मुख्यमंत्री ने अग्नि सुरक्षा के सम्बन्ध में समीक्षा की

अलीगंज, लखनऊ में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना प्रदेश के लिए एक
बड़ा सबक, भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो : मुख्यमंत्री

प्रदेश भर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाया
जाए, अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए

सभी जनपदों में अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, कोचिंग
संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों
की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए

आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए,
निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी

किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य
व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए

आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, संकट
में राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे

जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल
कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय

लखनऊ : 23 जून, 2026

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने लखनऊ के अलीगंज में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को प्रदेश के लिए एक बड़ा सबक बताते हुए कहा कि इस पीड़ादायक घटना से सीख लेते हुए यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इसके लिए शासन, प्रशासन और आमजन को मिलकर अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।
मुख्यमंत्री जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अग्नि सुरक्षा के सम्बन्ध में समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश भर में मिशन मोड में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेज, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच कर आवश्यक सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया कि यह अभियान पूरी तरह जनहित में संचालित किया जाएगा। पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, इसके बाद नियमानुसार कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जनपद में विशेष टीम गठित कर फायर ऑडिट अभियान संचालित किया जाए। सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एन0ओ0सी0) भवन परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, जिसके लिए उसे स्वीकृति प्रदान की गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए तथा निर्धारित उपयोग के विपरीत किसी भी प्रकार की गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग अथवा अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन न होने पाए। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां विद्युत भार निर्धारित मानकों के विपरीत पाया जाए अथवा अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा हो, वहां तत्काल नियमानुसार कठोरतम कार्यवाही की जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री जी ने बीते दिनों लखनऊ में घटित आग लगने की दुर्घटना के सम्बन्ध में अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक, महानिदेशक अग्निशमन सेवा, अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य तथा एस0डी0आर0एफ0 के अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने घटना की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन दल, एम्बुलेंस और एस0डी0आर0एफ0 की टीमों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, संकट की परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी ढंग से संचालित किए जा सकेंगे। उन्होंने सभी सम्बन्धित एजेंसियों को अपने रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के लिए आवश्यक कदम उठाने तथा उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बैठक में बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्यों के लिए 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों, सरकारी एवं निजी अस्पतालों तथा अन्य स्वास्थ्य संस्थानों की फायर सेफ्टी ऑडिट प्राथमिकता के आधार पर करायी जाए।
मुख्यमंत्री जी ने हाल ही में नई दिल्ली में हुई अग्नि दुर्घटना का उल्लेख करते हुए प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अग्निशमन विभाग को और अधिक सक्षम बनाने के लिए जिन आधुनिक उपकरणों, संसाधनों एवं तकनीकी सुविधाओं की आवश्यकता हो, उनकी उपलब्धता में किसी प्रकार का विलम्ब न किया जाए।
बैठक में मुख्यमंत्री जी को महानिदेशक अग्निशमन सेवा ने अवगत कराया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केन्द्र संचालित हैं। 26 नए अग्निशमन केन्द्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, जबकि 25 केन्द्रों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त 47 नए केन्द्रों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी ने शेष तहसीलों में भी अग्निशमन सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करते हुए प्रदेश में सुरक्षित एवं उत्तरदायी व्यवस्था सुनिश्चित करें।
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