बलरामपुर- मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रोजेक्ट संवर्धन के अंतर्गत प्रत्येक बुधवार को आयोजित होने वाले विशेष ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) के तहत जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा ग्राम दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र का निरीक्षण किया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली महिलाओं के चिन्हीकरण, उनकी स्वास्थ्य जांच एवं आवश्यक चिकित्सकीय कार्रवाई की प्रगति का जायजा लिया।
ग्राम पंचायत सचिवालय दांदव, विकास खंड तुलसीपुर में आयोजित वीएचएसएनडी सत्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के माध्यम से प्रभावी मोबिलाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। ग्राम में ऐसे सभी बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को सत्र तक लाया जाए, जिनका टीकाकरण निर्धारित है, जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी टीकाकरण एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
इस दौरान एएनएम द्वारा बताया गया कि विशेष वीएचएसएनडी सत्र में 09 बच्चों एवं 05 महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने टीकाकरण की स्थिति की जानकारी लेते हुए एएनएम एवं आशा के रजिस्टर का भी निरीक्षण किया तथा अभिलेखों को नियमित एवं अद्यतन रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि ई-कवच पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं तथा टीकाकरण के लिए निर्धारित बच्चों की जानकारी समय से अपडेट की जाए। इसके साथ ही ड्यू लिस्ट को नियमित रूप से अपडेट करते हुए उसके अनुसार लाभार्थियों से संपर्क किया जाए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय के साथ ड्यू लाभार्थियों की ट्रैकिंग करें तथा टीकाकरण से छूटे बच्चों एवं महिलाओं को आगामी सत्र में अनिवार्य रूप से कवर करें।
*हाई रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के यूएसजी पर विशेष जोर*
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) वाली गर्भवती महिलाओं के चिन्हीकरण एवं उनकी नियमित स्वास्थ्य जांच की स्थिति की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि चिन्हित सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जाए तथा निर्धारित समय पर आवश्यक जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया जाए।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं का यूएसजी (अल्ट्रासोनोग्राफी) प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित कराया जाए। एएनएम एवं आशा प्रत्येक चिन्हित एचआरपी महिला के यूएसजी की स्थिति का नियमित फॉलोअप करें। जिन महिलाओं का यूएसजी लंबित है, उन्हें स्वास्थ्य इकाई तक पहुंचाकर जांच सुनिश्चित कराई जाए।
उन्होंने कहा कि समय से यूएसजी एवं अन्य आवश्यक जांच के माध्यम से जोखिम की पहचान कर आवश्यक चिकित्सकीय प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकता है। एचआरपी महिलाओं की सूची अद्यतन रखी जाए तथा प्रत्येक महिला की स्वास्थ्य स्थिति, आवश्यक जांच, यूएसजी एवं फॉलोअप की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष वीएचएसएनडी के माध्यम से ग्राम स्तर पर प्रत्येक पात्र महिला एवं बच्चे तक स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की जाए। एएनएम, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री आपसी समन्वय से टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान एवं समयबद्ध फॉलोअप पर विशेष ध्यान दें।
इस दौरान एसीएमओ अजय शुक्ला मौजूद रहें।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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