मुख्यमंत्री श्री विश्वकर्मा पंचायत मन्दिर, जनपद गोरखपुर में भगवान विश्वकर्मा जयन्ती पर आयोजित श्री श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव में सम्मिलित हुए
प्रदेशवासियों को भगवान विश्वकर्मा जयन्ती की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन पर उन्हें प्रदेशवासियों की ओर से बधाई दी, उनके स्वस्थ व दीर्घ जीवन की मंगल कामना की
आज का दिन अत्यन्त पवित्र, एक ओर सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पावन जयन्ती, दूसरी ओर नए भारत के शिल्पी
देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी का पावन जन्मदिन : मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 140 करोड़ भारतवासी विकसित भारत की संकल्पना साकार होते देखेंगे : मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री जी ने देश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों को ‘पी0एम0 विश्वकर्मा’ के रूप में एक सशक्त मंच उपलब्ध कराया
पारम्परिक कारीगरी आधुनिक तकनीक, नए बाजार, पैकेजिंग और डिजाइनिंग से जुड़ रही
उ0प्र0 में तीन करोड़ से अधिक लोग विभिन्न कारीगरी एवं हस्तशिल्प के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे
डबल इंजन सरकार कारीगरों को टूलकिट, प्रशिक्षण एवं सस्ता ऋण उपलब्ध करा रही
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से राजमिस्त्री, बढ़ई, हलवाई, सुनार सहित विभिन्न कारीगरों को लाभ मिल रहा
आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में हस्तशिल्पी, युवा और नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका
लखनऊ : 17 सितम्बर, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि भारत की परम्परा में भगवान विश्वकर्मा को सृष्टि के शिल्पी और शिल्प के देवता के रूप में पूजित किया जाता है। आज का दिन प्रत्येक उस हस्तशिल्पी और कारीगर के लिए महत्वपूर्ण है, जो अपनी विशिष्ट कला, कारीगरी और हस्तशिल्प के माध्यम से समाज और देश के निर्माण में योगदान दे रहा है। सभी आर्टिजन्स आज सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए उनका पूजन करते हैं।
मुख्यमंत्री जी आज जनपद गोरखपुर के श्री विश्वकर्मा पंचायत मन्दिर में आयोजित श्री श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने भगवान विश्वकर्मा को नमन करते हुए प्रदेशवासियों को विश्वकर्मा जयन्ती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी एवं दीर्घ जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज का दिन अत्यन्त पवित्र है। एक ओर सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की पावन जयन्ती है, वहीं दूसरी ओर नए भारत के शिल्पी देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी का पावन जन्मदिन है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में 140 करोड़ भारतवासी नए भारत और विकसित भारत की उनकी संकल्पना को साकार होते हुए देखेंगे। इस संकल्प को साकार करने में देश की कार्यकारी शक्ति, हस्तशिल्पी, युवा शक्ति और आधी आबादी की नारी शक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें प्रत्येक वर्ष श्री विश्वकर्मा पंचायत मन्दिर में आने का अवसर प्राप्त होता है। मन्दिर समिति के सभी पदाधिकारियों ने दशकों पूर्व जिस भावना के साथ मन्दिर की व्यवस्था और इस अभियान को आगे बढ़ाने का कार्य प्रारम्भ किया गया था, प्रत्येक कारीगर और हस्तशिल्पी बिना किसी भेदभाव के उस अभियान से जुड़ा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नए भारत में प्रधानमंत्री जी ने देश के हस्तशिल्पियों और कारीगरों को ‘पी0एम0 विश्वकर्मा’ के रूप में एक सशक्त मंच उपलब्ध कराया है। उनका स्पष्ट मानना है कि जो देश अपने हस्तशिल्पियों, कारीगरों और आर्टिजन्स का सम्मान करता है, वही आगे बढ़ता है।
कारीगरों और हस्तशिल्पियों को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से राजमिस्त्री, लकड़ी का कार्य करने वाले बढ़ई, हलवाई, सुनार तथा समाज की विभिन्न पारम्परिक कारीगरी से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण, टूलकिट एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। कारीगरों को प्रशिक्षण की सुविधा देने के साथ ही बैंकों के माध्यम से सस्ता ऋण उपलब्ध कराने का कार्य भी किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आजादी के बाद लम्बे समय तक समाज की स्वावलम्बन की आधार रही इन पारम्परिक कारीगरियों और कारीगरों की उपेक्षा हुई, लेकिन पहली बार डबल इंजन सरकार ने इनके बारे में गम्भीरता से सोचा, उनकी चिंता की और उन्हें सम्मान के साथ आगे बढ़ाने का कार्य किया। सरकार द्वारा कारीगरों और हस्तशिल्पियों को सशक्त बनाने की दिशा में अनेक प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद इस दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य प्रारम्भ किया गया। आज प्रदेश में तीन करोड़ से अधिक लोग अलग-अलग प्रकार की कारीगरी एवं हस्तशिल्प के माध्यम से रोजगार प्राप्त कर रहे हैं और स्वावलम्बन का जीवन व्यतीत कर रहे हैं। यह भगवान विश्वकर्मा की कृपा और प्रदेश के कारीगरों की मेहनत का परिणाम है। आधुनिक भारत में भगवान विश्वकर्मा की इस शिल्प परम्परा और कारीगरी को आधुनिक तकनीक, नए बाजार, बेहतर पैकेजिंग और डिजाइनिंग के साथ जोड़ने का कार्य किया जा रहा है।
इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य डॉ0 धर्मेन्द्र सिंह, गोरखपुर के महापौर डॉ0 मंगलेश श्रीवास्तव, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष श्रीमती चारू चौधरी, श्री विश्वकर्मा पंचायत मन्दिर के अध्यक्ष श्री दयानन्द शर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
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