**हमीरपुर जिला अस्पताल में हालात का जायजा लेते जिलाधिकारी अशोक कुमार**
***जिला अस्पताल में मरीजों को दी जाने वाली सहुलियतों के बारे में जानकारी लेते हमीरपुर जिलाधिकारी अशोक कुमार******जिला अस्पताल में हमीरपुर जिलाधिकारी अशोक कुमार से वैक्सीनेशन से हुई मौत के मामले की शिकायत करता एक तीमारदार***रिपोर्ट*** सैय्यद जावेद अख्तर***
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिलाधिकारी अशोक कुमार ने जिला अस्पताल पहुंचकर वहां के हालात का जायजा लेते हुते सख्त लहजे में कहा कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को बाहर की दवायें लिखने वाले डाक्टरों के खिलाफ अब होगी सख्त कार्यवाही।चिकित्सा सेवाओं, मरीजों को दी जाने वाली सहुलियतों के साथ ही साफ-सफाई और वहां के प्रशासनिक इंतिजामो की जमीनी हकीकत को परखा। जिलाधिकारी ने अस्पताल के सभी हिस्सों का जायजा लेते हुये हाजिरी रजिस्टर को भी गौर से देखा, इसके साथ ही जिला अस्पताल में तैनात डाक्टर और कर्मचारियों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान वार्डों में एडमिट मरीजों और उनके तीमारदारों से बात कर उनके हालचाल जाने। साथ ही मरीजों को दी जाने वाली सहूलियत और दवाइयों की मौजूदगी के साथ ही उनके इलाज के बारे में भी बारीकी से जानकारी ली। इस मौके पर डाक्टरों और मैडिकल स्टाफ के काम के दौरान उनके रवय्ये के बारे में भी बारीकी से जाना। जिलाधिकारी ने जिम्मेदारों को हिदायत दी कि, मरीजों के इलाज के दौरान उनको और उनके तीमारदारों को किसी तरह की तकलीफ़ न होने पाये, जबकि अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ की गई बदसुलूकी कतई नहीं बर्दाश्त की जायेगी। इस दौरान जिलाधिकारी ने एक्स-रे यूनिट, सिटी स्कैन यूनिट, ऑर्थोपेडिक्स, पैथोलॉजी, ब्लड कलेक्शन लैब, ब्लड बैंक, एनआरसी, पोषण पुनर्वास सेंटर,आयुष्मान सेंटर टीबी वार्ड, फिजियोथेरेपी यूनिट, डायलिसिस यूनिट, काउन्सलिंग रुम के साथ ही सभी जरूरी मैडिकल सर्विसेज को बारीकी से परखने के साथ ही जिम्मेदारों को जरूरी हिदायत दी। जिलाधिकारी ने सख्त हिदायत देते हुये कहा कि मरीजों को तय मेन्यू के मुताबिक एनर्जी से भरपूर बेहतरीन खाना दिया जाय। साथ ही कहा कि खाना तैयार करते वक्त सिर्फ ब्रांडेड मसाले और पैकिंग वाला ब्रांडेड तेल ही इस्तेमाल किया जाय। मरीजों को दिये जाने वाले खाने में खुला तेल और सस्ते मसालों का इस्तेमाल किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। जिलाधिकारी ने डाक्टरों से सख्त लहजे में कहा कि मरीजों को बाहर की दवाइयां लिखने वाले डाक्टरों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी, साथ ही कहा कि सीरियस मामलों के अलावा आम मरीजों का इलाज इसी अस्पताल में बेहतर तरीके से करके आने वाले मरीजों और लोगों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाया जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि अस्पताल में मौजूद दवायेंं आने वाले जरुरतमंद मरीजों को हर हाल में मुहय्या कराई जायें। जिलाधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि स्ट्रेचर और व्हील चेयर से मरीजों को लाने और ले जाने की जिम्मेदारी सिर्फ वार्ड ब्वाय की है, अगर ये काम तीमारदारों से कराया गया,तो जिम्मेदारों की खैर नहीं। जिलाधिकारी ने आयुष्मान कार्ड धारकों को नियम के तहत बेहतर इलाज मुहय्या कराने की सख़्त हिदायत दी। इस दौरान सीएमएस डॉ० आर० एस० प्रजापति ने जिलाधिकारी को बताया कि जिला मेल अस्पताल में शासन से 68 बेड एप्रूव हैं, जबकि मरीजों की तादाद को देखते हुये 24 बेडों का इंतिजाम उनके लेबल पर अलग से किया गया है। जिसके बाद फिलहाल 92 बेड की सहूलियत जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को दी जा रही है। सीएमएस डाक्टर प्रजापति ने बताया कि इस वख्त अस्पताल में एडमिट ज्यादातर मरीज वायरल बुखार के हैं,जो सात से आठ दिन बाद ठीक हो रहे हैं। इस दौरान ब्लड बैंक में 26 यूनिट ब्लड मौजूद पाया गया। इस दौरान एक तीमारदार ने जिलाधिकारी को बताया कि वैक्सीनेशन के बाद उसके बच्चे की मौत हो गई, जिसके बाद उसे एमरजेंसी सहूलियत दिलाने के बजाय पर्चा बनवाने की सलाह दी गई। शिकायत पर सख्त रुख अपनाते हुये जिलाधिकारी ने सीएमओ कल्पना शुक्ला को इस मामले की गहराई से जांच कर जिम्मेदार मैडिकल स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की हिदायत दी। इस दौरान सीएमओ डॉ० अलका शुक्ला, सीएमएस मेल डॉ० आर० एस० प्रजापति जबकि फीमेल अस्पताल के सीएमएस डॉ० राजीव कुमार सहित डाक्टर और मैडिकल स्टाफ मौजूद रहा।
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