✅ अपने आदर्शों और नेक कार्यों से सभी के दिलों में राज करने वाले स्व. श्री सुरेन्द्र सिंह जी की आज 22वीं पुण्यतिथि है 18 सितम्बर 2004 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा था लेकिन उनके विचार आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं ✅
औरैया // समाज में एक नई ऊर्जावान और सकारात्मक छवि स्थापित करने के उद्देश्य से स्व. श्री सुरेन्द्र सिंह जी ने सदैव सामाजिक हित में कार्य किया उनके निरंतर अच्छे और मधुर कार्यों के चलते जनता का विश्वास उन पर दिन प्रतिदिन बढ़ता गया और आम जनता उन्हें अपना सच्चा सेवक मानने लगी।
उनका व्यवहार सभी के प्रति अत्यंत विनम्र था जिसके कारण समाज में उनकी एक प्रबल और सम्मानजनक पहचान बनी सामाजिक हित का कोई भी कार्य हो वे उसे करने के लिए सदैव तत्पर रहते थे यही उनकी विशेष कार्यशैली थी।
वे हमेशा अपने करीबियों और अधिकारियों को एक ही सीख देते थे "जनता की सेवा ईमानदारी से करते रहो, यही सच्ची समाज सेवा है और यही ईश्वर की सेवा है" हमारी जनता हमसे हमेशा खुश रहे इसका ख्याल उनके मन में सदैव रहता था वे भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के घोर विरोधी थे अपने कार्यकाल में उन्होंने शून्य बजट में भी विकास की गंगा बहा दी थी जिसके प्रमाण आज भी देखे जा सकते हैं उनका कद भले ही एक आम नागरिक जैसा था लेकिन उनकी पहचान पूरे जिला स्तर पर प्रभावशाली थी जिले का कोई भी अधिकारी या पदाधिकारी उनसे सलाह लिए बिना कोई बड़ा निर्णय नहीं लेता था क्योंकि गलत को गलत और सही को सही कहना उनके बचपन के संस्कारों में था।
उनके कार्यकाल में जिलाधिकारी से लेकर हर स्तर का अधिकारी आम जनता का कार्य बड़ी विनम्रता से करते थे उनके रहते जनता को कभी किसी प्रकार की परेशानी महसूस नहीं हुई उन्होंने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर ऐतिहासिक पहल की जिससे प्रभावित होकर राष्ट्रीय पंचायती राज संगठन के अलावा कई विशेष संगठन ने उन्हें अतुलनीय कार्यों के लिए जिला स्तर पर सम्मानित भी किया था उन्हें महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध कोई भी बात सुनना पसंद नहीं था वे केवल चरित्रवान ईमानदार और अच्छी कार्यशैली वाले व्यक्ति को ही पसंद करते थे चाहे वह अधिकारी हो या आम नागरिक उनके विकास कार्यों और उनकी कार्यशैली को आज भी लोग बड़े सम्मान से याद करते हैं उनके जाने के बाद वैसा विकास कार्य फिर दुबारा देखने को कभी नहीं मिला।
"वे एक कुशल राजनेता होने के साथ साथ एक सफल व्यवसायी सच्चे समाजसेवक और सकारात्मक विचारों के ओजस्वी प्रचारक भी थे उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर पूरे जिले के राजनीतिक दिग्गजों से लेकर बॉलीवुड के कई मशहूर अभिनेता तक उनसे मार्गदर्शन लेने आते थे वे एक कुशल लेखक भी थे और उनकी हस्तलिपि इतनी सुंदर व आकर्षक थी कि उसके सामने कंप्यूटर की टाइपिंग भी फीकी पड़ जाती थी"
यदि आज वे जीवित होते तो अपने गृह जनपद को उत्तर प्रदेश में एक अलग पहचान दिलाते और प्रदेश के एक बड़े समाजसेवी के रूप में जाने जाते उन्होंने बड़े बड़े असंभव नामुमकिन दिखने वाले कार्यों को भी बड़े सरल तरीके से हल किया गरीब जनता उनसे बेहद प्यार करती थी इसीलिए उनका जनसेवा का सुरक्षित कार्यकाल लगातार कई वर्षों तक रहा।
आज 22वीं पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन
रिपोर्ट :- जितेन्द्र कुमार, हिन्दी संवाद न्यूज़, उत्तर प्रदेश
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