अम्बेडकरनगर। मालीपुर थाना क्षेत्र के कंदीपुर गांव में एक गरीब महिला का आशियाना प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। गांव निवासी शीला देवी ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि उनकी निजी भूमि पर चल रहे मकान निर्माण कार्य को बिना किसी सक्षम राजस्व अधिकारी द्वारा मौके का निरीक्षण किए ही रुकवा दिया गया। पीड़िता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।

पीड़िता का कहना है कि वह अपनी निजी भूमि पर मकान निर्माण करा रही हैं तथा सरकारी रास्ते को पूरी तरह सुरक्षित छोड़ा गया है। इसके बावजूद कुछ लोगों की शिकायत के आधार पर बिना स्थलीय सत्यापन एकतरफा रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई और निर्माण कार्य रोक दिया गया। हैरानी की बात यह है कि अब तक किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखने तक की जरूरत नहीं समझी।

शीला देवी के अनुसार निर्माण कार्य रुकने से उनका परिवार भारी आर्थिक संकट में आ गया है। बरसात का मौसम शुरू हो चुका है और खुले में पड़ी निर्माण सामग्री खराब होने की कगार पर है। पीड़िता ने सवाल उठाया कि आखिर बिना जांच और बिना सत्यापन किसी गरीब महिला को अपना घर बनाने से कैसे रोका जा सकता है?

ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर ले तो सच्चाई स्वतः सामने आ जाएगी। गांव के कई लोगों ने लिखित रूप से यह भी बताया है कि सरकारी रास्ते पर किसी प्रकार का अवरोध नहीं है और किसी ग्रामीण को आवागमन में कोई समस्या नहीं हो रही है। इसके बावजूद निर्माण कार्य रुका होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि सक्षम अधिकारी मौके पर पहुंचकर निष्पक्ष जांच करें। यदि निर्माण सरकारी भूमि पर पाया जाए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए, लेकिन यदि निर्माण निजी भूमि पर पाया जाता है तो उन्हें तत्काल न्याय दिलाया जाए तथा गलत सूचना देकर कार्रवाई कराने वालों के विरुद्ध भी उचित कानूनी कदम उठाए जाएं।

मामला अब केवल एक मकान निर्माण का नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के अधिकारों और प्रशासनिक पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बिना जांच गरीबों के निर्माण कार्य रोके जाने लगे तो आमजन का प्रशासन पर विश्वास कमजोर होगा।

पीड़िता ने मुख्यमंत्री से भी मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच एवं दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई कराने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन एक गरीब महिला को न्याय दिलाता है या वह अपने ही घर के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर होती रहेगी।

Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने