बलरामपुर- अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम सेवा समर्पण संस्थान के तत्वावधान में शनिवार की देर शाम नवप्रवेशित बच्चों के लिए परिचयात्मक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान जहाँ नए छात्रावासी से परिचय प्राप्त किया गया वहीं कुछ वरिष्ठ समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया।
       कार्यक्रम का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी ज्योति राय, वरिष्ठ कोषागार अधिकारी कामेश्वर प्रसाद पटेल ,सरंक्षक प्रोo जे पी पाण्डेय व अध्यक्ष डॉ राजीव रंजन ने दीप प्रज्वलित करके किया। इस दौरान सुंदरकांड के पाठ का भी आयोजन हुआ। नवप्रवेशित छात्रावासियों से परिचय प्राप्त करते हुए अपर जिलाधिकारी ज्योति राय ने कहा कि स्वयं के सीमित संसाधनों के माध्यम से सुदूर, पिछड़े व वनवासी बच्चो के कल्याण के लिए संचालित यह छात्रावास अदभुद है। उन्होंने कहा कि हमारा पूरा प्रयास होगा कि जो भी सरकार द्वारा योजनायें संचालित की जा रही हैं उनका समुचित लाभ छात्रावास के बच्चों को मुहैया कराया जा सके। वरिष्ठ कोषाधिकारी पटेल ने  समिति के सभी सदस्यों के कार्य की सराहना की। सरंक्षक प्रो0 जे पी पाण्डेय ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मानवसेवा सबसे बड़ा धर्म है, इसलिए हम सभी को इस धर्म का पालन करना चाहिए। अध्यक्ष राजीव रंजन ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि वनवासी छात्रावास स्थापना का मुख्य उद्देश्य दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों के जनजातीय (आदिवासी) बच्चों को शिक्षा प्रदान करना, उनमें सांस्कृतिक और राष्ट्रीय संस्कार जागृत करना तथा उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने इसका विस्तृत आख्या प्रस्तुत की। इस दौरान अतिथियों के अतिरिक्त वरिष्ठ समाजसेवी श्रीराम पाण्डेय व मंगल बाबू को अंगवस्त्र भेंटकर सम्मानित किया गया। संचालन प्रचार प्रसार समिति के सदस्य लेफ्टिनेंट(डॉ) देवेन्द्र कुमार चौहान ने किया।
इस अवसर पर प्रोo दिव्य दर्शन तिवारी,रमेश पहवा, डॉ एम पी तिवारी,अजीत प्रताप सिंह,साधना श्रीवास्तव, रीना श्रीवास्तव, शैल सिंह, डॉ शालिनी सिंह,डॉ राजन सिंह,डॉ एस के त्रिपाठी, अखिलेश्वर तिवारी,राम कुमार मिश्र, वेदप्रकाश मिश्र ,सचिन जी सहित कई लोग मौजूद रहे।

                 हिन्दी संवाद न्यूज से
                  रिपोर्टर वी. संघर्ष
                    बलरामपुर। 

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