उतरौला बलरामपुर - गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क की गई सपा के पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी की सम्पत्तियों को अवमुक्त करने की प्रक्रिया के क्रम में पिड़िया बुजुर्ग में स्थित16.5 बीघा भूमि को प्रशासन ने अवमुक्त कर दिया। तहसीलदार उतरौला वीरेन्द्र प्रताप यादव और थाना अध्यक्ष गैंड़ास बुजुर्ग राना प्रताप सिंह के नेतृत्व में पहुंची संयुक्त राजस्व एवं पुलिस टीम ने मौके पर भौतिक सत्यापन करते हुए पूर्व विधायक के पुत्र डॉक्टर कासिम अनवर हाशमी को आवश्यक अभिलेख को सौंप दिये। इसके पूर्व माननीय उच्च न्यायालय एवं न्याया लय के आदेशों के अनुपालन में पूर्व विधायक की सम्पत्ति कुर्क की गई वाहनों, वाणिज्यिक भवनों, स्कूल-कॉलेज तथा उतरौला क्षेत्र में स्थित भूमि को अवमुक्त किया जा चुका है। गैंड़ास बुजुर्ग क्षेत्र में स्थित शेष बची हुई भूमि को भी अब अवमुक्त कर दिया गया है। वर्तमान में केवल थाना रेहरा बाजार क्षेत्र की भूमि का भौतिक सत्यापन एवं सुपुर्दगी की कार्यवाही शेष रह गई है। लगभग छः वर्षों से चल रही न्यायिक प्रक्रिया के बाद मामले में पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी को बड़ी राहत मिल गई है। अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या-06, बलरामपुर ने 12 फरवरी 2026 को पारित आदेश में वर्ष 2020 से लेकर 2023 के बीच विभिन्न तिथियों पर जारी सभी कुर्की आदेशों को निरस्त करते हुए पूर्व विधायक और उनके पारिवारिक सदस्यों को सम्पत्तियो का कब्जा दिलाने का निर्देश भी दिया था। यह आदेश 18 नवम्बर 2025 को माननीय उच्च न्याया लय के द्वारा आवेदन संख्या 3056/2023, आरिफ अनवर हाशमी एवं अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में पारित आदेश के आलोक में दिया गया है।न्यायालय के निर्देश के बाद जिला धिकारी ने 12 मई 2026 को सम्पत्तियो को मुक्त करने का अन्तिम आदेश जारी किया गया है। इसके अनुपालन में उपजिला धिकारी उतरौलामनोज कुमार सरोज ने सादुल्लाह नगर क्षेत्र की सम्पत्तियो के लिए तहसीलदार वीरेन्द्र प्रता प यादव तथा उतरौला क्षेत्र की सम्पत्तियो के लिए नायब तहसीलदार प्रतिमा मौर्या कोनामित किया गया था। इसके बाद विभिन्न चरणों में सम्पत्तियो का भौतिक सत्यापन कर उन्हें सम्बन्धित पक्ष को सुपुर्द किया जा चुका है। मामला थाना सादुल्लाह नगर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 156/2020 से सम्बन्धित है। इस प्रकरण में गैंगस्टर एक्ट की धारा 2 (1) एवं 14 (1) के तहत वर्ष 20 20 से लेकर 2023 के बीच अलग-अलग आदे शों के माध्यम से पूर्व विधायक और उनके परिवार की कई सम्पत्तिया कुर्क की गई थीं। उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप और उसके बाद न्यायालय के आदे श के चलते अब सभी सम्पत्तियां अवमुक्त किए जाने की प्रक्रिया अन्तिम चरण में पहुंच गई है। इस मौके पर तहसीलदार वीरेन्द्र प्रताप यादव ने बताया कि न्यायालय के आदे श के अनुपालन के क्रम में पूर्व विधायक की सभी सम्पत्तियो को अवमुक्त किया जाचुका है। वर्तमान कार्यवाही केवल भौतिक सत्या पन एवं सुपुर्दगी की प्रक्रिया का हिस्सा है।

             हिन्दी संवाद न्यूज से
            असगर अली की खबर
              उतरौला बलरामपुर। 

Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने