल आयोजनों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री जी का संदेश ‘जो खेलेगा, वही खिलेगा’ युवाओं को खेलों से जुड़ने की प्रेरणा देता है। प्रधानमंत्री जी का मानना है कि नशे के विरुद्ध अभियान में खिलाड़ी ब्राण्ड एम्बेसडर की भूमिका निभा सकते हैं, क्योंकि खिलाड़ी अनुशासन और स्वस्थ जीवनशैली का उदाहरण प्रस्तुत करता है। खिलाड़ियों का हाथ पोडियम पर होना चाहिए, नशे की किसी भी प्रवृत्ति में नहीं। प्रत्येक खिलाड़ी को स्वयं नशे से दूर रहने के साथ ही समाज में नशा मुक्ति के अभियान का भी हिस्सा बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने पुलिस महानिदेशक से कहा कि पुलिस विभाग में नवनियुक्त इन खिलाड़ियों को कम से कम एक गांव गोद दिया जाए, ताकि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन किसी गांव में जाकर युवाओं के बीच खेल गतिविधियों को बढ़ावा दें। उन्होंने इसे मिशन शक्ति के अन्तर्गत महिला बीट पुलिस अधिकारियों द्वारा गांवों में किए जा रहे कार्यों की तर्ज पर संचालित करने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि खिलाड़ी अपनी नियमित प्रैक्टिस कभी न छोड़ें। नियमित अभ्यास शरीर को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखने के साथ ही वर्तमान एवं भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करता है। खिलाड़ी की वास्तविक प्रतिभा उसके पसीने और परिश्रम में होती है। नियुक्ति पत्र प्राप्त होना किसी यात्रा का अन्त नहीं, बल्कि नए जीवन की शुरुआत है। बेहतर प्रदर्शन, नियमित अभ्यास और निरन्तर प्रतिभा विकास से खिलाड़ियों के सामने पदोन्नति एवं नए अवसरों के रास्ते खुलेंगे।
मुख्यमंत्री जी ने युवाओं को सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग के प्रति भी सचेत किया। उन्होंने कहा कि रील्स में लाइक्स मिल सकते हैं, लेकिन खेल के मैदान में एक नई लाइफ मिलती है। उन्होंने खिलाड़ियों से समय और ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री जी द्वारा खिलाड़ियों के साथ निरन्तर संवाद किया जाता है और उनके प्रदर्शन को प्रोत्साहित किया जाता है। आज भारतीय खिलाड़ी अन्तरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। खिलाड़ी नए रिकॉर्ड बनाने के लिए पूरे मनोयोग से खेलते रहें।
प्रदेश में खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए ऐसी नीति तैयार की गई है, जिसमें प्रतिभा और परिश्रम को प्राथमिकता दी जाती है। मुख्यमंत्री जी ने खिलाड़ियों को आश्वस्त किया कि वे नौकरी की चिन्ता छोड़कर खेल और अभ्यास पर ध्यान दें तथा अपने प्रदर्शन को निरन्तर बेहतर बनाएं। पुरस्कार अथवा सम्मान केवल किसी मंच पर प्रशंसा से नहीं, बल्कि परिश्रम और पसीने से प्राप्त होता है।
मुख्यमंत्री जी ने बागपत के एक गांव के 27 युवाओं के उत्तर प्रदेश पुलिस में चयन का उदाहरण देते हुए कहा कि आज प्रदेश में ऐसी परिस्थितियां बनी हैं, जहां प्रतिभाशाली युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से अवसर मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश अब बीमारू राज्य की पहचान से बाहर निकलकर देश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। प्रदेश में अब निवेश, विकास, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’, ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’, स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी, स्पोर्ट्स कॉलेज एवं सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस जैसे कार्यों की चर्चा होती है। आज प्रदेश की पहचान विकास, रोजगार, खेल प्रतिभाओं और उपलब्धियों से बन रही है।
मुख्यमंत्री जी ने युवाओं को नशे और उन राजनीतिक प्रवृत्तियों से सावधान रहने की अपील की, जो प्रदेश के विकास एवं युवाओं के हितों के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने कहा कि सरकार की खेल नीति का उद्देश्य जातिगत या अन्य भेदभाव के बिना प्रतिभा और जज्बे के आधार पर खिलाड़ियों को आगे बढ़ाना है।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने पुलिस सेवा में चयनित खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, जिससे विकास और खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का बेहतर वातावरण मिला है। सरकार खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, पुष्टाहार, पुरस्कार और रोजगार के अवसर दे रही है। पुलिस सहित लगभग सभी सरकारी विभागों में खिलाड़ियों के लिए कोटा निर्धारित है। उन्होंने खिलाड़ियों से खेल के साथ पुलिस सेवा में भी उत्कृष्ट योगदान देते हुए प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में खिलाड़ियों के हित में ऐतिहासिक फैसले हुए हैं। पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी, बढ़ी पुरस्कार राशि, खेल कोटा, क्रीड़ा कोष और आधुनिक खेल सुविधाओं ने प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए नए अवसर सुनिश्चित किए हैं। उत्तर प्रदेश खेल प्रतिभाओं को सम्मान और आगे बढ़ने का अवसर देने वाला प्रदेश बन रहा है।
कार्यक्रम को पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कृष्ण ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, गृह एवं सूचना श्री संजय प्रसाद, महानिदेशक उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड श्री एस0बी0 शिराडकर, महानिदेशक पी0ए0सी0 श्री आलोक सिंह तथा पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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