लखनऊ : 19 जून, 2026 :ः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी आज मणिराम दास छावनी, अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज के जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित श्रीराम कथा के शुभारम्भ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीगोरक्षपीठ की ओर से उनके स्वस्थ और दीर्घ जीवन की कामना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अयोध्या की अपनी महिमा है। देश और दुनिया आज दिव्य एवं भव्य अयोध्या को देख रही है। आज से 10 वर्ष पहले अयोध्या कैसी थी और आज कैसी है, यह अंतर लोगों को साफ दिखाई दे रहा है। आज से नौ वर्ष पहले अयोध्या की सड़कें बहुत संकरी थी। झूलते हुए तार, गंदगी का अंबार, कोई पुरसा हाल नहीं था। राम जी की पेड़ी सुनसान पड़ी रहती थी।
प्रभु श्रीराम की कृपा से अयोध्या धाम के कारण उत्तर प्रदेश का सम्मान पूरे देश और दुनिया में बढ़ा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में भारत अच्छी दिशा में आगे बढ़ा है। षड्यंत्रकारियों की नींद हराम हुई है। फिर षड्यंत्रकारियों ने षड््यंत्र करने प्रारम्भ कर दिए हैं। वही साजिश फिर से प्रारम्भ हो गई है। जो लोग कभी अयोध्या में भगवान रामलला का दर्शन करने नहीं आए वे आज राम भक्ति की बात कर रहे हैं। सुनियोजित तरीके से अयोध्या धाम को बदनाम करने, श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर पर उंगली उठाने और पूरी परम्परा को कोसने का कार्य कर रहे हैं।
जिन लोगों के शासन काल में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर ही, जिन लोगों ने प्रश्न खड़े किए थे, जो लोग बोलते थे कि श्रीराम तो है ही नहीं तो भगवान श्रीराम के अस्तित्व को मिथक मानते थे, उच्चतम न्यायालय में एफिडेविट दाखिल करते थे, वे आज अयोध्या में राम भक्ति की बात कर रहे हैं। जो लोग राम भक्तों पर गोली चलाते थे, जय श्री राम बोलने पर लाठी डंडा चलाते थे, वे आज राम भक्ति की दुहाई दे रहे हैं। इन दोहरे आचरण वालों से सावधान होने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि यह जो गौरव मिल रहा है, जो सम्मान मिल रहा है, प्रभु का जो यह सान्निध्य प्राप्त हो रहा है, हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है कि हम सब ने देखा है, अन्यथा पीढ़ियां चली गईं। यह हमारा सौभाग्य है कि हम सब अपने इन भौतिक चक्षुओं से श्रीरामलला के दर्शन कर पा रहे हैं। इन षड्यंत्रों में पड़ने की आवश्यकता नहीं। प्रभु के भक्त हैं। प्रभु की मर्यादा का ध्यान भी रखें। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने पिता की आज्ञा का उल्लंघन नहीं होने दिया। मर्यादापूर्वक 14 वर्षोंं का वनवास स्वीकार किया।
भावी रामराज्य की स्थापना के लिए 500 वर्षोंं तक हमारी पीढ़ियों ने पूर्वजों ने इंतजार किया, संघर्ष किया तब ये दिन आए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के अनुरोध पर राज्य सरकार ने एक एस0आई0टी0 गठित की है। 500 वर्षों इंतजार किया, 15 दिन इंतजार नहीं कर सकते। हमें इंतजार करना चाहिए। किसी के षड्यंत्र में नहीं पड़ना चाहिए। जो लोग आकर के आज ये दिखाने का प्रयास कर रहे हैं कि वे ही ज्यादा राम भक्त हैं, वे राम भक्त कभी नहीं थे। आगे भी नहीं होंगे। वैसे ही वे लोग हैं जैसे कभी कालनेमी ढोंग करता था।
मुख्यमंत्री जी ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि एस0आई0टी0 दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी। अगर किसी के पास प्रमाण है, तो एस0आई0टी0 को दीजिए, सार्वजनिक मत करिए। प्रमाण और जिम्मेदारी के साथ लोग अपनी बात कहें। अनावश्यक रूप से टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। हर एक व्यक्ति की एक मर्यादा होती है। अयोध्या की पहचान प्रभु श्रीराम की मर्यादा से है। काशी की पहचान भगवान शंकर की जीवंतता से है। मथुरा-वृंदावन की पहचान कृष्ण कन्हैया की भक्ति से है। प्रयागराज की पहचान सनातन की समरसता से है। हमें इनको खोने नहीं देना है और किसी को इसके साथ खिलवाड़ नहीं करने देना है।
यह वही लोग हैं जब इनको अवसर मिलता था तब ये कुंभ पर उंगली उठाते थे। कहते थे कुंभ में भेदभाव होता है। संगम पर संत भी स्नान करते हैं और सफाई कर्मी भी स्नान करते हैं। उस सनातन धर्म पर ये उंगली उठाते थे प्रयागराज में। सत्ता में रहकर के उस प्रयागराज के बारे में इन लोगों ने कुंभ के आयोजन को भगदड़ का अव्यवस्था का लूट खसोट का अड्डा बना दिया था। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में यह लोग विरोध कर रहे थे और आज भी यह लोग कीचड़ उछालने का काम कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने आजम खान को कुम्भ का प्रभारी बनाया था। जो भारत माता को गाली देता हो, वो आपका हितेषी कैसे होगा। इसलिए यह समय सतर्कता और सावधानी का है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जब आपने डबल इंजन की सरकार को चुना है, तो मान के चलिए कि अच्छा होगा। जो भी होगा अच्छा होगा। जो भी होगा भारत के हित में जो होगा सनातन धर्म के हित में जो होगा वही होगा। यह सरकार वो नहीं है, जो धन के निमित्त धर्म को त्यागती है। यह सरकार तो वह है जो धर्म के लिए और देश के लिए सब कुछ करेगी। उसके हित के लिए सब कुछ करेगी। सनातन धर्म के संरक्षण के लिए सब कुछ करेगी। इन संतों ने अपना पूर्व जीवन इसी कार्य के लिए समर्पित किया। इनका पूरा जीवन उसके लिए समर्पित हुआ। पूज्य महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज का श्रीराम जन्मभूमि के लिए संघर्ष अविस्मरणीय है। भगवान राम का भव्य मंदिर बनने से उनका संकल्प पूर्ण हुआ है। खरीदने वाले लोग उस समय भी थे। लेकिन हमारा संत समाज कभी बिका नहीं। धन के निमित्त धर्म नहीं त्यागा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज की अयोध्या पर हर व्यक्ति गौरव की अनुभूति करता है, किन्तु कुछ लोगों द्वारा कैसे-कैसे टिप्पणी हो रही हैं। जो लोग 12 बजे सो कर उठते हैं, यह लोग क्या समझेंगे तीर्थों की महिमा। सनातन धर्म के महत्व को ये लोग नहीं समझ पाएंगे। जीवन भर भोग में मस्त रहने वाले लोग योग के महत्व को नहीं समझ पाएंगे। योग के महत्व को नहीं समझ पाएंगे। इनसे कोई उम्मीद मत करना।

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