मुख्यमंत्री ने भारत टैक्सी तथा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारम्भ किया
भारत टैक्सी के सारथियों को शेयर प्रमाण पत्र तथा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र व प्रतिकात्मक चेक वितरित किए
प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री जी के नेतृत्व में सहकारिता आन्दोलन को नई गति मिली, सहकारिता आज भारत की समृद्धि का प्रतीक : मुख्यमंत्री
अन्नदाता किसान खुशहाल होगा, तो भारत खुशहाल होगा, अन्नदाता किसान समृद्ध होगा, तो भारत समृद्ध होगा, को-ऑपरेटिव सेक्टर जितना मजबूत होगा, भारत उतना मजबूत होगा
भारत टैक्सी केवल एक टैक्सी नहीं, बल्कि लाखों नौजवानों के लिए नए रोजगार के सृजन का माध्यम बन सकती, ग्रामीण बस सेवा को भी इसके साथ जोड़ा जा सकता
टैक्सी ड्राइवर, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालक अब रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे,
उन्हें 05 लाख रु0 की सामाजिक सुरक्षा कवरेज मिलेगी
मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना में ऋण की ब्याज दर 11 से घटाकर 06 प्रतिशत की गई, 06 लाख रु0 से 10 लाख रु0 तक लोन की सुविधा, लॉन्ग टर्म लोन की व्यवस्था, 05 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को ऋण सुविधा से लाभान्वित किया जाएगा
सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50,000 मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता के वेयरहाउस तैयार हो रहे
पैक्स के लिए ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सीमा 10 लाख रु0 से बढ़ाकर 15 लाख रु0 तक की गयी
सहकारी बैंकों के डिजिटाइजेशन और कम्प्यूटराइजेशन की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ी
विगत 09 वर्षों में 03 लाख 30 हजार करोड़ रु0 का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया
भारत टैक्सी का मूल मंत्र ‘ड्राइवर इज द ओनर’, इसके अन्तर्गत पूरे पैसे वाहन
चालक के अकाउण्ट में जमा होंगे : केन्द्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री
मुख्यमंत्री को उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम की 2.59 करोड़ रु0 लाभांश राशि का चेक सौंपा गया
लखनऊ : 23 सितम्बर, 2026
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि भारत टैक्सी के माध्यम से जब कोई व्यक्ति अपनी गाड़ी पर भारत टैक्सी लिखाएगा और चालक भारत टैक्सी के ब्राण्ड को संचालित करेगा, तो उसके मन में गौरव की अनुभूति होगी कि यह केवल एक पैसेंजर को ढोने की टैक्सी नहीं, बल्कि पूरे भारत की टैक्सी है। यह भारत को संचालित करने और भारत की गति को प्रगति में बदलने की टैक्सी है। साथ ही, उसे 05 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी से निश्चिंतता मिलेगी। जब किसी व्यक्ति को सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी मिलती है तो वह पूरी तन्मयता और जिम्मेदारी के साथ अपने कार्य को कर पाता है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां भारत टैक्सी तथा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारम्भ करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने भारत टैक्सी को फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री जी ने सहकारिता विभाग उ0प्र0 के उवर्रक सेतु मोबाइल ऐप एवं उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेन्टर के मोबाइल ऐप यू0पी0सी0डी0सी0 तथा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के ई-पोर्टल की लॉन्चिंग की। उन्होंने भारत टैक्सी के सारथियों (वाहन चालकों) को शेयर प्रमाण पत्र तथा मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति पत्र व प्रतिकात्मक चेक भी वितरित किए। मुख्यमंत्री जी के समक्ष एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो, लखनऊ पुलिस एवं भारत टैक्सी के मध्य एम0ओ0यू0 का आदान-प्रदान किया गया।
इस अवसर पर सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) श्री जयेन्द्र प्रताप सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री जी को उत्तर प्रदेश राज्य भण्डारण निगम की 02 करोड़ 59 लाख रुपये लाभांश राशि का चेक भी सौंपा। कार्यक्रम के दौरान भारत टैक्सी से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में सहकारिता आन्दोलन को नई गति मिलने के लिए आभार प्रकट करते हुए कहा कि सहकारिता आज भारत की समृद्धि का प्रतीक बन रही है। सहकारिता हम सबकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन सहकारिता की कमान किन लोगों के हाथों में है, इसकी सफलता इस पर निर्भर करती है। यदि किसी शक्ति को नकारात्मक और भ्रष्ट हाथों में दे दिया जाए तो उसका दुरुपयोग विध्वंस, शोषण और अराजकता के लिए हो सकता है, जबकि वही शक्ति सकारात्मक और कल्याणकारी सोच वाले नेतृत्व के हाथों में समाज और राष्ट्र की सुरक्षा तथा समृद्धि का कारण बनती है। सहकारिता भी दोधारी तलवार है। अच्छी लीडरशिप और अच्छे नेतृत्व में सहकारिता समृद्धि का कारण बनती है और गलत नेतृत्व में समाज में अराजकता का कारण भी बन सकती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में वर्ष 2014 के पहले और उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के पहले जो माहौल बनाया गया था, उससे सहकारिता का क्षेत्र भी अछूता नहीं था। आजादी के बाद पहली बार देश में अलग से सहकारिता मंत्रालय का गठन हुआ और सहकारिता के बारे में एक नई सोच उत्पन्न हुई। उसी का परिणाम आज हम सभी को दिखायी दे रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले कोई नहीं सोचता था कि टैक्सी ड्राइवर, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालक अब रजिस्ट्रेशन के साथ जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी का हिस्सा बनेंगे। उन्हें 05 लाख रुपये की सामाजिक सुरक्षा कवरेज भी मिलेगी। अब तक इन लोगों के लिए कोई सामाजिक सुरक्षा नहीं थी और उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाता था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक द्वारा किसानों को 11 प्रतिशत की ब्याज दर पर ऋण दिया जाता था। अन्नदाता किसान पर क्या बीतती रही होगी, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ब्याज दर कम करने का निर्णय लिया। आज मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुभारम्भ किया गया है। अब ऋण की ब्याज दर 11 प्रतिशत से घटाकर 06 प्रतिशत की गई है तथा लॉन्ग टर्म लोन की व्यवस्था की गई है। 6 लाख रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के लोन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। आगामी वर्षों में 05 लाख लघु एवं सीमांत किसानों को इस ऋण सुविधा से लाभान्वित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अन्नदाता किसान खुशहाल होगा, तो भारत खुशहाल होगा और अन्नदाता किसान समृद्ध होगा, तो भारत समृद्ध होगा। को-ऑपरेटिव सेक्टर जितना मजबूत होगा, भारत उतना मजबूत होगा। अन्नदाता किसान और टैक्सी के माध्यम से दर-दर की ठोकर खाने वाले प्रत्येक चालक को विश्वास दिलाने के लिए यह मंच एकत्रित हुआ है कि वे अकेले नहीं हैं, उनके साथ डबल इंजन सरकार और उसकी ताकत खड़ी है। भारत टैक्सी का शुभारम्भ करने के लिए पूरी टीम यहां पर आयी है। आज से भारत टैक्सी लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में संचालित हो रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2014 के पहले देश और वर्ष 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में क्या स्थिति थी, यह सभी जानते हैं। उत्तर प्रदेश में महीनों-महीनों कर्फ्यू रहता था, दंगे होते थे और अराजकता चरम पर थी। उस समय टैक्सी और थ्री-व्हीलर चालकों के साथ भी ऐसी घटनाएं होती थीं कि लोग किराया नहीं देते थे और कभी-कभी सत्ताधारी दल से जुड़े लोगों द्वारा टैक्सी चालक को मारकर वाहन ले जाने जैसी घटनाएं सामने आती थीं। उस समय भैसा गाड़ी से भैसा और खड़ी टैक्सी से टायर गायब हो जाते थे। सड़कों की स्थिति ऐसी थी कि गड्ढा सड़क में है या सड़क गड्ढ़े में, इसका पता नहीं चलता था। मेरठ में चोरी की गाड़ियों को काटकर स्क्रैपिंग करने और चेसिस बदलने का भी उन्होंने उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में बेहतरीन कनेक्टिविटी है। एक्सप्रेस-वे में उत्तर प्रदेश का शेयर देश ने 60 प्रतिशत से अधिक है। इंटरस्टेट कनेक्टिविटी फोर लेन के साथ जुड़ी है। जिला मुख्यालय भी फोर लेन से जुड़े हैं। गांव-गांव की सड़कें बेहतर बनी हैं। यह परिवर्तन बेहतर यात्रा के साथ टैक्सी चालक, थ्री-व्हीलर चालक और टू-व्हीलर चालक के लिए भी सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करा रहा है। अब प्रदेश में कर्फ्यू नहीं लगता, दंगा नहीं होता और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी निगरानी है। सुरक्षा के लिए 14 लाख सी0सी0टी0वी0 कैमरे लगाए गए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले अन्नदाता किसान की स्थिति अच्छी नही थी। किसान आत्महत्या और पलायन करता था। उनके मन में हताशा और निराशा थी तथा बिचौलिए हावी थे। वर्ष 2017 में सरकार बनने के बाद सबसे पहले लघु एवं सीमांत किसानों के 86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ रुपये से अधिक के ऋण माफी कार्यक्रम को चलाया गया।
उत्तर प्रदेश में दशकों से सिंचाई परियोजनाएं लंबित थीं। सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना 1970 के दशक में बनना शुरू हुई और उसे पूरा होने में 50 वर्ष लग गए। 1970 में 100 करोड़ रुपये की परियोजना जब पूरी हुई तो उस पर 10 हजार करोड़ रुपये खर्च हुए। अर्जुन सहायक परियोजना, बाणसागर परियोजना और मध्य गंगा परियोजना की भी यही स्थिति थी। डबल इंजन सरकार ने विगत साढ़े 09 वर्षों में उत्तर प्रदेश में 24 लाख हेक्टेयर भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा दी है। इससे अन्नदाता किसानों की आय को कई गुना बढ़ाने में प्रधानमंत्री जी के विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिली है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 16 लाख से अधिक किसान ऐसे थे जिनके अपने निजी ट्यूबवेल थे। सरकारी ट्यूबवेल से सिंचाई मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही थी, लेकिन निजी ट्यूबवेल वाले किसानों को बिजली की समस्या का सामना करना पड़ता था। अब 16 लाख किसानों को निजी ट्यूबवेल चलाने के लिए मुफ्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। पर्याप्त बिजली मिलने से किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल रही है और वे एक नहीं, तीन-तीन फसलें बो रहे हैं। बीज से लेकर बाजार तक की व्यवस्था की गई है। सहकारिता के माध्यम से प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर 50,000 मीट्रिक टन भण्डारण क्षमता के वेयरहाउस तैयार हो रहे हैं। प्रधानमंत्री जी ने स्वॉयल हेल्थ कार्ड से लेकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तक की सुविधाएं किसानों को उपलब्ध कराई हैं। यह सभी काम पहले भी हो सकते थे, लेकिन नहीं हुए।
मुख्यमंत्री जी ने गन्ना किसानों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि पहले चीनी मिलों पर वर्षों-वर्षों तक गन्ना मूल्य का भुगतान लम्बित रहता था। किसानों को पहले पर्ची नहीं मिलती थी, पर्ची मिलने के बाद मिल में घटतौली होती थी और गन्ना पहुंचने के बाद भी भुगतान नहीं होता था। पूर्व की सरकारों ने 29 चीनी मिलें बंद कर दी थीं, जिनमें से 21 चीनी मिलें ओने-पौने दाम पर बेच दी गई थीं। वर्तमान में 122 चीनी मिलें संचालित हो रही हैं। इनमें से 100 से अधिक चीनी मिलें चौथे दिन गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं। विगत 09 वर्षों में 03 लाख 30 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया गया है।
अन्नदाता किसान को सुविधा मिले, उसकी उपज का दाम मिले, वैल्यू एडिशन की सुविधा हो और उसे बाजार से जोड़ने की तैयारी हो, इसके लिए पैक हाउस बने, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगीं, एफ0पी0ओ0 का गठन हुआ और कृषि विज्ञान केन्द्रों ने तकनीकी सपोर्ट दिया। इस दिशा में लगातार कार्य प्रारम्भ हुआ। आज इसके परिणाम हम सभी के सामने हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सहकारी समितियों के गठन के लिए पहले भी अनेक समस्याएं खड़ी होती थीं। आज सहकारी समितियों के माध्यम से फर्टिलाइजर का वितरण सफलतापूर्वक किया जा रहा है। पिछले तीन वर्षों में दुनिया में युद्ध की परिस्थितियां रहीं। पहले रूस और यूक्रेन तथा बाद में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध हुआ। इसके बावजूद सरकार द्वारा किसानों को समय पर फर्टिलाइजर उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। वह स्वयं प्रतिदिन कृषि मंत्री और सहकारिता मंत्री से इसकी रिपोर्ट लेते थे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पैक्स के गठन के लिए अभियान चलाया गया और उन्हें सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। पैक्स के लिए ब्याज मुक्त कैश क्रेडिट की सीमा 10 लाख रुपये तक तय की गई जिसे अब बढ़ाकर 15 लाख रुपये तक कर दिया गया है। प्रत्येक पैक्स को यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसका परिणाम है कि 54 लाख नए सदस्य सहकारिता से जुड़े हैं।
वर्ष 2017 के पहले 16 सहकारी बैंक निष्क्रिय हो चुके थे और उनके लाइसेंस जब्त हो गए थे। इनमें हजारों करोड़ रुपये किसानों का पैसा जमा था। आज 16 में से 15 बैंक फिर से अपने प्रॉफिट में आ चुके हैं। एक बैंक में कार्य किया जा रहा है। सहकारी बैंकों के डिजिटाइजेशन और कम्प्यूटराइजेशन की कार्यवाही तेजी से आगे बढ़ी है।
आज फर्टिलाइजर के लिए मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। इसके माध्यम से किसानों को समय पर फर्टिलाइजर, पेस्टिसाइड तथा अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य किया जाएगा। को-ऑपरेटिव का डाटा सेण्टर और मोबाइल ऐप भी शुरू किया गया है, जिससे सहकारिता की विभिन्न सेवाएं आसानी से प्राप्त की जा सकेंगी। इस दिशा में आगे बढ़ रहे कार्यों से अन्नदाता किसानों और समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री जी ने परिवहन मंत्री से कहा कि ग्रामीण बस सेवा प्रारम्भ करने के कार्य को भारत टैक्सी की तर्ज पर आगे बढ़ाया जा सकता है। भारत टैक्सी केवल एक टैक्सी नहीं है, बल्कि यह लाखों नौजवानों के लिए नए रोजगार के सृजन का माध्यम भी बन सकती है। इस अभियान को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य करना होगा और ग्रामीण बस सेवा को भी इस प्रकार की सेवाओं के साथ जोड़ा जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने वर्ष 2025 के प्रयागराज महाकुम्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय लाखों नौजवान रैपिडो के माध्यम से अपनी बाइक पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित संगम तक ले जाने, वहां से उनके गंतव्य, ट्रेन या एयरपोर्ट तक पहुंचाने में योगदान दे रहे थे। इससे ट्रैफिक भी जाम नहीं हो रहा था और लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुंच रहे थे। इसी प्रकार की सेवा के साथ आज भारत टैक्सी हमारे सामने है और इसका बेहतरीन उपयोग किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने विश्वास व्यक्त किया कि आज शुभारम्भ की जा रही समस्त योजनाएं आमजन के लिए उपयोगी होंगी और सहकारिता क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान देंगी। सहकारिता का यह अभियान आमजन के चेहरे पर खुशहाली लाने में मदद करेगा।
केन्द्रीय सहकारिता एवं नागर विमानन राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेन्ट सहित जनकल्याण की अनेक योजनाओं में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। मुख्यमंत्री जी की गरिमामयी उपस्थिति में आज लखनऊ में भारत टैक्सी सेवा शुरू हो रही है। यह मोबिलिटी के क्षेत्र में एक नया उपक्रम है। इसका मूल मंत्र है ‘ड्राइवर इज द ओनर’ पहले विदेशी कम्पनियां आती थी और आप सभी कमीशन बेस पर काम करते थे। भारत टैक्सी के अन्तर्गत पूरे पैसे आपके अकाउण्ट में जमा होंगे। इसका शुभारम्भ देश में फरवरी, 2026 में हुआ था। विगत 06 माह में देश के हमारे 10 लाख भाई-बहन भारत टैक्सी के साथ जुड़े हैं तथा 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की धनराशि ड्राइवर भाई-बहन के अकाउण्ट में पहुंच चुकी है। टैक्सी की यह सेवा वर्तमान में दिल्ली, मुम्बई, जयपुर सहित देश के 15 शहरों में संचालित है। आज से लखनऊ सहित गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर, प्रयागराज का नाम इस सूची में जुड़ गया है। उत्तर प्रदेश के कुल 40 हजार सारथी भाई-बहन ने पंजीकरण किया है।
उत्तर प्रदेश में सहकारिता आन्दोलन को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन और सहकारिता मंत्री श्री जे0पी0एस0 राठौर के नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। पैक्स के कम्प्यूटरीकरण और ग्रामीण बैंकों के डिजिटलीकरण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश का सहकारिता मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी बन सकता है।
उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि सहकारिता विभाग समाज के गरीब, किसान और मध्यम वर्ग से जुड़े लोगों के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में सहकारिता विभाग को नई दिशा मिली है और आज सहकारी बैंक लाभ की स्थिति में हैं, जिसका लाभ किसानों और आम लोगों को मिल रहा है। केन्द्रीय स्तर पर सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के बाद देश में सहकारिता व्यवस्था को मजबूत करने का कार्य तेजी से हुआ है। भारत टैक्सी इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने प्रदेशवासियों से भारत टैक्सी को सफल बनाने के लिए मिलकर प्रयास करने तथा स्वयं को इसका ब्राण्ड एम्बेसडर बनाने का आह्वान किया।
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जयेन्द्र प्रताप सिंह राठौर ने कहा कि मुख्यमंत्री जी ने एल0डी0बी0 जैसी संस्था को पुनर्स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारम्भ किया है। यह योजना किसानों को सशक्त बनाने एवं आर्थिक स्तर सुधारने के लिए लायी गई है। अब देश में सबसे सस्ता लोन मात्र 06 प्रतिशत ब्याज पर लोगों को दिया जाएगा। नवाचार के रूप में भारत टैक्सी द्वारा सहकारिता को नये आयाम से जोड़ने का कार्य केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी द्वारा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी ने देश के प्रत्येक नागरिक को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है। गरीबों को पक्के घर का मालिक, बहनों को लखपति दीदी तथा नौजवानों को रोजगार देने वाला बनाया है और अब ड्राइवरों को मालिक बनाकर उनके सपनों की मंजिल तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री दयाशंकर सिंह, सलाहकार मुख्यमंत्री श्री अवनीश कुमार अवस्थी, सभापति उत्तर प्रदेश सहकारी ग्रामीण विकास बैंक डॉ0 विवेक कुमार सिंह तोमर, उपाध्यक्ष भारत टैक्सी श्री रोहित गुप्ता सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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