मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज ग्रेटर नोएडा में उत्तर प्रदेश इण्टरनेशनल ट्रेड शो के शुभारम्भ के उपरान्त पार्टनर कण्ट्रीज के प्रतिनिधियों के साथ राउण्ड टेबल मीटिंग कर उत्तर प्रदेश में निवेश और कारोबार की सम्भावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। पार्टनर कण्ट्रीज सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, निवेश के अवसर और विभिन्न सेक्टरों में उपलब्ध सम्भावनाओं को साझा किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ ही बड़ा बाजार, युवा मानव संसाधन, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधनों वाला राज्य है। ऐसे में पार्टनर देशों की कम्पनियों के लिए यहाँ निवेश और कारोबार विस्तार की व्यापक सम्भावनाएँ हैं। ट्रेड शो में विभिन्न देशों की सहभागिता को उत्तर प्रदेश की वैश्विक व्यापारिक और औद्योगिक पहुँच के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
वियतनाम के डेलिगेशन के साथ चर्चा में मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वियतनामी कम्पनियों के लिए उत्तर प्रदेश में निवेश की अच्छी सम्भावनाएँ हैं। मुख्यमंत्री ने वियतनाम की कम्पनियों को मध्य एवं छोटी इलेक्ट्रॉनिक असेम्बलिंग इकाइयों को यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया। यह क्षेत्र तेजी से ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित हो रहा है। देश की मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में लगभग 55 प्रतिशत तथा इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेन्ट्स मैन्युफैक्चरिंग में लगभग 60 प्रतिशत प्रदेश की हिस्सेदारी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट फंक्शनल करने में सफलता मिली है और शीघ्र ही यहाँ से अन्तरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री जी ने प्रस्ताव रखा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से हनोई तथा वियतनाम के अन्य प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने से दोनों देशों के बीच व्यापारिक सम्बन्धों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार कानपुर, गोरखपुर आदि क्षेत्रों में टेक्सटाइल पार्क हेतु वियतनाम की गारमेण्टिंग कम्पनियों को प्लग एण्ड प्ले की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इस उद्योग के लिए उत्तर प्रदेश वियतनाम की कम्पनियों के लिए बेहतरीन डेस्टिनेशन हो सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश इण्टरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कण्ट्री के रूप में शामिल होने के लिए वियतनाम के प्रतिनिधिमण्डल का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारत के सबसे अधिक पर्यटन स्थल हैं। भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण केन्द्र कपिलवस्तु, सारनाथ, कुशीनगर, कौशाम्बी तथा संकिशा उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। बौद्ध यात्रियों की बड़ी संख्या के दृष्टिगत इन स्थलों पर वियतनामी होटल समूह के रिजॉर्ट्स स्थापित किए जा सकते हैं। इसके लिए प्रदेश सरकार की टूरिज्म पॉलिसी सहयोग करेगी।
रूसी प्रतिनिधिमण्डल के साथ राउण्ड टेबल मीटिंग में मुख्यमंत्री जी ने रूसी संघ के बिजनेस कमिश्नर को उत्तर प्रदेश इण्टरनेशनल ट्रेड शो में पार्टनर कण्ट्री के रूप में शामिल होने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि रूस की ओर से जिन मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया गया है, उत्तर प्रदेश सरकार उन सुझावों से सहमत है और दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश का सबसे बड़ा राज्य है और यहाँ करीब 25 करोड़ की आबादी निवास करती है। प्रदेश में भारत का डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉरिडोर स्थापित हो रहा है। रूस की कम्पनियाँ पहले से ही उत्तर प्रदेश में अपनी इकाइयाँ स्थापित कर रही हैं। लखनऊ नोड में ब्रह्मोस की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित हो चुकी है। उन्होंने कानपुर में भी रूसी डिफेंस कम्पनियों को अपनी इकाइयाँ स्थापित करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि ए0के0-203 राइफल का निर्माण भी उत्तर प्रदेश में हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रूस की कम्पनियों के लिए फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में अनेक अवसर हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नोएडा एयरपोर्ट के पास मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहाँ रूसी निवेशक निवेश के साथ अपने रिसर्च एण्ड डेवलपमेण्ट सेण्टर स्थापित कर सकते हैं। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में भी फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है। ललितपुर में बनने वाले बल्क ड्रग पार्क में भी रूस की कम्पनियों को रिसर्च एण्ड डेवलपमेण्ट क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रूसी कम्पनियों के लिए कृषि और फर्टिलाइजर की सप्लाई चेन भी महत्वपूर्ण क्षेत्र हो सकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश को भारत का फूड बास्केट बताते हुए कहा कि प्रदेश में बड़ी मात्रा में उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन उपलब्ध हैं। कृषि आधारित उद्योग और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन के क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच सहयोग की व्यापक सम्भावनाएँ हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, देश में एम0एस0एम0ई0 का बड़ा केन्द्र है। उत्तर प्रदेश इण्टरनेशनल ट्रेड शो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म है, जहाँ विभिन्न देशों को उत्तर प्रदेश की औद्योगिक और निर्यात क्षमता को देखने-समझने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने बेलारूस के प्रतिनिधिमण्डल के साथ बैठक में उत्तर प्रदेश इण्टरनेशनल ट्रेड शो में उनकी सहभागिता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि 04 वर्ष पहले शुरू की गई पहल के क्रम में बेलारूस ने इस बार भी अपने पवेलियन के माध्यम से उत्तर प्रदेश की औद्योगिक एवं मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को समझने का अवसर प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेलारूस के लिए निवेश की व्यापक सम्भावनाएँ हैं। प्रदेश की बड़ी आबादी, उर्वरा भूमि और पर्याप्त जल संसाधन इसे कृषि एवं कृषि आधारित उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। उन्होंने बेलारूस की एडवांस और हैवी मशीनरी कम्पनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। विशेष रूप से बेलारूस ट्रैक्टर कम्पनियों को यहाँ असेंबलिंग यूनिट स्थापित करने का प्रस्ताव दिया।
मुख्यमंत्री जी ने बेलारूस के प्रतिनिधियों को उत्तर प्रदेश के ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओ0डी0ओ0पी0) की ताकत से भी परिचित कराया। उन्होंने कहा कि सहारनपुर और बिजनौर जैसे जनपदों में लकड़ी एवं उससे जुड़े उत्पादों की प्रोसेसिंग का बेहतरीन कार्य हो रहा है। यदि बेलारूस की आधुनिक वुड टेक्नोलॉजी को उत्तर प्रदेश के इन क्लस्टर्स से जोड़ा जाता है, तो यहाँ के उत्पादों को वैश्विक बाजार में और मजबूत पहचान दिलायी जा सकती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की करीब 56 प्रतिशत आबादी युवा है। प्रदेश सरकार युवाओं की शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण पर लगातार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में आई0टी0 और तकनीकी संस्थानों की मजबूत व्यवस्था है। ऐसे में बेलारूस की कम्पनियाँ प्रदेश में हैवी टेक्नोलॉजी से जुड़े तकनीकी संस्थान स्थापित कर सकती हैं और युवाओं को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित करने में सहयोग कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश और बेलारूस मिलकर इन सम्भावनाओं को आगे बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश इण्टरनेशनल ट्रेड शो दोनों देशों के बीच व्यापार, तकनीक और निवेश के नए रास्ते खोलने का प्रभावी मंच बन रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने जापान के प्रतिनिधिमण्डल के साथ संवाद किया। उन्होंने जापान को उत्तर प्रदेश में जापान के इन्वेस्टर्स को ई0वी0 के क्षेत्र में कार्य करने के लिए आमंत्रित किया। बैठक में उत्तर प्रदेश-जापान सहयोग को आर्थिक विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और निवेश प्रोत्साहन के क्षेत्र में और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री जी ने सिंगापुर के प्रतिनिधिमण्डल और प्रमुख निवेशकों के साथ भी संवाद किया। प्रतिनिधिमण्डल ने उत्तर प्रदेश सरकार और इन्वेस्ट यू0पी0 की ओर से उत्तर प्रदेश-सिंगापुर आर्थिक एवं निवेश सम्बन्धों को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। बैठक में प्रस्तावित सिंगापुर सिटी परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। सिंगापुर सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने में गहरी रुचि व्यक्त की।
मुख्यमंत्री जी ने नोएडा इण्टरनेशनल एयरपोर्ट में कार्गों फैसिलिटी, लॉजिस्टिक्स पार्क, कोल्ड स्टोरेज, मेनटेनेंस, रिपेयरिंग, ओवरहॉलिंग आदि के लिए सिंगापुर की कम्पनियों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा को डाटा सेण्टर हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहाँ पर विभिन्न कम्पनियों द्वारा निवेश किया गया है। उन्होंने सिंगापुर की टेक्नोलॉजी एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर कम्पनियों को यहाँ रुचि लेने के लिए कहा। उत्तर प्रदेश में पर्याप्त लैण्ड बैंक मौजूद है। उन्होंने एस0डी0जी0 के लिए सिंगापुर के मॉडल को अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्किल डेवलपमेण्ट के लिए आई0आई0टी0 जैसे संस्थान उपलब्ध हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक जनपद में सरदार वल्लभ भाई पटेल इम्प्लॉयमेण्ट एण्ड इण्डस्ट्रियल जोन स्थापित कर रही है।
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