बलरामपुर- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलरामपुर के तत्वावधान में आयोजित विधि छात्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन गरिमामय वातावरण में हुआ। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विधि छात्रों को न्यायिक अधिकारियों द्वारा प्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों ने विधि छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें न्यायिक सेवा, अधिवक्ता व्यवसाय तथा विधिक सहायता के क्षेत्र में निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि विधि का उद्देश्य केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना भी है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को न्यायिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली, विधिक सेवा संस्थानों की भूमिका तथा व्यवहारिक विधि ज्ञान से परिचित कराते हैं, जिससे उनका व्यावसायिक एवं नैतिक विकास होता है।
प्रमाणपत्र वितरण कार्यक्रम में माननीय जनपद न्यायधीश उत्कर्ष चतुर्वेदी जी ,अपर सत्र न्यायाधीश अवधेश कुमार, अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) श्री सुमित प्रेमी, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी अनूप कुमार पांडे सहित अन्य न्यायिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन एवं मार्गदर्शन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव यशपाल वर्मा जी के निर्देशन में किया गया।कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता मोहित श्रीवास्तव जी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में विधि छात्र उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताते हुए न्यायिक अधिकारियों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ किया गया।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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