बलरामपुर- जिले का नाम रोशन करते हुए भगवतीगंज, बलरामपुर निवासी कृष गोयल ने 25 अगस्त, 2026 को मात्र 21 वर्ष की युवा आयु में कंपनी सेक्रेटरी (सीएस) की परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है। अब उन्हें सीएस कृष गोयल के नाम से जाना जाएगा।
सीएस कृष गोयल की शैक्षणिक यात्रा निरंतर उत्कृष्टता और समर्पण की कहानी है। उन्होंने अपनी नर्सरी से लेकर बारहवीं तक की स्कूली शिक्षा सेंट जेवियर्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, बलरामपुर (सीबीएसई बोर्ड, अंग्रेजी माध्यम) से पूरी की। कक्षा 11 में उन्होंने वाणिज्य संकाय (कॉमर्स स्ट्रीम) का चयन किया। अपनी नेतृत्व क्षमता और शैक्षणिक प्रतिभा के लिए उन्हें क्लास रिप्रेजेंटेटिव के रूप में नियुक्त किया गया था।
अपने शिक्षक अखिलेश तिवारी के कुशल मार्गदर्शन में उन्होंने कक्षा 12 में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और कॉमर्स स्ट्रीम में जिला टॉपर सूची में 10वां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने न केवल अपने स्कूल में टॉप किया, बल्कि वाणिज्य के तीन मुख्य विषयों - बिजनेस स्टडीज (बीएसटी), अकाउंटेंसी और इकोनॉमिक्स में 95-95 अंक प्राप्त किए।
स्कूली शिक्षा के बाद, उन्होंने बी.कॉम के लिए महारानी लाल कुंवरी स्नातकोत्तर महाविद्यालय (एमएलकेपीजी कॉलेज), बलरामपुर में प्रवेश लिया। उनकी स्नातक यात्रा का मार्गदर्शन विभागाध्यक्ष डॉ श्रीकृष्ण त्रिपाठी सर और डाॅ के के सिंह सर ने किया। बी.कॉम के पहले सेमेस्टर में उन्होंने अपनी कक्षा में टॉप किया और कॉलेज द्वारा पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया।
स्नातक के साथ-साथ उन्होंने कंपनी सेक्रेटरी की अपनी प्रोफेशनल यात्रा भी शुरू की। अपनी सीएस आर्टिकलशिप के लिए उन्होंने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) के रेगुलेटरी विभाग में ज्वाइन किया, जहाँ उनका प्रदर्शन अनुकरणीय रहा और उन्हें एमडी और सीईओ द्वारा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। अपने व्यावसायिक अनुभव में विविधता लाने के लिए, वे बाद में एक हाउसिंग फाइनेंस कंपनी से जुड़े और वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के साथ निकटता से कार्य कर रहे हैं।
इस सफलता के पीछे उनके परिवार का अटूट सहयोग है। उनके पिता श्री सुभाष चंद्र गोयल और माता श्रीमती मधु अग्रवाल मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक रूप से उनकी पूरी यात्रा में उनका आधार स्तंभ रहे हैं।
अपना आभार व्यक्त करते हुए सीएस कृष गोयल ने कहा, "आज मैं जो कुछ भी हूँ, वह मेरे माता-पिता, मेरे स्कूल के शिक्षकों, विशेषकर अखिलेश तिवारी सर और मेरे कॉलेज के मेंटर्स एवं विभागाध्यक्ष डाॅ श्रीकृष्ण त्रिपाठी सर और डाॅ के.के. सिंह सर की वजह से हूँ। शुरू से लेकर अंत तक उनके मार्गदर्शन ने मेरी इस यात्रा को आकार दिया है। मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा।" इसके साथ ही डॉ पी एन पाठक डॉ के पी मिश्रा डॉ पंकज कुमार श्रीवास्तव सर का भी मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहा मै उनके प्रति भी आभार व्यक्त करते हैं।
उनकी यह उपलब्धि बलरामपुर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है, जो यह साबित करती है कि फोकस, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से कम उम्र में भी सफलता हासिल की जा सकती है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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