बलरामपुर- राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान (National Deworming Day) के सफल संचालन एवं शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 10 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान बच्चों के स्वास्थ्य एवं सर्वांगीण विकास से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवं जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों, इंटर कॉलेजों, मदरसों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों के शिक्षकों एवं संबंधित कार्मिकों का समय से प्रशिक्षण (ओरिएंटेशन) सुनिश्चित कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित ढंग से कृमिनाशक दवा खिलाई जा सके।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 10 अगस्त 2026 को जनपद के सभी सरकारी विद्यालयों, सहायता प्राप्त विद्यालयों, निजी विद्यालयों, इंटर कॉलेजों, मदरसों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों पर 1 वर्ष से 19 वर्ष तक की आयु के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को पेट के कीड़ों से बचाव हेतु एल्बेंडाजोल (कृमिनाशक) की दवा खिलाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि पेट में कृमि होने से बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे कुपोषण, एनीमिया, कमजोरी, पढ़ाई में ध्यान न लगना तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति अभियान का उद्देश्य बच्चों को इन समस्याओं से बचाकर उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कार्य करना है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जनपद में 15,15,800 बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग सहित सभी संबंधित विभागों के समन्वय से व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। दवा की उपलब्धता, प्रशिक्षण, माइक्रोप्लान तथा निगरानी व्यवस्था को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिक से अधिक अभिभावकों को जागरूक किया जाए, जिससे सभी पात्र बच्चे अभियान का लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रत्येक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र पर दवा खिलाने की प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री हिमांशु गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, नोडल अधिकारी डॉ. बी.पी. सिंह, डीईआईसी मैनेजर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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