बलरामपुर- प्रदेश सरकार द्वारा पारंपरिक कारीगरों एवं दस्तकारों के हुनर को निखारने, उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने तथा उनकी आजीविका के साधनों को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना संचालित की जा रही है। योजना के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत व्यवसाय से जुड़े कारीगरों को कौशल विकास, आधुनिक उपकरण एवं आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
योजना के अंतर्गत पात्र पारंपरिक कारीगरों एवं दस्तकारों को उनके हुनर में गुणात्मक वृद्धि के लिए 10 दिवसीय निःशुल्क एवं आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण पूर्ण होने के उपरांत संबंधित ट्रेड के अनुरूप आधुनिक तकनीक पर आधारित उन्नत किस्म की टूल किट निःशुल्क वितरित की जाएगी। इसके साथ ही प्रशिक्षण अवधि के लिए प्रत्येक प्रशिक्षार्थी को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से ₹4,000 का मानदेय भी प्रदान किया जाएगा।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना में बढ़ई, नाई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, सोनार, टोकरी बुनकर, राजमिस्त्री, हलवाई, मोची एवं धोबी जैसे पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों को लाभान्वित किए जाने का प्रावधान है। योजना का प्रमुख उद्देश्य परंपरागत हुनर को आधुनिक तकनीक एवं बेहतर संसाधनों से जोड़कर कारीगरों की कार्यक्षमता, उत्पादकता एवं आय में वृद्धि करना तथा उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाना है।
उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय, उत्तर प्रदेश, कानपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद बलरामपुर को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत बढ़ई, नाई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, राजमिस्त्री, हलवाई, मोची एवं धोबी ट्रेड में भौतिक लक्ष्य प्रदान किया गया है। इसके माध्यम से जनपद के पात्र पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण एवं आधुनिक संसाधनों से जोड़ते हुए स्वरोजगार को और मजबूती प्रदान की जाएगी।
इसी क्रम में योजना के अंतर्गत हलवाई एवं धोबी ट्रेड के लिए ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के चयन हेतु साक्षात्कार आयोजित किया जाएगा। हलवाई ट्रेड के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 20 अगस्त 2026 तथा धोबी ट्रेड के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार 21 अगस्त 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे से कार्यालय जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केन्द्र, उतरौला रोड, धर्मपुर, बलरामपुर में आयोजित होगा।
उपायुक्त उद्योग ने संबंधित अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि, समय एवं स्थान पर अपने मूल दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर चयन प्रक्रिया में प्रतिभाग करने की अपील की है, जिससे पात्र कारीगर योजना के प्रशिक्षण, आधुनिक टूल किट एवं मानदेय सहित अन्य लाभों से लाभान्वित हो सकें।
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना पारंपरिक हुनर को संरक्षण देने के साथ ही कारीगरों को आधुनिक कौशल एवं संसाधनों से जोड़कर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। 

                हिन्दी संवाद न्यूज से
                  रिपोर्टर वी. संघर्ष
                     बलरामपुर। 

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